AI Impact Summit 2026 : नई दिल्ली में इंडिया AI एमपेक्ट समिट 2026 की शुरुआत हो गई है. इस इवेंट में दुनियाभर के 20 देशों के राष्ट्राध्यक्ष और दिग्गज AI कंपनियों के CEO शामिल हो रहे हैं.
AI Impact Summit 2026 : इंडिया AI एमपेक्ट समिट 2026 की शुरुआत हो गई है. 16 से 20 फरवरी तक आयोजित होने वाली इस समिट का आगा AI एक्सपो के आयोजन से हो गई है. प्रधानमंत्री मोदीं ने EXPO का उदघाटन कर समिट की शुरुआत कर दी है. 5 दिनों चलने वाले इस समिट में दुनिया भर से करीब 65 देश शामिल हो रहे हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उद्घाटन के साथ ही नई दिल्ली में AI का महाकुंभ शुरू हो गया है. इस इवेंट में दुनियाभर के 20 देशों के राष्ट्राध्यक्ष और दिग्गज AI कंपनियों के CEO शामिल हो रहे हैं. समिट का आगाज पीएम मोदी के AI इम्पैक्ट एक्सपो के उद्घाटन के साथ ही शुरु हो गया है. इस दौरान 300 से अधिक एग्जिबिशन लगाए गए हैं. इस समिट का मकसद AI ईकोसिस्टम पर चर्चा करना, उसके प्रभाव और फायदों को जानना है. साथ ही आने वाले खतरों को कम करने के प्रयास पर भी चर्चा होगी. समिट के दौरान रोजगार को लेकर भी चर्चा होगी. लंबे समय से कई CEO और AI रिसर्चर द्वारा अलग-अलग प्रभाव और नौकरियों पर आने वाले खतरों की बात कही गई है. इसके अलावा ये भी चर्चा होगी कि AI भविष्य में कैसी नौकरियों को जनरेट करेगा.
सरकार कर सकती है AI प्लेटफॉर्म लॉन्च
उम्मीद की जा रही है कि समिट के दौरान सरकार एक पब्लिक AI प्लेटफॉर्म लॉन्च कर सकती है. कयास लगाए जा रहे हैं कि ये प्लेटफॉर्म UPI जैसा साझा सिस्टम होगा, जहां स्टार्टअप और शोधकर्ता आसानी से डेटा, कंप्यूटर पावर और जरूरी टूल्स पा सकेंगे. इससे छोटे इनोवेटर्स को बड़ा फायदा मिल सकता है. समिट में डेटा सेंटर और इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने पर चर्चा हो सकती है। समिट में सरकार डेटा सेंटर के लिए टैक्स छूट या नई प्रोत्साहन योजनाओं का ऐलान कर सकती है. इससे भारत में बड़े स्तर पर AI इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होगा और विदेशी निवेश भी बढ़ सकता है.
युवाओं को ट्रेनिंग के लिए आ सकती है नई योजनाएं
स्किल डेवलपमेंट और नौकरिया जुटाने पर केंद्र सरकार का हो सकता है फोकस. AI से जुड़ी नौकरियों के लिए युवाओं को ट्रेनिंग देने की नई योजनाएं आ सकती हैं. कॉलेजों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए नए कोर्स शुरू हो सकते हैं, ताकि छात्र भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार हों। ग्लोबल साझेदारी और रिसर्च बढ़ाने के लिये भारत कई देशों के साथ AI रिसर्च और सुरक्षित AI सिस्टम पर समझौते कर सकता है. इससे भारत की भूमिका वैश्विक स्तर पर मजबूत होगी.
40 से ज्यादा देशों के आएंगे विजिटर्स
इससे पहले NPCI ने इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 में विदेशी डेलीगेट्स के लिए ‘UPI वन वर्ल्ड’ वॉलेट सर्विस को लॉन्च किया है. यह एक पायलट इनिशिएटिव है, जो 16 से 20 फरवरी तक समिट में हिस्सा लेने वाले 40 से ज्यादा देशों के विजिटर्स के लिए उपलब्ध होगा. वहीं, ‘भारतजेन’ पहल के तहत विकसित ‘परम-2’ भारत के अपने स्वयं के संप्रभु मूलभूत AI मॉडल बनाने के प्रयासों का प्रतिनिधित्व करता है. खास तौर पर भारत की भाषाओं, प्रशासनिक जरूरतों और सांस्कृतिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. भारतजेन विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) द्वारा समर्थित भारत की राष्ट्रीय जनरेटिव AI पहल है.
इसके अलावा समिट में खेती, हेल्थ और शिक्षा में AI के बेहतर इस्तेमाल पर सरकार चर्चा करेगी. सरकार बता सकती है कि AI का इस्तेमाल खेती, अस्पतालों और स्कूलों में कैसे किया जाएगा. इससे किसानों को सही सलाह, मरीजों को बेहतर इलाज और छात्रों को बेहतर पढ़ाई मिल सकती है. इन सब से अलग AI for ALL, AI by HER और YUVAi जैसी पहल के जरिए युवाओं और महिलाओं को आगे बढ़ाने की योजनाएं आ सकती हैं. सरकार फंड या इनक्यूबेशन सपोर्ट की घोषणा कर सकती है यानी यह समिट सिर्फ चर्चा का मंच नहीं होगा. यहां से भारत की AI नीति और भविष्य की दिशा तय हो सकती है. अगर बड़ी घोषणाएं होती हैं, तो भारत टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में और मजबूत बन सकता है.
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