Sonam Wangchuk : इंजीनियर सोनम वांगचुक करीब 6 महीने बाद जेल से रिहा होने वाले हैं. केंद्र ने NSA के तहत हिरासत में लिए गए इंजीनियर को छोड़ने का फैसला किया है और लद्दाख में शांति बनाने की बात कही है.
Sonam Wangchuk : सामाजिक कार्यकर्ता और इंजीनियर सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) की हिरासत को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है. गृह मंत्रालय का कहना है कि सरकार केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में शांति, स्थिरता और आपसी विश्वास को लेकर प्रतिबद्ध है. ताकि सभी पक्षों के बीच में रचनात्मक और सार्थक को बढ़ावा दिया जा सके. लेह प्रशासन ने सोनम वांगचुक को नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (NSA) के तहत हिरासत में लिया था और अब केंद्र ने इस फैसले को रद्द कर दिया है. वहीं, यह फैसला सुप्रीम कोर्ट की तरफ से मंगलवार को उस याचिका पर सुनवाई 17 मार्च तक टालने के कुछ दिनों बाद आया है. बता दें कि वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे आंगमो ने उनकी हिरासत को अदालत में चुनौती दी थी.
हिंसक प्रदर्शन में हुए 45 लोग घायल
आपको बताते चलें कि वांगचुक को 26 सितंबर, 2025 को हिरासत में लिया गया था. इससे दो दिन पहले लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने और संविधान की छठी अनूसूची में शामिल करने की मांगों को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन ने लेह को हिलाकर रख दिया था. इन विरोध प्रदर्शनों में 22 पुलिसकर्मियों समेत 45 लोग घायल हो गए थे. इसके बाद लेह के जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए NSA लगाकर हिरासत में ले लिया गया था और उसके बाद जोधपुर जेल भेज दिया गया.
करीब 6 महीने से थे हिरासत में
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि काफी विचार-विमर्श के बाद सरकार ने NSA के तहत हिरासत वाले फैसले को रद्द कर दिया. वांगचुक इस अधिनियम के तहत अपनी हिरासत को करीब आधी अवधि पूरी कर चुके हैं. बयान में आगे कहा कि क्षेत्र में शांति और चिंताओं को दूर करने के लिए यह फैसला लिया गया है. साथ ही सरकार लगातार सभी पक्षों और समुदायों के नेताओं से सक्रिय रूप से बातचीत कर रही है ताकि हर समस्या का समाधान संवाद के माध्यम से हो सके.
शांतिप्रिय सौहार्द को बिगाड़ा
सरकार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हड़तालों और विरोध प्रदर्शनों का मौजूदा माहौल समाज के शांतिप्रिय स्वभाव के लिए काफी नुकसानदायक रहा है और इसने समुदाय के विभिन्न वर्गों के लोगों को शामिल किया है. साथ ही इन पर बुरा असर डालने का भी काम किया है. केंद्र ने उम्मीद जताई है कि सभी समस्याओं के समाधान के लिए मिलकर बैठकर बातचीत के माध्यम से समाधान निकालना चाहिए.
दो दिन पहले ही वांगचुक ने एक्स की एक पोस्ट में कहा था कि लद्दाख के लिए एक न्यायसंगत भविष्य के लिए सच्ची बातचीत की जरूरत होगी. मैं सक्रियता से पीछे नहीं हटा हूं. लद्दाख के प्रति मेरी प्रतिबद्धता वैसी ही बनी हुई है. लेकिन सक्रियता का एक बड़ा मकसद होना चाहिए. लद्दाख के लिए न्यायसंगत, स्थायी भविष्य. इसके लिए स्पष्टता, एकता और सच्ची बातचीत की ज़रूरत होगी. हमारा संघर्ष हमेशा लद्दाख की सुरक्षा, गरिमा और लंबे समय तक भलाई के लिए रहा है और आगे भी रहेगा!
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News Source: PTI
