Address to the Nation : लोकसभा में महिला रिजर्वेशन बिल गिरने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन दिया था. इस पर विपक्ष ने आपत्ति जताई और कहा कि इस संबोधन में विपक्ष की आलोचना है.
Address to the Nation : कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने लोकसभा स्पीकर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन नोटिस दिया है. इस नोटिस में उन्होंने आरोप लगाया कि संसद से महिलाओं के आरक्षण लागू करने वाले बिलों को खारिज किए जाने के बाद पीएम मोदी ने लांछन लगाए. साथ ही सांसदों के वोट देने के तरीके पर भी सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि यह जान-बूझकर किया गया उल्लंघन और सदन की अवमानना है. केसी वेणुगोपाल ने ओम बिरला से आग्रह किया कि वह इस मामले को जांच के लिए लोकसभा की विशेषाधिकार समिति को सौंप दें.
विपक्षी पार्टियों ने की आलोचना
कांग्रेस सांसद ने कहा कि पीएम मोदी ने अपने 29 मिनट के भाषण को ‘राष्ट्र के नाम संबोधन’ कहा और इसके माध्यम से उन्होंने सिर्फ विपक्षी पार्टियों की आलोचना की. साथ ही प्रधानमंत्री ने विपक्ष के इरादों पर भी सवाल खड़े किए. इस पर वेणेगोपाल ने कहा कि यह विशेषाधिकार का घोर उल्लंघन और सदन की अवमानना है. बता दें कि लोकसभा में 17 अप्रैल, 2026 को लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 के गिर जाने के बाद 18 अप्रैल, 2026 को प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय टेलीविजन पर राष्ट्र को संबोधित किया. यह विधेयक संविधान के अनुच्छेद 368 के प्रावधानों के तहत दो-तिहाई बहुमत हासिल करने में विफल रहा था.
पीएम पर की कार्यवाही की मांग
इस पूरे मुद्दे पर वेणुगोपाल ने कहा कि अध्यक्ष महोदय मैं आपके कार्यालय में विशेषाधिकार हनन का यह नोटिस प्रस्तुत करता हूं. आप इस गंभीर घटना को विशेषाधिकार का स्पष्ट और जान-बूझकर किया गया उल्लंघन है और इसे सदन की अवमानना मानते हुए इस पर संज्ञान लिया जाए. इसके अलावा इस मामले को जांच के लिए विशेषाधिकार समिति के पास भेजा जाए, ताकि पीएम मोदी पर विशेषाधिकार उल्लंघन मामले में कार्यवाही हो सकें.
नोटिस को लिया जाए गंभीरता से
कांग्रेस नेता ने कहा कि इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया जाना चाहिए. अपने कर्तव्य का पालन कर रहे किसी निर्वाचित प्रतिनिधि पर सवाल उठाना न केवल एक व्यक्तिगत हमला है, बल्कि यह संसद के अधिकार और भारत की जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों का सीधा अपमान है. नोटिस में कहा गया है कि मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि संसद की गरिमा और उसके सदस्यों को मिले संवैधानिक संरक्षण को बनाए रखने के लिए तत्काल और निर्णायक कदम उठाएं.
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News Source: PTI
