Gold-Silver Price: मिडिल ईस्ट वॉर का असर हर तरफ देखा जा रहा है. ऐसे में सर्राफा बाज़ार में भी हड़कंप मचा हुआ है. यही वजह है कि आज सोने और चांदी के दामों में अच्छी-खासी गिरावट देखी गई.
09 April, 2026
अगर आप शादी-ब्याह के सीजन के लिए गहने खरीदने का मन बना रहे थे, तो आपके लिए एक राहत भरी खबर है. दरअसल, पिछले कुछ टाइम से आसमान छू रही सोने और चांदी की कीमतों में गुरुवार को बड़ी गिरावट देखने को मिली है. दिल्ली के सर्राफा बाजार में चांदी की कीमतें 7,800 रुपये तक गिर गई हैं. वहीं, सोने के भाव में भी 1,500 की कमी आई है. इस अचानक आई गिरावट के पीछे मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव और इन्वेस्टर्स की प्रोफिट बुकिंग को बड़ी वजह माना जा रहा है.
चांदी और सोने का हाल
ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, दिल्ली में चांदी की कीमत 3.10 प्रतिशत यानी 7,800 रुपये की भारी गिरावट के साथ 2,43,200 प्रति किलोग्राम पर आ गई है. बुधवार को यही चांदी 2,51,000 रुपये के लेवल पर बंद हुई थी. चांदी की ये गिरावट उन लोगों के लिए बड़ा मौका हो सकती है जो इन्वेस्टमेंट या खरीदारी का इंतजार कर रहे थे. वहीं, सोने की बात करें तो 99.9 प्रतिशत प्योरिटी वाला सोना 1,500 रुपये गिरकर 1,54,900 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है. पिछले ट्रेडिंग सेशन में गोल्ड 1,56,400 के हाई लेवल पर बंद हुआ था. हालांकि, ये गिरावट मामूली लग सकती है, लेकिन इंटरनेशनल मार्केट की अनस्टेबिलिटी को देखते हुए ये काफी अहम है.
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क्यों गिरे दाम?
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह मिडिल ईस्ट में जारी जंग है. हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच हुए सीजफायर को लेकर इन्वेस्टर्स थोड़े डरे हुए हैं. उन्हें लग रहा है कि ये शांति ज्यादा टाइम तक नहीं टिकेगी. एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी के मुताबिक, ईरान और अमेरिका के बीच समझौता बहुत ही नाजुक सिचुएशन में है. इसके अलावा, ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ के बंद होने की आशंका और टैंकरों के आने-जाने पर रोक की खबरों ने भी बाजार का सेंटिमेंट बिगाड़ दिया है. वैसे, जब भी इंटरनेशनल लेवल पर वॉर जैसे हालात बनते हैं या कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आता है, तो उसका सीधा असर सोने-चांदी की कीमतों पर पड़ता है.
ट्रंप की वॉर्निंग
भले ही भारत में सोने और चांदी के प्राइज़ गिरे हों, लेकिन ग्लोबल मार्केट में गोल्ड और सिल्वर में हलचल जारी है. इंटरनेशनल मार्केट में स्पॉट गोल्ड 0.45 प्रतिशत बढ़कर 4,740 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि डॉलर की कमजोरी की वजह से ग्लोबल मार्केट में सोने को सपोर्ट मिल रहा है. वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कड़े रुख ने भी चिंता बढ़ा दी है. ट्रंप ने क्लियर वॉर्निंग दी है कि अगर ईरान के साथ सही डील नहीं हुई, तो वो कड़ी कार्रवाई करेंगे. उन्होंने अमेरिकी सेना को तब तक तैनात रहने का निर्देश दिया है जब तक कि समझौते का पूरी तरह पालन न हो जाए.
क्या होगा आगे?
मिराई एसेट शेयरखान के कमोडिटी हेड प्रवीण सिंह का कहना है कि सोने की कीमतें अभी एक लिमिट में रह सकती हैं. फिलहाल सबकी नजरें अमेरिका के कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) के आंकड़ों पर टिकी हैं. अगर इंटरनेशनल हालात नहीं सुधरे, तो आने वाले टाइम में सोना 5,000 डॉलर प्रति औंस के करीब भी पहुंच सकता है. ऐसे में अगर आप लॉन्ग टाइम के लिए इन्वेस्टमेंट करना चाहते हैं, तो ऐसी गिरावट खरीदारी का अच्छा मौका हो सकती है. हालांकि, किसी भी तरह की इन्वेस्टमेंट से पहले अपने फॉइनेंशियल एडवाइज़र की सलाह जरूर लें. वैसे भी, एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक बाजार की चाल को समझना जरूरी है, क्योंकि वॉर और इंटरनेशनल पॉलिटिक्स की खबरें पल-पल बदल रही हैं.
News Source: PTI
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