CM YOGI: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को कहा कि पुलिस सुधार, प्रशिक्षण और बुनियादी ढांचे में निरंतर प्रयासों ने राज्य में बेहतर कानून व्यवस्था का माहौल बनाने में मदद की है.
CM YOGI: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को कहा कि सुशासन के लिए सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण शर्त है. उन्होंने कहा कि पुलिस सुधार, प्रशिक्षण और बुनियादी ढांचे में निरंतर प्रयासों ने राज्य में बेहतर कानून व्यवस्था का माहौल बनाने में मदद की है. वह गोरखपुर में श्री गोरखनाथ मंदिर परिसर में एक आधुनिक सुरक्षा भवन का उद्घाटन करने के बाद एक सभा को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि सुरक्षा सुशासन की पहली शर्त है. हर व्यक्ति को सुरक्षा की जरूरत है. पहले ध्यान काफी हद तक भर्ती तक ही सीमित था. कर्मियों की भर्ती करना ही पर्याप्त नहीं था, बल्कि ट्रेनिंग भी जरूरी था.
अब एक साथ 6,000 पुलिसकर्मियों की ट्रेनिंग
उन्होंने प्रशिक्षण और उचित सुविधाओं के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि एक कांस्टेबल, सब-इंस्पेक्टर या कोई भी पुलिस अधिकारी हमारे बीच से आता है. उचित प्रशिक्षण और बुनियादी ढांचे के बिना वे किसी भी सामान्य नागरिक की तरह ही रह जाते हैं और अपने कर्तव्यों को प्रभावी ढंग से नहीं निभा पाते. 2017 के बाद से हुए बदलावों पर प्रकाश डालते हुए आदित्यनाथ ने कहा कि जब उनकी सरकार सत्ता में आई थी तब राज्य में आधे से अधिक पुलिस पद खाली थे. उन्होंने कहा कि पहले प्रशिक्षण क्षमता एक समय में लगभग 3,000 कर्मियों तक सीमित थी, अब बुनियादी ढांचे में सुधार के कारण यह बढ़कर लगभग 6,000 हो गई है.
समय पर पुलिस भर्ती से बना बेहतर माहौल
उन्होंने कहा कि पहले पुलिस स्टेशनों, चौकियों और बैरकों में बुनियादी आवासीय सुविधाओं का अभाव था, जिससे कर्मियों को कठिन परिस्थितियों में रहने के लिए मजबूर होना पड़ता था. अक्सर शिकायतें और परिचालन संबंधी चुनौतियां होती थीं. उन्होंने कहा कि आज हमने प्रत्येक पुलिस लाइन में लगभग 200 कर्मियों के लिए आवासीय सुविधाएं सुनिश्चित की हैं, जिसमें पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग व्यवस्था है. इससे कई पुराने मुद्दों का समाधान हो गया है. आदित्यनाथ ने कहा कि बेहतर बुनियादी ढांचे, समय पर भर्ती और बेहतर प्रशिक्षण ने मिलकर राज्य में अधिक सुरक्षित माहौल बनाया है, जिसने बदले में सुशासन का एक मॉडल स्थापित करने में योगदान दिया है. उन्होंने कहा कि कर्मियों की अपेक्षाओं को पर्याप्त सुविधाओं के साथ मेल खाना चाहिए.
विकसित भारत का संकल्प जताया
उन्होंने कहा कि पहले पुलिस स्टेशनों में जगह और सुविधाओं की कमी थी, जिससे आरोपी व्यक्तियों को हिरासत में लेना या संचालन को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करना मुश्किल हो जाता था. अब ऐसी बाधाओं को दूर किया गया है. पुलिस कर्मी हर समय उपलब्ध रहते हैं और सुरक्षा चुनौतियों का जवाब देने के लिए बेहतर ढंग से तैयार रहते हैं. उन्होंने कहा कि गोरखनाथ मंदिर के पास नव उद्घाटित सुरक्षा भवन एक मॉडल के रूप में काम करेगा. यह पुलिस अधीक्षक और अन्य अधिकारियों सहित राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड जैसे विशेष बलों के कर्मियों के लिए आवास और परिचालन सुविधाएं प्रदान करेगा. उन्होंने कहा कि यह मॉडल सुशासन और विकसित भारत के दृष्टिकोण को मजबूत करने में मदद करेगा. इस अवसर पर महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, एमएलसी एवं भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, प्रदीप शुक्ल, सरवन निषाद, मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी, एडीजी गोरखपुर जोन मुथा अशोक जैन, एडीजी सुरक्षा तरुण गाबा, भाजपा के जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, महानगर संयोजक राजेश गुप्ता आदि उपस्थित रहे।
ये भी पढ़ेंः लखनऊ में 17 अप्रैल से दुग्ध स्वर्ण महोत्सव: आधुनिक तकनीक से सुदृढ़ होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था
News Source: PTI
