Pak-Afghan Tension : सीमा पर भारी तनाव के बीच पाकिस्तान ने दावा किया कि उसने एक ऑपरेशन में 800 तालिबानी आंतकियों के मार गिराया है. साथ ही 1043 लोग बुरी तरह घायल भी हुए हैं.
Pak-Afghan Tension : पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है. पाकिस्तान लगातार अफगानिस्तान पर हमला कर रहा है और कई बार तो उसके अस्पतालों को भी निशाना बनाया है. इसी बीच पाकिस्तान ने रविवार को दावा किया है कि अफगानिस्तान में सुरक्षा बलों द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन में 800 अफगान तालिबान आतंकियों को मार गिराया है.
1043 लोग हुए बुरी तरह घायल
इस पूरे मामले में सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने ‘ऑपरेशन गज़ब लिल-हक’ पर ताजा जानकारी साझा करते हुए कहा कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP), जिसे ‘फ़ितना अल खवारिज’ (FAK) भी कहा जाता है. उसके कम से कम 796 लोग मारे गए हैं और करीब 1,043 बुरी तरह घायल हुए हैं. बता दें कि कई महीनों से जारी संघर्ष के बीच यह पहला अवसर है जब पाक सरकार ने दावा किया है कि उसने अफगानिस्तान में तालिबानी लोगों के करीब 800 लोगों को मार गिराया है. वहीं, इससे पहले भी मार्च महीने में पाकिस्तान ने काबुल के ओमिड एडिक्शन ट्रीटमेंट अस्पताल पर हवाई हमला किया था, जिसमें 400 लोगों की मौत हो गई थी और 250 लोग घायल हुए थे. हालांकि, पाक सरकार ने इससे अपना पल्ला झाड़ लिया था.
भारत ने की थी हमले की निंदा
मार्च महीने में पाकिस्तान ने जब काबुल में स्थित अस्पताल पर हमला किया था उस पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी बयान दिया था. MEA ने कहा था कि भारत काबुल के अस्पताल पर पाकिस्तान के बर्बर हवाई हमले की स्पष्ट रूप से निंदा करता है. मंत्रालय ने अपने एक अन्य बयान में कहा कि अफगानिस्तान की संप्रभुता, क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए सीधा खतरा है. पाकिस्तान अपनी आंतरिक विफलताओं को छिपाने के लिए सीमा पार हमला कर रहा है. साथ ही अंतरराष्ट्रीय समुदाय को अपराधियों को जवाबदेह ठहराना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि अफगानिस्तान में नागरिकों को पाकिस्तान द्वारा निशाना बनाना बिना किसी देरी के बंद हो. विदेश मंत्रालय ने आगे कहा कि यह हमला रमजान के पवित्र महीने के दौरान किया गया, जो दुनिया भर के मुस्लिम समुदायों के बीच शांति, चिंतन और दया का समय है.
शांति समझौते के बाद भी शुरू हुई गोलीबारी
इससे पहले भी दोनों देशों के बीच में गोलीबारी के बाद शांति समझौता हुआ था, लेकिन वह टूट गया और दोनों देशों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे हैं कि उसने युद्धविराम समझौता तोड़ा है. बता दें कि सीमा पर तनाव कम करने और संघर्ष विराम को कायम रखने के उद्देश्य से अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच नवंबर में हुई बातचीत असफल रही थी लेकिन अक्टूबर में कतर की मध्यस्थता से किया गया संघर्ष विराम समझौता मुख्यत: कायम रहा. हालांकि, अभी तक दोनों के बीच में विवाद खत्म नहीं हुआ है और सीमा पार से गोलीबारी होती रहती है.
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News Source: PTI
