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UP में ‘मिशन 2027’ के लिए सभी दलों को याद आए कांशीराम, बताया- शोषितों की सशक्त आवाज

by Sanjay Kumar Srivastava
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वोट बैंक की जंग: यूपी में 'मिशन 2027' के लिए सभी दलों को याद आए मान्यवर कांशीराम, बताया- शोषितों की सशक्त आवाज

Kanshiram Jayanti: यूपी में अगले साल होने वाले चुनाव को देखते हुए सभी दलों को बहुजन समाज के नायक कांशीराम याद आने लगे हैं. सभी ने जयंती पर कांशीराम को याद किया और उन्हें वंचितों व शोषितों की सशक्त आवाज बताया.

Kanshiram Jayanti: यूपी में अगले साल होने वाले चुनाव को देखते हुए सभी दलों को बहुजन समाज के नायक कांशीराम याद आने लगे हैं. सभी ने जयंती पर कांशीराम को याद किया और उन्हें वंचितों व शोषितों की सशक्त आवाज बताया. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, बसपा प्रमुख मायावती और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने रविवार को कांशीराम की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. कहा गया कि सामाजिक न्याय के कट्टर समर्थक, वंचितों- शोषितों के अधिकारों की सशक्त आवाज और बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक कांशी राम जी को उनकी जयंती के अवसर पर शत्-शत् नमन. वक्ताओं ने कहा कि समानता, स्वाभिमान और सामाजिक चेतना के आदर्शों को समर्पित उनका संघर्षपूर्ण जीवन समाज को न्याय और अधिकारों के प्रति सतर्क रहने के लिए प्रेरित करता है. उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी कांशीराम को श्रद्धांजलि अर्पित की.

कांशीराम ने पूरा जीवन वंचितों के लिए किया समर्पितः मायावती

बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के संस्थापक और वास्तुकार श्रद्धेय कांशीराम जी की जयंती के अवसर पर मैं और मेरे नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में उनके अनुयायी विनम्र अभिवादन और गहरी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं. उन्होंने कहा कि हम उस व्यक्ति को श्रद्धांजलि देते हैं, जिन्होंने अपना पूरा जीवन देश भर में पूज्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचार और आंदोलन को पुनर्जीवित करने, उनके कारवां को आगे बढ़ाने और राजनीतिक सत्ता के अंतिम लक्ष्य की ओर ले जाने के लिए अथक और कठिन संघर्ष के लिए समर्पित कर दिया. मायावती ने पूरी प्रतिबद्धता के साथ बीएसपी के ‘सामाजिक परिवर्तन और आर्थिक मुक्ति’ आंदोलन को मजबूत करने और चुनावी सफलता हासिल करने का संकल्प दोहराया. समर्थकों से कहा कि अपने वोटों की ताकत से राजनीतिक सत्ता की ‘मास्टर कुंजी’ हासिल करें. मायावती ने कहा कि इससे ​​वे देश के बहुजनों के हित, कल्याण, उत्थान, सुरक्षा और स्वाभिमान के लिए बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा संविधान में दिए गए अधिकारों को जमीनी स्तर पर लागू करने में सक्षम होंगे.

एसपी ने बताया सामाजिक परिवर्तन का नायक

यूपी कांग्रेस ने कहा कि जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी. बहुजन आइकन, ‘साहब’ कांशी राम जी की जयंती पर हमारा सलाम. आपने शोषितों और वंचितों को ‘शासक’ बनने का जो सपना देखा था, उसे पूरा करना आपके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी. जय भीम! जय भारत!. समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने उन्हें सामाजिक परिवर्तन का नायक बताया. आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना से लोकसभा सांसद चंद्र शेखर आज़ाद ने सोए हुए समुदाय को जगाने के लिए कांशी राम की सराहना की. आजाद ने कहा कि बहुजन प्रतीक मान्यवर साहेब कांशीराम जी को उनकी जयंती के अवसर पर मेरा विनम्र अभिवादन और आदरपूर्ण श्रद्धांजलि. 15 मार्च 1934 को पंजाब के रूपनगर में जन्मे कांशीराम ने पिछड़े वर्ग के लोगों के उत्थान और राजनीतिक एकजुटता के लिए काम किया. 1984 में बसपा का गठन करने से पहले उन्होंने 1971 में अखिल भारतीय पिछड़ा और अल्पसंख्यक समुदाय कर्मचारी महासंघ (BAMCEF) की स्थापना की. 1981 में दलित शोषित समाज संघर्ष समिति की स्थापना की. कांशीराम 1991 में उत्तर प्रदेश के इटावा से और 1996 में पंजाब के होशियारपुर से लोकसभा के लिए चुने गए. उन्होंने 1998 से 2004 तक राज्यसभा सदस्य के रूप में भी कार्य किया. बसपा के दिग्गज नेता का निधन 9 अक्टूबर 2006 को 71 वर्ष की आयु में दिल्ली में हो गया.

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News Source: PTI

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