Naxalite Encounter: छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में सुरक्षाकर्मियों के साथ मुठभेड़ में 5 लाख रुपये का इनामी नक्सली मारा गया. मुठभेड़ रात गीदम पुलिस थाना क्षेत्र के जंगली पहाड़ियों में हुई.
Naxalite Encounter: छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में सुरक्षाकर्मियों के साथ मुठभेड़ में 5 लाख रुपये का इनामी नक्सली मारा गया. दंतेवाड़ा के पुलिस अधीक्षक गौरव राय ने बताया कि मुठभेड़ बुधवार की रात गीदम पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत जंगली पहाड़ियों में हुई, जब राज्य पुलिस की दोनों इकाइयां, जिला रिजर्व गार्ड और बस्तर फाइटर्स की एक संयुक्त टीम नक्सल विरोधी अभियान पर निकली थी. पुलिस को 3 मार्च को इनपुट मिला कि बीजापुर जिले की सीमा से लगे गीदम क्षेत्र के गुमलनार, गिरसापारा और नेलगोड़ा गांवों के बीच जंगली पहाड़ी क्षेत्र में नक्सली कथित तौर पर हथियार और अन्य सामग्री छिपा रहे हैं. उन्होंने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर ऑपरेशन शुरू किया गया.
बुर्जी गांव का निवासी था मारा गया नक्सली
पुलिस अधीक्षक गौरव राय ने बताया कि जब गश्ती दल जंगल की पहाड़ियों की घेराबंदी कर रहा था, तभी माओवादी संगठन की भैरमगढ़ एरिया कमेटी के 8-10 नक्सलियों ने अपने स्वचालित हथियारों से अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी, जिससे मुठभेड़ शुरू हो गई. घने जंगल, पहाड़ी इलाके और अंधेरे का फायदा उठाकर ज्यादातर नक्सली मौके से भागने में सफल रहे. पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मुठभेड़ स्थल की तलाशी के दौरान हथियार और गोला-बारूद के साथ एक नक्सली का शव बरामद किया गया. राय ने कहा कि मारे गए नक्सली की पहचान बीजापुर जिले के गंगालूर पुलिस थाना क्षेत्र अंतर्गत बुर्जी गांव निवासी राजेश पुनेम के रूप में की गई है. पुनेम पर 5 लाख रुपये का इनाम था.
इलाके में तलाशी अभियान जारी
उन्होंने कहा कि बरामद सामग्री में एक सेल्फ लोडिंग राइफल, एक इंसास राइफल, एक मैगजीन के साथ एक पिस्तौल, एक वॉकी-टॉकी सेट, कई मैगजीन और एसएलआर, इंसास और पिस्तौल के जिंदा कारतूस के साथ खाली खोल शामिल हैं. पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इलाके में तलाशी अभियान जारी है. इस कार्रवाई के साथ इस साल अब तक छत्तीसगढ़ में अलग-अलग मुठभेड़ों में कम से कम 26 नक्सली मारे गए हैं. अधिकारियों के अनुसार, 3 जनवरी को बस्तर क्षेत्र में दो मुठभेड़ों में 14 माओवादी मारे गए, जिसमें दंतेवाड़ा सहित सात जिले शामिल हैं. पिछले साल छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ों में 285 विद्रोही मारे गए थे. केंद्र ने देश से वामपंथी उग्रवाद को खत्म करने के लिए इस साल 31 मार्च की समय सीमा तय की है.
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News Source: PTI
