Home राज्यDelhi दिल्ली में बाइकर की मौत पर बवाल! परिवार ने जमकर विरोध प्रदर्शन; न्याय और मुआवजे की मांग

दिल्ली में बाइकर की मौत पर बवाल! परिवार ने जमकर विरोध प्रदर्शन; न्याय और मुआवजे की मांग

by Sachin Kumar
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Delhi biker death Family protests Janakpuri

Delhi News: दिल्ली के जनकपुरी इलाके में एक बाइक सवार की मौत का मामला गरमा हुआ है. प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की कि पीड़ितों को मुआवजा और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए.

Delhi News: दिल्ली जल बोर्ड के खोदे गए गड्ढे में बीते दिनों पहले गिरने से एक 25 वर्षीय व्यक्ति की हो गई थी. इस मामले को लेकर परिवार के सदस्यों ने रविवार को पश्चिमी दिल्ली के जनकपुरी में घटनास्थल पर न्याय, मुआवजा और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. साथ ही परिजनों ने जमकर विरोध प्रदर्शन भी किया. बता दें कि 5-6 फरवरी की रात को एक बैंक कर्मचारी कमल धानी करीब 15 फीट गड्ढे में गिर गया और उसकी मौत हो गई. इसी बीच उनके परिवार वालों ने आरोप लगाया कि खुदाई वाली जगह पर कोई भी सुरक्षा के पुख्ता के इंतजाम के लिए बैरिकेड तक नहीं लगाए गए थे.

कोर्ट में पुलिस ने बताई पूरी वजह

वहीं, बाइक सवार व्यक्ति की मौत मामले में दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि इस मामले में गिरफ्तार मजदूर योगेश को घटना के बाद सड़क पर बैरिकेड और पर्दे लगाकर घटनास्थल को कवर करते हुए CCTV फुटेज में देखा गया है. दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को यह भी बताया कि DJB ठेकेदार ने चेतावनी बोर्ड और बैरिकेड जैसे कोई सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए थे. जस्टिस मजिस्ट्रेट हरजोत सिंह औजला ने मामले में जांच से मामले की डिटेल में रिपोर्ट जमा करने के लिए कहा है. पुलिस ने बताया कि जांच जब की गई तो उसमें पता चला कि ठेकेदार और उसके मजदूरों के आसपास कोई एहतियाती करने के लिए कोई चीज नहीं थी. यही वजह रही कि बाइक सवार गड्ढे में गिर गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई.

सरकारी नौकरी देने की मांग की

मृतक के चाचा ने बताया कि हम कोई अपनी राय नहीं दे रहे हैं बल्कि यह हमारी मांग है. एक 25 साल के नौजवान की जान चली गई है और परिवार को न्याय मिलना चाहिए. इसके अलावा उन्होंने सरकारी लापरवाही का आरोप भी लगाया और कहा कि मरने वाला परिवार का अकेले कमाने वाला सदस्य था. उन्होंने कहा कि सरकार की लापरवाही के कारण उसकी मौत हुई है. साथ ही परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देनी चाहिए.

लापरवाही का है मामला

वहां, मौजूद एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि परिवार को अब तक कोई भरोसा नहीं दिया गया है. उन्होने कहा कि हम सिर्फ लड़के के लिए इंसाफ चाहते हैं और इस मामले में प्रशासन को अपनी जिम्मेदारी लेनी चाहिे. उत्तराखंड के एक माइग्रेंट ऑर्गनाइजेशन के रिप्रेजेंटेटिव गोपाल सिंह ने दावा किया कि समय पर जवाब मिलने से लड़के की जान बच सकती थी. उन्होंने कहा कि अगर पुलिस और मेडिकल हेल्प समय पर पहुंच जाती है, तो उसकी जान बच सकती थी. यह बहुत बड़ी लापरवाही का मामला है.

यह भी पढ़ें- संसद में कुत्ता लाने पर फंसीं रेणुका चौधरी, विशेषाधिकार समिति ने भेजा नोटिस, 23 फरवरी तक देना है जवाब

News Source: Press Trust of India (PTI)

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