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India Russia Oil: भारत ने रूस से रिकॉर्ड स्तर पर की कच्चे तेल की खरीदारी, आयात में 34% का उछाल

by Amit Dubey 12 July 2026, 11:31 AM IST
12 July 2026, 11:31 AM IST
India Russia Oil

India Russia Oil: बीते दिनों पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष ने भारत समेत दुनिया के कई देशों की एनर्जी सप्लाई के लिए अहम स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बाधित कर दिया था. इससे कच्चे तेल के आयात पर काफी प्रभाव पड़ा था और इनकी कीमतों में भी बढ़ोतरी देखी गई थी.

इस बीच भारत ने खाड़ी देशों के अलावा अमेरिका की सख्त निगरानी के बावजूद भी रूस से कच्चे तेल की खरीदारी को जारी रखा. नई दिल्ली ने मास्को से रिकॉर्ड स्तर पर तेल की खरीदारी की है. सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) की एक रिपोर्ट के अनुसार, रूस के कुल तेल निर्यात राजस्व में गिरावट के बावजूद, भारत का रूसी कच्चे तेल का आयात जून में रिकॉर्ड हाई स्तर पर पहुंच गया, जो पिछले महीने की तुलना में 34 प्रतिशत अधिक था. आइए जानते हैं क्या कहती है यह रिपोर्ट.

भारत रूसी जीवाश्म ईंधन का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार

भारत के द्वारा रूस से कच्चे तेल के आयात में 34 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. सीआरईए की रिपोर्ट में कहा गया, “जून 2026 में भारत रूसी जीवाश्म ईंधन का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार था, जिसने कुल 5.5 अरब यूरो मूल्य के रूसी हाइड्रोकार्बन का आयात किया. कच्चे तेल की भारत की कुल खरीद का 83 प्रतिशत हिस्सा था, जो 4.5 अरब यूरो के बराबर था.”

इसमें आगे कहा गया, “तेल उत्पाद (488 मिलियन यूरो) और कोयला (444 मिलियन यूरो) उनके मासिक रूसी आयात का शेष हिस्सा थे.” बता दें कि रूसी जीवाश्म ईंधन का पहला यानी कि शीर्ष खरीदारी चीन है.

प्रमुख रिफाइनरियों को रूसी आपूर्ति में भारी वृद्धि

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के कुल कच्चे तेल आयात में महीने-दर-महीने 5.4 प्रतिशत की वृद्धि के कारण यह तीव्र उछाल आया है. इसमें प्रमुख रिफाइनरियों को रूसी आपूर्ति में भारी वृद्धि देखी गई है. रिलायंस इंडस्ट्रीज की जामनगर रिफाइनरी को आपूर्ति मई से 150 प्रतिशत बढ़ गई, जबकि इंडियन ऑयल कॉर्प की पारादीप रिफाइनरी में आयात 126 प्रतिशत बढ़ गया.

सीआरईए के अनुसार, बीपीसीएल की कोच्चि रिफाइनरी और नायरा एनर्जी की वडीनार रिफाइनरी में क्रमशः 83 प्रतिशत और 45 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई.

रिपोर्ट में और क्या कहा गया?

रिपोर्ट में बताया गया है कि रूसी कच्चे तेल से बने तेल उत्पादों के आयात पर यूरोपीय संघ द्वारा प्रतिबंध के बावजूद, रूसी कच्चे तेल का उपयोग करने वाली भारतीय रिफाइनरियों से जून में यूरोपीय संघ के बंदरगाहों पर दो खेप उतारी गईं. इसमें यह भी कहा गया है कि छूट के तहत रूसी कच्चे तेल से रिफाइंड डीजल और जेट ईंधन के आयात की अनुमति देने के बाद यूनाइटेड किंगडम को जामनगर से जेट ईंधन की पहली खेप प्राप्त हुई.

रिपोर्ट में कहा गया है, “जून 2026 में, ब्रिटेन ने भारत की जामनगर रिफाइनरी में उत्पादित जेट ईंधन की अपनी पहली खेप उतारी. यह छूट ब्रिटेन सरकार द्वारा रूसी कच्चे तेल से रिफाइंड डीजल और जेट ईंधन के आयात की अनुमति दिए जाने के बाद दी गई थी. लगभग 63 मिलियन यूरो मूल्य के इस माल को थेम्स हेवन और आइल ऑफ ग्रेन बंदरगाहों पर उतारा गया.”

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News Source: PTI

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