Home Top News क्रिप्टो निवेश के नाम पर लाखों की ठगी, अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच ने गिरोह का पर्दाफाश किया

क्रिप्टो निवेश के नाम पर लाखों की ठगी, अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच ने गिरोह का पर्दाफाश किया

by Nikul Patel
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Ahmedabad Cyber Fraud Racket

Ahmedabad Cyber Fraud Racket: अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच ने साइबर ठगी के बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है, जिसमें आरोपी लोगों को क्रिप्टो में निवेश करके ज्यादा पैसे कमाने का लालच देकर उनसे पैसे ऐंठ रहे थे.

2 April, 2026

अहमदाबाद से साइबर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है, जहां क्रिप्टो करेंसी में निवेश कर भारी मुनाफा दिलाने का झांसा देकर एक व्यक्ति से लाखों रुपये की ठगी की गई. अहमदाबाद शहर की साइबर क्राइम ब्रांच ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए ठगी करने वाले गिरोह के 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड अभी भी फरार बताया जा रहा है. पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक के जरिए पहले पीड़ित से संपर्क किया. दोस्ती बढ़ाने के बाद उसे क्रिप्टो करेंसी में निवेश करने का सुझाव दिया गया और उसे भरोसे में लेकर पैसे ठगे.

57 लाख 90 हजार की ठगी के बाद हुआ भंडोफोड़

आरोपियों ने दावा किया कि उनके प्लेटफॉर्म पर निवेश करने से कई गुना मुनाफा कमाया जा सकता है. भरोसा दिलाने के लिए पीड़ित को एक मोबाइल एप डाउनलोड करवाई गई और डिजिटल करेंसी यानी यूएसडीटी में निवेश करने के लिए कहा गया. धीरे-धीरे आरोपियों ने अलग-अलग बैंक खातों की जानकारी भेजकर पैसे ट्रांसफर करवाना शुरू किया. शुरुआत में छोटे निवेश पर नकली मुनाफा दिखाकर पीड़ित का विश्वास जीता गया और बाद में बड़ी रकम निवेश करवाने के लिए दबाव बनाया गया. इसी तरीके से आरोपियों ने पीड़ित से करीब 57 लाख 90 हजार रुपये की ठगी कर ली.

विदेश भेजे जा रहे थे पैसे

जब पीड़ित को शक हुआ और पैसे वापस नहीं मिले, तब उसने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत मिलते ही साइबर क्राइम ब्रांच ने तकनीकी जांच शुरू की. डिजिटल ट्रांजैक्शन, बैंक अकाउंट और मोबाइल डेटा का विश्लेषण किया गया. जांच में सामने आया कि यह कोई सामान्य ठगी नहीं बल्कि एक संगठित साइबर फ्रॉड गैंग था, जो देश के अलग-अलग हिस्सों से ऑपरेट कर रहा था. पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह के सदस्य बैंक खाते उपलब्ध कराने का काम करते थे. दिल्ली सहित कई स्थानों से बैंक अकाउंट खुलवाए जाते थे और उन्हीं खातों में ठगी की रकम जमा करवाई जाती थी. बाद में इन पैसों को अलग-अलग माध्यमों से ट्रांसफर कर विदेश भेज दिया जाता था. जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह का मुख्य संचालक दुबई में बैठकर पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहा था.

जांच जारी

साइबर क्राइम ब्रांच ने कार्रवाई करते हुए अहमदाबाद और दिल्ली से जुड़े कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस को जांच के दौरान कुल 5 बैंक खातों की जानकारी मिली, जिनमें से 4 खातों के खिलाफ देशभर में 41 साइबर फ्रॉड की शिकायतें दर्ज पाई गई हैं. इन खातों में करीब डेढ़ करोड़ रुपये से ज्यादा का संदिग्ध लेन-देन होने का खुलासा हुआ है. पुलिस अब फरार मुख्य आरोपी की तलाश में जुटी हुई है और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय कर आगे की कार्रवाई की जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी भी संभव है.

लोगों से अपील

साइबर क्राइम ब्रांच ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर मिलने वाले अनजान निवेश प्रस्तावों से सावधान रहें. किसी भी एप या लिंक के जरिए निवेश करने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांचें. जल्दी मुनाफे का लालच अक्सर साइबर अपराधियों का सबसे बड़ा हथियार बनता जा रहा है. आजकल क्रिप्टो करेंसी निवेश के नाम पर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. इसलिए किसी भी ऑनलाइन निवेश से पहले अधिकृत प्लेटफॉर्म और सरकारी मान्यता की जांच करना बेहद जरूरी है. फिलहाल पुलिस की इस कार्रवाई को साइबर ठगों के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है, लेकिन यह मामला लोगों के लिए भी एक चेतावनी है कि डिजिटल दुनिया में सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है.

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News Source: PTI

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