Share Market: दुनियाभर में चल रही जंग का साफ असर इंडियन शेयर मार्केट पर देखा जा रहा है. हफ्ते की शुरुआत में ही सेंसेक्स और निफ्टी की गिरावट ने इन्वेस्टर्स की जेब खाली कर दी है. वहीं, सोने के दाम भी आसमान छू रहे हैं.
02 March, 2026
आज की सुबह शेयर बाजार के इन्वेस्टर्स के लिए किसी डरावने सपने जैसी रही. जैसे ही बाजार खुला, मानों हर तरफ लाल निशान की बाढ़ आ गई हो. मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और इजरायल-ईरान के बीच छिड़ी जंग ने दुनिया भर के इन्वेस्टर्स की धड़कनें बढ़ा दी हैं. ऐसे में अगर आप सोच रहे हैं कि आपकी स्क्रीन पर सेंसेक्स और निफ्टी के आंकड़े नीचे क्यों गिर रहे हैं, तो इसकी जड़ में वो मिसाइलें और ड्रोन हमले हैं जिन्होंने ग्लोबल मार्केट को हिला कर रख दिया है.
बाजार का हाल
हफ्ते के पहले ही दिन दलाल स्ट्रीट पर सन्नाटा छा गया. सोमवार सुबह शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 2,743 अंक से ज्यादा टूटकर 78,543 के लेवल पर आ गया. वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी करीब 533 अंकों की गिरावट के साथ 24,645 पर ट्रेड करता नजर आया. बाजार की इस गिरावट ने एक ही झटके में इन्वेस्टर्स के करोड़ों रुपये स्वाहा कर दिए.
इन सेक्टर्स पर मार
शेयर बाज़ार की इस गिरावट की सबसे बड़ी मार रियलिटी, पीएसयू बैंक और ऑटो सेक्टर पर पड़ी है. इंटरग्लोब एविएशन, एलएंडटी, मारुति सुजुकी और एशियन पेंट्स जैसे बड़े शेयर्स में भारी बिकवाली देखी गई. हालांकि, इस डूबते बाजार में भी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL) जैसे कुछ शेयर हरे निशान में रहकर अपनी मजबूती दिखा रहे थे. एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब तक वॉर की स्थिति क्लियर नहीं होती, बाजार में ये उतार-चढ़ाव जारी रहेगा.
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सोने की लंबी छलांग
शेयर बाजार में मचे हाहाकार के बीच सोने की चमक और ज्यादा बढ़ गई है. सेफ इन्वेस्टर्स अब सोने की तरफ भाग रहे हैं. इसका असर ये हुआ कि एमसीएक्स पर सोने की कीमतें करीब 3 प्रतिशत बढ़कर 1.67 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गईं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर दुनिया में यही हालात रहे, तो सोना जल्द ही 1.70 लाख रुपये और चांदी 3 लाख रुपये प्रति किलो के लेवल को छू सकती है. यानी अब जूलरी बनवाना या सोने में इन्वेस्ट करना आपकी जेब पर काफी भारी पड़ने वाला है.
क्यों बिगड़े हालात?
इस पूरे खतरे की शुरुआत शुक्रवार को हुई, जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हवाई हमले किए. इसके जवाब में ईरान ने भी इजरायल और आसपास के देशों पर मिसाइलें दागनी शुरू कर दीं. इस तनाव ने कच्चे तेल यानी क्रूड ऑयल की सप्लाई पर भी खतरा पैदा कर दिया है, जिससे ग्लोबल लेवल पर महंगाई बढ़ने का डर सता रहा है.
एक्सपर्ट्स की सलाह
मार्केट के जानकारों का मानना है कि इस समय इन्वेस्टर्स को जल्दबाजी में कोई भी बड़ा फैसला लेने से बचना चाहिए. वैसे भी मिडिल ईस्ट के हालात और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें आने वाले दिनों में भी बाजार पर दबाव बनाए रखेंगी. वहीं, फॉरेन इन्वेस्टर्स यानी FIIs ने भी बाजार से हाथ खींचना शुरू कर दिया है, जो एक चिंता की बात है. फिलहाल, आम आदमी के लिए सलाह यही है कि अगर आप शेयर बाजार में पैसा लगाने की सोच रहे हैं, तो थोड़ा रुकें. साथ ही अगर आप सोना खरीदने की प्लानिंग बना रहे थे, तो शायद अब आपको अपने बजट पर दोबारा गौर करने की जरूरत है.
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