AI Course: केंद्र सरकार ने प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर बड़ा बदलाव किया है. अब छात्रों को शुरुआती दौर से ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की शिक्षा दी जाएगी.
AI Course: केंद्र सरकार ने प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर बड़ा बदलाव किया है. अब छात्रों को शुरुआती दौर से ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की शिक्षा दी जाएगी, जिससे वे नई तकनीक से रूबरू हो सकें. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बुधवार को शिक्षा के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए कक्षा 3 से 8 के छात्रों के लिए ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और कम्प्यूटेशनल सोच’ पाठ्यक्रम का शुभारंभ किया. इस पहल का मुख्य उद्देश्य स्कूलों में एआई शिक्षा को बढ़ावा देना है. इस अवसर पर मंत्री ने कहा कि उभरती प्रौद्योगिकियों का प्रदर्शन भविष्य के छात्रों के लिए एक मजबूत नींव तैयार करेगा. उन्होंने ‘शिक्षा के लिए AI, शिक्षा में AI’ के विजन पर जोर देते हुए कहा कि यह पाठ्यक्रम छात्रों में महत्वपूर्ण सोच, डिजाइन अभिविन्यास और नवाचार की संस्कृति को विकसित करेगा.
निखरेगा छात्रों का भविष्य
विश्व में भारत की बढ़ती तकनीकी साख पर प्रधान ने कहा कि सीबीएसई (CBSE) और एनसीईआरटी (NCERT) द्वारा बनाया जा रहा यह ढांचा छात्रों के डिजिटल भविष्य को और सशक्त बनाएगा. गौरतलब है कि सरकार पहले से ही कक्षा 9 से 12 के छात्रों के लिए एक वैकल्पिक कौशल विषय के रूप में एआई को पढ़ा रही है. यह नया पाठ्यक्रम प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर एक निर्णायक बदलाव का प्रतीक है. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि वर्तमान में यह जरूरी हो गया है कि छात्र शुरू से ही नई तकनीकियों से वाकिफ हों, जिससे वे वैश्विक स्तर पर अपनी क्षमता और योग्यता का प्रदर्शन कर सकें. इस मौके पर केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने कहा कि शिक्षा को अब न केवल बदलती दुनिया के लिए तैयार करना चाहिए, बल्कि एक ऐसी दुनिया के लिए तैयार करना चाहिए, जिसकी हम अभी तक भविष्यवाणी नहीं कर सकते.
वैश्विक भविष्य के निर्माता हैं छात्र
कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) पहले से ही ज्ञान के निर्माण, निर्णय लेने और अर्थव्यवस्थाओं के कामकाज को नया आकार दे रही है, जिससे यह जरूरी हो गया है कि हमारे बच्चे प्रौद्योगिकी के निष्क्रिय उपयोगकर्ता नहीं हैं, बल्कि विचारशील निर्माता और इसके जिम्मेदार नेता हैं. उन्होंने कहा कि लगातार फिर से सीखें, अनिश्चितता को आत्मविश्वास के साथ पार करें और व्यवधान को अवसर में बदलें. उन्होंने कहा कि यह केवल एक अकादमिक सुधार नहीं है, बल्कि मानव क्षमता में एक राष्ट्रीय निवेश है, जो एनईपी 2020 के दृष्टिकोण के अनुरूप है. चौधरी ने कहा कि भारत के छात्र न केवल कल की नौकरियों के लिए तैयार हैं, बल्कि उन विचारों, प्रणालियों और समाधानों को आकार देने के लिए भी तैयार हैं, जो दुनिया के भविष्य को परिभाषित करेंगे.
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News Source: PTI
