America on India EU Deal: भारत और यूरोप की फ्री ट्रेड डील पर अमेरिका को मिर्ची लग रही है. अमेरिकी ने इस डील को निराशाजनक बताया है.
29 January, 2026
गणतंत्र दिवस के मौके पर भारत और यूरोपियन ने अब तक की सबसे बड़ी डील कर ली है. भारत और यूरोपीय संघ के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) हो चुका है. इसे मदर ऑफ ऑल डील्स कहा जा रहा है, जिससे बनने वाला बाजार वैश्विक जीडीपी का एक चौथाई हिस्सा कवर करेगा. हालांकि भारत और यूरोप की दोस्ती पर अमेरिका को मिर्ची लग रही है. अमेरिका ने इस डील को निराशाजनक बताया है.
यूरोप पर लगाया युद्ध फंड करने का आरोप
भारत और EU के बीच FTA के बाद, अमेरिका ने यूरोपियनों को “बहुत निराशाजनक” बताया है. अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने बुधवार को एक इंटरव्यू में कहा, ” उन्हें वही करना चाहिए जो उनके लिए सबसे अच्छा हो, लेकिन मैं आपको बता दूं कि मुझे यूरोपियन बहुत निराशाजनक लगते हैं. भारत ने बैन वाला रूसी तेल खरीदना शुरू कर दिया, और अंदाजा लगाइए कि रिफाइंड प्रोडक्ट कौन खरीद रहा था? यूरोपियन. तो, यूरोपियन खुद युद्ध को फंड कर रहे हैं.” बेसेंट ने कहा “अमेरिका ने रूसी तेल खरीदने के लिए भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया. यूरोपियन हमारा साथ देने को तैयार नहीं थे और पता चला कि वे यह ट्रेड डील करना चाहते थे. इसलिए, जब भी आप किसी यूरोपियन को यूक्रेनी लोगों के महत्व के बारे में बात करते हुए सुनें, तो याद रखें कि उन्होंने यूक्रेनी लोगों से पहले ट्रेड को रखा. यूरोपियन के लिए ट्रेड, यूक्रेन में युद्ध खत्म करने से ज़्यादा महत्वपूर्ण है.”
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि का बयान
मंगलवार को, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा नई दिल्ली में ट्रेड डील पर हस्ताक्षर का नेतृत्व कर रहे थे, तो अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर ने कहा कि भारत इस ट्रेड डील में “टॉप” पर रहा. ग्रीर ने फॉक्स बिजनेस को एक इंटरव्यू में कहा था, “मैंने अब तक डील के कुछ डिटेल्स देखे हैं. मुझे लगता है कि इसमें भारत टॉप पर है, सच कहूं तो. उन्हें यूरोप में ज़्यादा मार्केट एक्सेस मिलता है.” ग्रीर ने कहा था, “कि कुल मिलाकर, भारत को इससे बहुत फायदा होने वाला है. उनके पास कम लागत वाला लेबर है, और ऐसा लगता है कि जब हम यहां अमेरिका में ग्लोबलाइज़ेशन की कुछ समस्याओं को ठीक करने की कोशिश कर रहे हैं, तब EU ग्लोबलाइजेशन पर और ज़ोर दे रहा है.”
इन सेक्टर में होगा फायदा
भारत और यूरोपियन यूनियन ने ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर मुहर लगा दी है, ताकि दो अरब लोगों का बाजार बनाया जा सके. अधिकारियों के अनुसार, फ्री ट्रेड एग्रीमेंट, जो ग्लोबल GDP का लगभग एक चौथाई होगा. यह एग्रीमेंट EU को होने वाले 99 प्रतिशत भारतीय एक्सपोर्ट पर टैरिफ कम करेगा और भारत को होने वाले EU के 97 प्रतिशत से ज़्यादा एक्सपोर्ट पर ड्यूटी कम करेगा. टेक्सटाइल, कपड़े, चमड़े के सामान, हस्तशिल्प, जूते और समुद्री उत्पाद जैसे भारतीय सेक्टर को FTA से फायदा होने वाला है, जबकि यूरोप को वाइन, ऑटोमोबाइल, केमिकल और फार्मास्यूटिकल्स जैसे क्षेत्रों में फायदा होने वाला है.
News Source: PTI
यह भी पढ़ें- फार्मा सेक्टर में बड़ा सुधार: अब दवा निर्माण के लिए लाइसेंस की जरूरत खत्म, कंपनियों के बचेंगे 90 दिन
