UP Police Encounter: उत्तर प्रदेश पुलिस ने राज्य सरकार की अपराध के प्रति शून्य-सहिष्णुता नीति के तहत पिछले 48 घंटों में बड़ी कार्रवाई की है.
UP Police Encounter: उत्तर प्रदेश पुलिस ने राज्य सरकार की अपराध के प्रति शून्य-सहिष्णुता नीति के तहत पिछले 48 घंटों में बड़ी कार्रवाई की है. डीजीपी राजीव कृष्णा ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न जिलों जैसे मुजफ्फरनगर, वाराणसी, मथुरा और बरेली सहित अन्य क्षेत्रों में कुल 35 मुठभेड़ें हुईं. इस सघन अभियान में 3 अपराधी मारे गए, 36 घायल हुए और 60 से अधिक संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया. यह कार्रवाई NCRB की ‘भारत में अपराध 2024’ रिपोर्ट के बाद आई है, जिसमें यूपी की अपराध दर (180.2) राष्ट्रीय औसत (252.3) से काफी कम दर्ज की गई है. डीजीपी ने इन आंकड़ों का श्रेय आधुनिक पुलिसिंग, एंटी-रोमियो स्क्वाड और संगठित अपराध के खिलाफ निरंतर अभियानों को दिया.
मथुरा में बावरिया गिरोह ने की थी लूटपाट
वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि 6 और 7 मई के बीच चले ये ऑपरेशन कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने और राज्य में सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के निरंतर प्रयासों का हिस्सा है. पुलिस रिकॉर्ड से पता चलता है कि ज्यादातर घटनाओं में आरोपियों ने भागने की कोशिश करते समय पुलिस टीमों पर गोलियां चलाईं, जिसके बाद जवाबी गोलीबारी में संदिग्धों को गोली लगी. तीन मौत में से दो बावरिया गिरोह के सदस्य थे, जो पिछले महीने मथुरा में एक डकैती मामले से जुड़े ऑपरेशन के दौरान मारे गए थे, जिसमें एक परिवार को बंधक बना लिया गया था और आभूषण और कीमती सामान लूट लिया गया था. मथुरा के एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि दोनों आरोपियों की पहचान पप्पू उर्फ राजेंद्र और धर्मवीर उर्फ लंबू के रूप में हुई है, जो राजस्थान के हैं. जब अधिकारियों ने उन्हें गिरफ्तार करने का प्रयास किया तो उन्होंने गोलियां चला दीं.
गोलीबारी में दो पुलिसकर्मी भी घायल
पुलिस ने कहा कि दोनों संदिग्ध, जिनमें से प्रत्येक पर 50,000 रुपये का इनाम था, जवाबी गोलीबारी में घायल हो गए और बाद में अस्पताल पहुंचने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. गोलीबारी में दो पुलिसकर्मी भी घायल हो गए. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, राजेंद्र 11 आपराधिक मामलों में वांछित था, जबकि धर्मवीर पर कई राज्यों में 16 मामले दर्ज थे. हरदोई में 7 वर्षीय लड़के के अपहरण, यौन उत्पीड़न और हत्या के एक आरोपी की मौत हो गई. हरदोई के एसपी अशोक कुमार मीणा ने आरोपी की पहचान पड़ोसी जिले कन्नौज के निवासी मेनूर उर्फ मेहनुद्दीन के रूप में की, जिसके खिलाफ लगभग एक दर्जन आपराधिक मामले दर्ज थे. पुलिस ने कहा कि 50,000 रुपये के इनामी आरोपी ने वाहन चेकिंग अभियान के दौरान घिरे होने पर गोलीबारी की, जिसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की. गोलीबारी के दौरान एक सब-इंस्पेक्टर के हाथ में गोली लग गई.
मुजफ्फरनगर बना एनकाउंटर का केंद्र
अधिकारियों ने आगे कहा कि मुठभेड़ों में 36 आरोपी घायल हो गए, जबकि तलाशी अभियानों के दौरान 20 अन्य संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया गया. दो अलग-अलग घटनाओं में चार पुलिसकर्मी भी घायल हो गए और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है. पुलिस ने कहा कि सबसे ज्यादा सात मुठभेड़ें मुजफ्फरनगर में हुईं, जहां 10 आरोपी गोली लगने से घायल हो गए और 11 अन्य को गिरफ्तार कर लिया गया. मुजफ्फनगर में कई मुठभेड़ लूट, डकैती, मोबाइल-फोन स्नैचिंग और चोरी के मामलों से जुड़ी थीं. अधिकारियों ने कहा कि गिरफ्तार किए गए लोगों में पंजाब पुलिस द्वारा वांछित संदिग्ध और नकद इनाम वाले कई आरोपी शामिल थे.
अपराध पर जीरो टॉलरेंस
डीजीपी ने कहा कि पुलिस की कार्रवाई पूरी तरह से अपराध के खिलाफ सरकार की शून्य-सहिष्णुता नीति के अनुरूप है. किसी भी आपराधिक गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि पुलिस बल जांच की गुणवत्ता, व्यावसायिकता और गति में सुधार करके अपराधियों की त्वरित सजा सुनिश्चित करने पर भी ध्यान केंद्रित कर रहा है. पुलिस द्वारा साझा किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2017 के बाद से पूरे उत्तर प्रदेश में पुलिस मुठभेड़ों में कुल 272 अपराधी मारे गए हैं और 11,000 से अधिक घायल हुए हैं. 85,000 से अधिक आरोपियों पर गैंगस्टर अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है, जबकि 977 लोगों पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है.
ये भी पढ़ेंः योगी सरकार में युवा बन रहे समृद्ध उत्तर प्रदेश की नई ताकत, 4.40 लाख युवाओं को मिला रोजगार
News Source: PTI
