Strait of Hormuz Toll: ईरान ने सीजफायर के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोल दिया है और जहाजों को गुजरने की इजाजत दे दी है, लेकिन अब उन जहाजों को ईरान को टोल देना होगा. ईरान ने क्रिप्टो में टोल वसूलने की बात कही है.
9 April, 2026
अमेरिका ईरान युद्ध में सीजफायर होने के बाद यूरोपीय देशों ने चैन की सांस ली है, क्योंकि अब ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का सबसे जरूरी रास्ता खोल दिया है. लेकिन अब ईरान होर्मुज में टोल वसूलने का अधिकार मांग रहा है. दरअसल, ईरान ने सीजफायर करने के लिए 10 पॉइंट का प्रस्ताव रखा था, जिसको अमेरिका ने स्वीकार कर लिया है. अब ईरान ने अपनी पहली शर्त के तौर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर टोल टैक्स लगा दिया है. हालांकि अमेरिका इस टोल के खिलाफ है और अंतर्राष्ट्रीय कानून भी इसकी इजाजत नहीं देता है.
क्या टोल वसूल सकता है ईरान
स्ट्रेट में टोल वसूलना इंटरनेशनल समुद्री व्यापार के एक बुनियादी और हमेशा रहने वाले सिद्धांत का उल्लंघन होगा, जो शांतिपूर्ण नेविगेशन की आजादी देता है. यह एक पुराना विचार है जिसे यूनाइटेड नेशंस के समुद्री कानून पर कन्वेंशन में शामिल किया गया था, जो 1994 में लागू हुआ था. वहीं व्हाइट हाउस ने बुधवार को कहा कि वह टोल के खिलाफ है और एनालिस्ट का कहना है कि खाड़ी के तेल प्रोड्यूसर भी ऐसा ही सोचते हैं.
विश्लेषकों की राय
विश्लेषकों का कहना है कि सीजफायर की घोषणा के बाद से उन्होंने स्ट्रेट से ट्रैफिक में कोई बदलाव नहीं देखा है, भले ही व्हाइट हाउस इसके उलट दावे कर रहा है. एक क्षेत्रीय अधिकारी के अनुसार, युद्ध खत्म करने के लिए ईरान के 10-पॉइंट प्रस्ताव में एक प्रावधान शामिल है जो उसे और ओमान को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर चार्ज लगाने की अनुमति देता है. अधिकारी ने कहा कि ईरान जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल पुनर्निर्माण के लिए करेगा. लेकिन समुद्री संधि के कानून का आर्टिकल 17 जहाजों के लिए “इनोसेंट पैसेज” के अधिकार की गारंटी देता है यानी उन्हें बिना रुके और शांतिपूर्ण तरीके से गुजरने का है. इसलिए एक्सपर्ट्स का कहना है कि ईरान और ओमान को स्ट्रेट से गुज़रने के लिए चार्ज करने की इजाजत देना एक खतरनाक मिसाल कायम करेगा.
1 बैरल तेल पर लगेगगा इतना टैक्स
US और इजराइल के युद्ध शुरू करने के बाद, ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया था. इस रुकावट की वजह से एशियाई देशों में तेल की कमी हो गई, जो इस इलाके की एनर्जी पर बहुत ज़्यादा निर्भर थे. US और यूरोप में गैसोलीन की कीमतें बढ़ गईं और ग्लोबल इकोनॉमिक ग्रोथ का खतरा पैदा हो गया. इसके बाद ईरान ने एक संदिग्ध स्कीम में जहाजों की जांच शुरू कर दी, जिसे शिपिंग विशेषज्ञों ने “टोलबूथ” नाम दिया. ईरान के ऑयल, गैस और पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स एक्सपोर्टर्स यूनियन के प्रवक्ता हामिद हुसैनी ने कहा कि हर शिप को अपने माल के बारे में ईमेल से जानकारी देनी होगी, जिसके बाद ईरान उन्हें बताएगा कि क्रिप्टो में कितना टोल चुकाना होगा. उन्होंने आगे कहा कि हर बैरल तेल पर $1 का टोल लगाया जाएगा. हालांकि, खाली टैंकर बिना किसी रोक-टोक के गुजर सकते हैं.
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News Source: PTI
