UK Strait of Hormuz plan: गुरुवार को ब्रिटेन की अगुवाई में फ्रांस, जापान, इटली समेत 35 देश मीटिंग करेंगे, जिसमें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज फिर से खुलवाने और नाविकों की सुरक्षा पक्की करने की कोशिशों का आकलन किया जाएगा.
2 April, 2026
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुलवाने की जिम्मेदारी अपने सिर ले ली है. बुधवार को उन्होंने ऐलान किया थी वे 35 देशों के साथ मिलकर डिप्लोमैटिक और पॉलिटिकल प्रेशर बनाकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुलावाएंगे, जिसके लिए आज सभी देशों की मीटिंग होगी. ध्यान देने वाली बात है कि अमेरिका इस मीटिंग का हिस्सा नहीं होगा. ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने कहा कि विदेश मंत्री यवेट कूपर की अध्यक्षता में होने वाली वर्चुअल मीटिंग में “नेविगेशन की आजादी बहाल करने, फंसे हुए जहाजों और नाविकों की सुरक्षा की गारंटी देने और जरूरी चीजों की आवाजाही फिर से शुरू करने के लिए हम जो भी मुमकिन डिप्लोमैटिक और पॉलिटिकल कदम उठा सकते हैं, उनका आकलन किया जाएगा.”
ट्रंप को कीर स्टारमर का जवाब
ईरानी हमलों के खतरे ने फारस की खाड़ी को दुनिया के बाकी महासागरों से जोड़ने वाले जलमार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर लगभग सारा ट्रैफिक रोक दिया है, जिससे दुनिया में तेल के बहाव का एक जरूरी रास्ता बंद हो गया है और पेट्रोलियम की कीमतें आसमान छू रही हैं. US गुरुवार की मीटिंग में शामिल होने वाले देशों में शामिल नहीं है. ट्रंप ने कहा है कि जलमार्ग को सुरक्षित करना अमेरिका का काम नहीं है. उन्होंने ब्रिटेन समेत अन्य यूएस के साथियों से कहा है कि “अपना तेल खुद लाओ.” ट्रंप के इस बयान के बाद ब्रिटन पीएम ने साफ कह दिया कि यह लड़ाई उनकी नहीं है और वे स्ट्रेट होर्मुज को खुलवाने की कोशिश करेंगे. स्टारमर ने बुधवार को कहा कि कुछ देशों के मिलिट्री प्लानर जल्द ही मिलेंगे ताकि इस पर काम किया जा सके कि “लड़ाई रुकने के बाद” शिपिंग की सुरक्षा कैसे पक्की की जाए.
आज होगी मीटिंग
इस बीच, UK, फ्रांस, जर्मनी, इटली, कनाडा, जापान और यूनाइटेड अरब अमीरात समेत 35 देशों ने एक समझौते पर साइन किए हैं जिसमें ईरान से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने की मांग की गई है और पानी के रास्ते से “सुरक्षित शिपिंग में मदद” करने का वादा किया गया है. गुरुवार की मीटिंग को पहला कदम माना जा रहा है, जिसके बाद डिटेल्स पर बातचीत करने के लिए अधिकारियों की “वर्किंग-लेवल मीटिंग्स” होंगी. स्टारमर ने कहा कि शिपिंग फिर से शुरू करना आसान नहीं होगा, और इसके लिए मैरीटाइम इंडस्ट्री के साथ पार्टनरशिप के साथ-साथ मिलिट्री ताकत और डिप्लोमैटिक एक्टिविटी का एक साथ आना जरूरी होगा.
अमेरिका को क्या दिखना चाहता है ब्रिटेन
इंटरनेशनल कोशिश के आइडिया में इच्छुक देशों के गठबंधन की झलक है, जिन्हें UK और फ्रांस की लीड करेंगे, ताकि ईरान के खिलाफ बिना युद्ध में शामिल हुए एनर्जी चेन का मामला सुलझाया जा सके. यह गठबंधन, कुछ हद तक, ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन को यह दिखाने की भी कोशिश है कि यूरोप अपनी सिक्योरिटी के लिए आगे आ रहा है. इस गठबंधन की जरूरत इसलिए भी और बढ गई है क्योंकि ट्रंप ने US के NATO से बाहर निकलने का संकेत दिया है.
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News Source: PTI
