Middle East Tension : ईरान और अमेरिका के बीच जारी सीजफायर के बाद भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव बना हुआ है. वहां से कोई मालवाहक जहाज नहीं गुजर पा रहा है और इसका असर अब दुनिया भर के देशों पर भी देखने को मिल रहा है.
Middle East Tension : स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान की मजबूत पकड़ और दूसरी तरफ अमेरिका की नाकेबंदी से मिडिल ईस्ट में तनाव बना हुआ है. हालांकि, दोनों के बीच में अभी कोई सीधी लड़ाई नहीं चल रही है, लेकिन एक तरह से कोल्ड वार छिड़ा हुआ है. मिडिल ईस्ट में जारी तनाव की वजह से पेट्रोल और गैस की सप्लाई काफी प्रभावित हो रही है और इसका असर अब दुनिया भर के देशों की अर्थव्यवस्था पर भी देखने को मिल रहा है. इसी बीच ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर बात किए बिना ही होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर अपनी पकड़ को कम करने का प्रस्ताव दे रहा है. यह बात उस वक्त सामने आई जब ईरानी विदेश मंत्री अराघची रूस दौरे पर थे.
क्या ईरान मानेगा ट्रंप की शर्त
दो क्षेत्रीय अधिकारियों ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि ईरान चाहता है कि अमेरिका उसके देश पर लगी नाकेबंदी को खत्म कर दें. ईरान ने ये नया प्रस्ताव पाकिस्तान के माध्यम से डोनाल्ड ट्रंप को भेजा गया और अब देखना होगा कि अमेरिकी राष्ट्रपति को इस पर क्या प्रतिक्रिया होती है. ट्रंप चाहते हैं कि इस संघर्ष को समाप्त करने के लिए ईरान को अपना न्यूक्लियर प्रोजेक्ट को पूरी तरह खत्म करना होगा. ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा था कि अभी हमारे हाथ में सारे पत्ते हैं और अगर वह किसी भी स्तर पर बात करना चाहते हैं तो हमारे पास आ सकते हैं.
राष्ट्रपति पुतिन से करेंगे मुलाकात
आपको बताते चलें कि ईरान की न्यूज एजेंसी IRNA ने बताया कि विदेश मंत्री अराघची सोमवार सुबह सेंट पीटर्सबर्ग पहुंचेंगे. वह यहां पर राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात करेंगे और इसी सप्ताह ओमान का भी दौरा करेंगे. होर्मुज को ओमान और ईरान दोनों साझा करते हैं. अराघची का यह दौरा भी इसलिए महत्वपूर्ण है कि ईरान लगातार अमेरिका से होर्मुज पर बातचीत कर रहा है. हालांकि, सीजफायर के बाद भी इस इलाके में तनाव जारी है और यहां से कोई मालवाहक जहाज गुजरने की इजाजत नहीं है. यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय मार्केट में तेल और गैस की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हो रही है.
ट्रंप ने फोन से बातचीत का दिया सुझाव
वहीं, IRNA से खास बातचीत में अराघची ने कहा कि यह हमारे के लिए खास मौका है कि हम अपने घनिष्ठ मित्र रूसी दोस्तों के साथ उन घटनाक्रमों के बारे में चर्चा करें जो इस युद्ध के दौरान घटी हैं. दूसरी तरफ ईरान और अमेरिका के बीच रुकी हुई बातचीत को फिर शुरू करने के लिए पाकिस्तान लगातार कोशिश कर रहा है. हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति ने सुझाव दिया है कि बातचीत इस्लामाबाद की जगह फोन पर हो सकती है. इस पर अराघची ने कहा कि यह अमेरिका के रवैये की वजह है कि बातचीत इतनी देरी से शुरू हुई. वहीं, तेहरान ने स्पष्ट कर दिया है कि पिछली बातचीत में कोई लक्ष्य को हासिल नहीं किया गया है, क्योंकि वाशिंगटन की तरफ से अत्यधिक मांगें की जा रही हैं..
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News Source: PTI
