Iran-Israel War : खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने हमला करने जारी रखा है और उसने हमलों को पहले मुकाबले काफी बढ़ा दिया है. इजराइल के हाइफा में मिसाइल से काफी हमले किए हैं जिसमें इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान पहुंचा है.
Iran-Israel War : सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि वह जुल्म करने वाले पर रहम नहीं करेगा. इसी बीच तेहरान ने देश में 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक और 7 दिनों का सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है. इजराइल और अमेरिका के शुरुआती हमलों में ईरानी सरकार ने खामेनेई की मौत को खारिज कर दिया था. हालांकि, इसके बाद उसकी सरकारी मीडिया ने मौत की पुष्टि कर दी. इसी बीच ईरान ने भी कमर कस ली है और वह इजराइल समेत मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर हमला कर रहा है. इसके अलावा खतम अल-अनबिया का हेडक्वार्टर से कहा गया है कि ईरान अमेरिका के सामने कभी घुटने नहीं टेकेगा.
ट्रंप ने की बड़े पैमाने पर हमले करने की चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि वह जल्द ही बड़े स्तर पर सैन्य अभियान शुरू करेंगे. साथ ही उन्होंने ईरानी जनता से कहा कि जब हम अपना काम पूरा कर लेंगे तो तुम सत्ता पर कब्जा कर लेना. वह आपके देश की बागडोर आपके हाथ में ले लेना. उन्होंने आगे कहा कि यह सदियों बाद आपकी पीढ़ी के पास मौका है कि आप लोग सत्ता पर अपना नेता काबिज करो. आप लोग कई सालों से मदद मांगते रहे हो लेकिन हमेशा आप लोग वंचित रह गए. लेकिन जल्द ही इसे भी पूरा कर लिया जाएगा.
ईरान का मकसद इजराइल को खत्म करना : IDF
इजराइल डिफेंस फोर्स (IDF) का कहना है कि ईरानी सरकार का प्लान इजराइल को खत्म करने का है. अभी तक सरकार हर महीने दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइलें बनाती हैं और उसकी रिकवरी रफ्तार में भी काफी तेजी आई है. साथ ही साल 2027 तक इसको 8 हजार मिसाइलों तक पहुंचाना है. इसके अलावा अंडरग्राउंड प्रोडक्शन इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में काफी कोशिश भी कर रही है. IDF ने कहा कि एक ऐसी सरकार के पास मिसाइल होना उसके वजूद के लिए सबसे बड़ा खतरा है और जब वह इजराइल को खतरे में डालना चाहता हो.
UNSC में बुलाई गई बैठक
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुतारेस ने ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमले को लेकर शनिवार को कड़ी निंदा की. साथ ही पूरी दुनिया को संकट से निकालने के लिए फिर से बातचीत शुरू करने की सलाह दी है. UNSC महासचिव ने इमरजेंसी बैठक में कहा कि स्थिति को बिगाड़ने से बचने के लिए प्रयास किया जाना चाहिए. बता दे कि ईरान संघर्ष की वजह से भारत को तेल कीमतों पर बड़ा उतार चढ़ाव देखने को मिल रहा है. हालांकि, अभी तक देश को तेल आपूर्ति को लेकर किसी भी संकट का सामना नहीं करना पड़ा है. इसी बीच होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास काफी तनाव बढ़ गया है. ओमान के तट पर पहुंचने वाले तेल टैंकर पर ईरान ने हमला कर दिया था.
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