Home राज्यMaharashtra सोशल मीडिया की ताकत: VIP कल्चर पर लगाम, मुंबई मेयर की गाड़ी से हटाई गई लाल-नीली बत्ती

सोशल मीडिया की ताकत: VIP कल्चर पर लगाम, मुंबई मेयर की गाड़ी से हटाई गई लाल-नीली बत्ती

by Sanjay Kumar Srivastava
0 comment
सोशल मीडिया के दबाव में झुकी BMC: VIP कल्चर पर लगाम, मुंबई मेयर की गाड़ी से हटाई गई लाल-नीली बत्ती

Mumbai Mayor: सोशल मीडिया की ताकत ने मुंबई मेयर के VIP कल्चर पर लगाम लगा दी. ऑनलाइन विरोध के बाद मेयर की गाड़ी से लाल-नीली बत्ती हटानी पड़ी.

Mumbai Mayor: सोशल मीडिया की ताकत ने मुंबई मेयर के VIP कल्चर पर लगाम लगा दी. ऑनलाइन विरोध के बाद मेयर की गाड़ी से लाल-नीली बत्ती हटानी पड़ी. मुंबई नगर निगम (BMC) ने वीआईपी संस्कृति को बढ़ावा देने और नियमों के उल्लंघन के आरोपों के बीच मेयर रितु तावड़े की आधिकारिक कार से लाल और नीली बत्तियां हटा दी हैं. पिछले महीने मेयर पद संभालने वाली तावड़े की कार पर ये बत्तियां लगी थीं, जिस पर सोशल मीडिया यूजर्स ने सवाल उठाए थे. बीएमसी ने स्पष्ट किया कि प्रशासन के संज्ञान में आने के बाद न केवल मेयर बल्कि अन्य अधिकारियों के वाहनों से भी फ्लैशिंग लाइटें हटा दी गई हैं. आमतौर पर ये लाइटें केवल आपातकालीन और पुलिस वाहनों के लिए आरक्षित होती हैं. “क्या पुलिस के पास मुंबई मेयर के वाहन पर लाल और नीली बत्ती चालू करने का लाइसेंस है?” एक्स यूजर @shivsainik007 ने 11 मार्च को एक पोस्ट में पूछा.

विपक्ष ने भी तावड़े पर साधा निशाना

कई सोशल मीडिया यूजर्स ने बत्ती के उपयोग की आलोचना की. एक्स पर ‘वी वर्क फाउंडेशन’ (@weworkngo) लिखा कि “कृपया स्पष्टीकरण दें. क्या मुंबई के मेयर की कार को लाल-नीली बत्ती का उपयोग करने की अनुमति है? यहां तक ​​कि उनके साथ चलने वाले सुरक्षा वाहन के ऊपर भी लाल-नीली बत्ती लगी है. इन बत्तियों का उपयोग क्यों किया जा रहा है?” आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने दावा किया कि मेयर के आधिकारिक और एस्कॉर्ट वाहनों पर “लाल और पीली बत्तियों का अनधिकृत उपयोग” किया जा रहा था. केंद्र द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, ऐसी बत्तियों का उपयोग प्रतिबंधित है और केवल विशिष्ट आपातकालीन सेवाओं के लिए ही अनुमति है, गलगली ने कहा कि इस मामले को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और आवश्यक कार्रवाई तुरंत की जानी चाहिए. विपक्ष ने भी तावड़े पर निशाना साधा. आरोप लगाया कि “वीआईपी संस्कृति” थी. बीएमसी में भाजपा के सत्ता में आने के बाद यह फिर से उभर आया. विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने कहा कि जांच करने पर उन्होंने पाया कि लाल बत्ती वाहन की छत पर नहीं बल्कि बोनट पर लगी थी और तावड़े को गलत तरीके से निशाना बनाया जा रहा था. कहा कि इसमें महापौर की कोई गलती नहीं है.

मुंबई के मेयर बत्ती के हकदार नहीं

फड़नवीस ने कहा कि यह हमारा पहले का निर्णय है कि राज्य में किसी को भी लाल बत्ती का उपयोग नहीं करना चाहिए. महापौर को भी इसकी जानकारी है. लोग बिना किसी कारण के उन्हें निशाना बनाने की कोशिश कर रहे हैं. 19 अप्रैल, 2017 को प्रेस सूचना ब्यूरो द्वारा जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, केंद्र ने लाल या किसी भी रंगीन बत्ती के उपयोग को समाप्त करने के लिए मोटर वाहन नियमों में संशोधन करने का निर्णय लिया था. यह कदम सुप्रीम कोर्ट के दिसंबर 2013 के फैसले के बाद आया, जिसमें लाल बत्ती के इस्तेमाल को प्रतिबंधित करने और ‘वीआईपी संस्कृति’ पर अंकुश लगाने की मांग की गई थी. केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 की धारा 108 के तहत राज्य सरकारें कुछ वीआईपी, वीवीआईपी और सरकारी अधिकारियों के आधिकारिक वाहनों पर लाल या एम्बर बत्ती के उपयोग की अनुमति दे सकती है. दिसंबर 2013 में महाराष्ट्र सरकार ने बत्ती का उपयोग करने के हकदार पदों की सूची में कटौती की थी और सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर 2014 में एक संशोधित सूची प्रकाशित की थी. प्रकाशित सूची के अनुसार, मुंबई के मेयर किसी भी बत्ती का उपयोग करने के हकदार नहीं हैं.

ये भी पढ़ेंः बंगाल में 2 चरणों में होगी वोटिंग, 4 मई को रिजल्ट; जानें 5 राज्यों में मतदान और परिणाम की तारीखें

News Source: PTI

You may also like

LT logo

Feature Posts

Newsletter

@2026 Live Time. All Rights Reserved.

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?