Home Top News क्या सच में यूरोप में ‘सभ्यता खत्म होने वाली’ है? US ने क्यों किया ऐसा दावा; अब EU ने दिया जवाब

क्या सच में यूरोप में ‘सभ्यता खत्म होने वाली’ है? US ने क्यों किया ऐसा दावा; अब EU ने दिया जवाब

by Sachin Kumar
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​Europeans US over claim face civilisational erasure

European Culture : यूरोप पर अमेरिका ने सवाल खड़ा किया था कि वहां पर सभ्यता खत्म होने जा रही है. इस पर यूरोपियन यूनियन ने जवाब दिया और कहा कि वह लोग बिल्कुल गलत हैं.

European Culture : यूरोप पर अकसर ये सवाल खड़ा होता रहता है कि वहां पर सभ्यता का अंत होने वाला है. हालांकि, यूरोपीय लीडर इस बयान को बेतुका बताते रहे हैं और कहते हैं कि यहां की जीवन पद्धति को पूरी दुनिया एक्सेप्ट करती है ऐसे में इस कल्चर का खत्म होना एक बेईमानी है. इसी बीच यूरोपियन यूनियन के एक टॉप अधिकारी ने रविवार को इस बात को सिरे से खारिज कर दिया कि यूरोप की सभ्यता खत्म होने का सामना कर रही है. EU फॉरेन पॉलिसी चीफ काजा कैलास ने दिसंबर में जारी US नेशनल सिक्योरिटी स्ट्रैटेजी में आलोचना का जवाब दिया, जिसमें कहा गया था कि यूरोप में आर्थिक ठहराव सभ्यता के खत्म होने की वजह से हुआ है.

इन मामलों पर US ने खड़े किए सवाल

US नेशनल सिक्योरिटी स्ट्रैटेजी ने अपने बयान में कहा था कि आज के समय में यूरोप अपनी इमिग्रेशन पॉलिसी, घटती जन्म दर, बोलने की आजादी पर सेंसरशिप और राजनीतिक विरोध को दबाने, राष्ट्रीय पहचान और आत्मविश्वास कम होने की वजह से डगमगा रहा है. इस पर कैलास ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कुछ लोग कहते हैं कि यूरोप सभ्यता के खत्म होने का सामना कर रहा है, वह लोग बिल्कुल गलत हैं. उन्होंने आगे कहा कि असल में दुनिया भर के लोग आज भी हमारे क्लब में शामिल होना चाहते हैं. कैलास ने बताया कि पिछले साल जब वह कनाडा की यात्रा पर गए थे उस दौरान वहां बहुत से लोगों ने EU में शामिल होने की दिलचस्पी दिखाई थी.

हम यूरोप के साथ खड़ें रहेंगे : EU

EU फॉरेन पॉलिसी चीफ ने बताया कि यूरोप इंसानियत को आगे बढ़ा रहा हैं, हम ह्यूमन राइट्स की रक्षा करने की कोशिश कर रहे हैं और हम यूरोप के साथ हमेशा खड़े रहेंगे. उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि ट्रंप प्रशासन माइग्रेशन, ट्रेड और क्लाइमेट जैसे मुद्दों पर अपनी बात पर अड़ा हुआ है. यूरोपियन अधिकारियों ने कहा कि वह अपनी मांग पर अड़े रहेंगे, जिसमें मुख्य रूप से फ्री स्पीच, क्लाइमेट चेंज और फ्रीड ट्रेड मुद्दे शामिल हैं.

विभिन्न समाजों की रक्षा करनी चाहिए

वहीं, ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने शनिवार को कहा कि यूरोप को हमारे जीवंत, आजाद और विभिन्न समाजों की रक्षा करनी चाहिए. खास कर उन लोगों को जो एक-दूसरे अलग दिखते हैं और एक-दूसरे के साथ शांति से रह सकते हैं. उन्होंने आगे कहा कि यही समय चीजें हमको मजबूत बनाने का काम करेगी. इस पर कैलास ने कहा कि यह साफ है कि हम सभी मुद्दों पर एकमत नहीं हैं और यह स्थिति आगे भी बनी रहेगी, लेकिन हमको लगता है कि इसके बाद भी हम एक साथ काम करते रहेंगे.

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News Source: Press Trust of India (PTI)

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