Iran-US War: मध्य-पूर्व में जारी संकट के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार (27 मार्च) को सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों की एक आपात बैठक बुलाई है.
Iran-US War: मध्य-पूर्व में जारी संकट के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार (27 मार्च) को सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों की एक आपात बैठक बुलाई है. यह बैठक 27 मार्च को शाम 6.30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी. बैठक में अमेरिका -इजरायल और ईरान के बीच चल रहे जंग के चलते पैदा हुई परिस्थितियों पर चर्चा हो सकती है. बैठक में चुनावी राज्यों के सीएम को आदर्श आचार संहिता की वजह से नहीं बुलाया गया है. इन राज्यों की अलग से बैठक होगी. गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी ने 24 मार्च को राज्यसभा में मध्य-पूर्व के बारे में जानकारी देते हुए कहा था कि अमेरिका-इजराइल की ईरान से जंग जारी रही तो इसके दुष्परिणाम होंगे.
बदली परिस्थितियों पर चर्चा की उम्मीद
उन्होंने यह भी कहा था कि ऐसे में आने वाला समय देश की सबसे बड़ी परीक्षा लेने वाला है. इसमें राज्यों का सहयोग जरूरी है. हमें टीम इंडिया की तरह काम करना होगा. प्रधानमंत्री के इस कथन के बाद ही कयास लगाए जा रहे थे कि जल्दी ही प्रधानमंत्री राज्यों के मुख्यमंत्री के साथ बैठक करेंगे. उम्मीद की जा रही कि प्रधानमंत्री देश में पैदा हुईं नई परिस्थितियों के बारे में चर्चा करेंगे. प्रधानमंत्री कल मुख्यमंत्रियो से अपने-अपने राज्यों में गैस किल्लत और पेट्रोलियम पदार्थों की कमी के बारे में ध्यान देने को कहेंगे. साथ ही लोगों को प्रोत्साहित करने को कहेंगे कि रसोई गैस की किफायती से इस्तेमाल करें और पैनिक ना हों.
देश में पेट्रोल , डीजल और LPG की कमी नहीं
इस बीच सरकार ने एक बार फिर देश में पेट्रोल, डीजल और LPG की कमी की खबरों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि दुनिया में कुछ भी हो जाए, भारत के पास 60 दिन का कच्चा तेल और ऑयल रिजर्व है. सरकार ने सोशल मीडिया पर चल रही किल्लत की खबरों को ‘भ्रामक और जानबूझकर फैलाया गया प्रोपेगैंडा’ बताया है, जिसका मकसद बाजार में ‘पैनिक बाइंग’ शुरू कराना है. मंत्रालय ने कहा कि अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी. गौरतलब है कि मध्य-पूर्व के संकट के बाद से प्रधानमंत्री लगातार नजर रखे हुये हैं. होमऊर्ज जलडमरूमध्य में फंसे भारतीय क्रूड ऑयल के जहाजों को ईरान के नेताओं से बातचीत कर सुरक्षित वापसी कराई जा रही है.
संकट के बावजूद विकास दर तेज
सबसे पहले इस संकट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 मार्च को अपने आवास पर ईरान जंग को लेकर हाई लेवल मीटिंग की थी. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार को संसद में हुई सर्वदलीय बैठक में कहा कि भारत पाकिस्तान जैसा दलाल देश नहीं है और हम किसी के लिए भी मध्यस्थता नहीं करते. विदेश मंत्री ने यह जवाब कांग्रेस नेता तारिक अनवर के बयान पर दिया. बैठक में तारिक अनवर ने कहा था कि पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है, जबकि भारत मूकदर्शक बना हुआ है. पीएम ने राज्यों से कहा कि गरीबों और श्रमिकों पर असर कम करने के लिए पीएम गरीब अन्न कल्याण योजना जारी रखने हेतु सक्रिय कदम उठाएं और विशेष व्यवस्था करें. उन्होंने कहा कि संकट के बावजूद देश की तेज विकास दर बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है, इसके लिए सुधार जारी रखें और कोविड समय की टीम भावना से काम करें.
हर चुनौती के लिए तैयार रहें देशवासी
पीएम ने कहा कि केंद्र-राज्य मिलकर इस अलग तरह के संकट का सामना धैर्य, संयम और तैयारी के साथ करें, क्योंकि हालात लगातार बदल रहे हैं. इसलिए देशवासी हर चुनौती के लिए तैयार रहें. पीएम ने कहा कि सरकार देश को आत्मनिर्भर बनाने और विदेशी निर्भरता कम करने पर काम कर रही है, क्योंकि ज्यादातर वैश्विक व्यापार जहाजों पर निर्भर है. उन्होंने बताया कि अब भारत हथियारों और जीवन रक्षक दवाइयों में आत्मनिर्भर बन रहा है और रेयर अर्थ मिनरल्स पर निर्भरता घटाने के प्रयास हो रहे हैं. पीएम ने कहा कि वैश्विक संकट से दुनिया की अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है, लेकिन भारत पर कम असर हो इसके लिए सरकार लगातार हालात पर नजर रख रही है. पीएम ने कहा कि होर्मुज रूट से गैस और फर्टिलाइजर का बड़ा आयात होता है, लेकिन सरकार कूटनीति से तेल-गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही है. जाहिर है कि सरकार के इस प्रयास का असर भी दिख रहा है. पीएम ने लोगों को आगाह किया था कि लंबे संकट के गंभीर परिणाम हो सकते हैं. ऐसे में माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री किसी गंभीर संकट के प्रति तैयारी रखने को कह रहे हैं.
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