Home Top News संसद में भिड़े शाह-अखिलेश, हुई जोरदार बहस! गृह मंत्री बोले- बस चलें तो घरों की भी जाति तय कर दें

संसद में भिड़े शाह-अखिलेश, हुई जोरदार बहस! गृह मंत्री बोले- बस चलें तो घरों की भी जाति तय कर दें

by Sachin Kumar
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Parliament Special Session

Parliament Special Session : लोकसभा में महिला आरक्षण समेत तीनों बिलों को पेश किया गया. इसके बाद सत्ता और विपक्ष के बीच में जोरदार हंगामा मच गया. विपक्ष ने कहा कि इसको इतनी जल्दी लाने की जरूरत क्यों है?

Parliament Special Session : संसद का विशेष गुरुवार से शुरू हो गया है. महिला आरक्षण समेत तीन बिल जब लोकसभा में पेश हुए तो जोरदार हंगामा शुरू हो गया. इस पर कांग्रेस ने कहा कि सत्तापक्ष इस बिल को पेश करने के माध्यम से संविधान को हाईजैक करना चाहती है. समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने कहा कि हम महिला विधेयक के पक्ष में है. लेकिन अभी आपको जल्दबाजी क्यों है? उन्होंने आगे कहा कि आप लोग जनगणना क्यों नहीं कराना चाहते हैं? साथ ही जैसे ही देश में जनगणना होगी तो हम लोग जाति जनगणना की मांग करने लग जाएंगे और जातियों की गिनती के बाद हम उसी हिसाब से रिजर्वेशन की मांग करेंगे और यही वजह है कि आप पार्लियामेंट में धोखा देकर इस बिल को लाना चाहते हैं.

अभी घरों की गिनती हो रही है : शाह

अखिलेश यादव पर पलटवार करते हुए अमित शाह ने कहा कि मैं इस सदन के माध्यम से देश की जनता को बताना चाहता हूं कि भारत में जनगणना का काम जारी है. साथ ही सरकार जाति जनगणना कराना का फैसला कर चुकी है और अभी घरों की गिनती जारी है. मैं सदन को बता दूं कि घरों की जाति नहीं होती है. उन्होंने यह भी कि अगर बस चले तो समाजवादी पार्टी घरों की जाति तय कर दें. जब जातियों की गिनती होगी तो उसमें जाति आधारित कॉलम भी दिया जाएगा. शाह ने बताया कि यह मेरा विभाग है और मैं सदन को इस बात के लिए आश्वस्त करना चाहता हूं कि ये जनगणना जाति के साथ होने वाली है.

तीन विधेयक हुए सदन में पेश

लोकसभा में महिला आरक्षण समेत तीन बिलों को सरकार की तरफ से पेश किया गया है. इन बिलों पर सदन में जमकर हंगामा मचा हुआ है. विपक्ष ने इन प्रस्तावित विधेयकों को असंवैधानिक करार देते हुए कड़ा विरोध किया है. इस बिल को केंद्रीय अर्जुन राम मेघवाल और अमित शाह ने पेश किया है. कानून मंत्री अर्जुन मेघवाल कहा कि महिला आरक्षण बिल 2023 में पारित किया गया था. अब इनके प्रावधानों को 2026 के बाद होने वाली जनगणना और परिसीमन के आधार पर लागू किया जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि संसद के सदस्यों में करीब 50 फीसदी की बढ़ोतरी होगी, जिसके माध्यम से 850 हो जाएंगी. साथ ही इनमें से करीब 272 महिलाएं होंगी, जो सदन की करीब एक तिहाई होंगी. साथ ही किसी भी राज्य को कोई नुकसान नहीं होगा और उनकी मौजूदा ताकत बरकरार रहेगी.

आरक्षण को परिसीमन से न जोड़ें : गोगोई

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि कानून मंत्री कि बात से ऐसा प्रतीत हो रहा था कि पहली बार महिला रिजर्वेशन पर चर्चा हो रही है. मैं बस यही कहना चाहूंगा कि उन्होंने अपने भाषण में ऐसा करने कोशिश की है कि यही सरकार पहली बार इस बिल को लेकर आई है. साथ ही आज से करीब तीन साल पहले ऐसी बात गृह मंत्री शाह की तरफ से भी कही गई थी. कांग्रेस सांसद ने कहा कि उस वक्त भी हमने कहा था कि हमारी पार्टी भी महिला आरक्षण के पक्ष में है और हम कहना चाहते हैं कि इसको सरल किया जाए ताकि जब बिल पारित हो तभी लागू हो जाएं. इसको किसी भी कीमत पर परिसीमन के साथ नहीं जोड़ा जाना चाहिए.

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News Source: PTI

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