Bangladesh Elections: बांग्लादेश में 12 फरवरी को आम चुनाव होने जा रहे हैं, लेकिन उससे पहले पता चला है कि बांगलादेश के 50 प्रतिशत मतदान केंद्र सुरक्षित ही नहीं हैं.
11 February, 2026
बांग्लादेश में शेख हसीना के तख्तापलट के बाद कल यानी 12 फरवरी को आम चुनाव होने जा रहे हैं, जो देश की जनता के लिए बहुत अहम है. पूरी दुनिया की नजरें कल होने वाली वोटिंग पर टिकी है. चुनाव की तैयारियां पूरी होने के बाद भी निष्पक्ष चुनाव न होने का खतरा बना हुआ है, क्योंकि बांग्लादेश के पोलिंग बूथ सुरक्षित नहीं है. बांग्लादेश में आम चुनावों के लिए आधे से ज़्यादा पोलिंग सेंटर “रिस्क-प्रोन” के तौर पर पहचाने गए हैं, अधिकारियों ने कहा कि उनमें से 90 परसेंट CCTV सर्विलांस में होंगे और राजधानी ढाका में तैनात कई पुलिसवालों ने बॉडी कैमरा पहना हुआ है.
‘हम अब बेहतर स्थिति में है’
अधिकारियों ने कहा कि इलेक्शन कमीशन का सिक्योरिटी सिस्टम रिस्क असेसमेंट पर आधारित है. इलेक्शन कमिश्नर अबुल फ़ज़ल मोहम्मद सनाउल्लाह ने मंगलवार देर रात एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा, “सिक्योरिटी डिप्लॉयमेंट लोकल सेंसिटिविटी असेसमेंट के आधार पर किया जा रहा है.” EC अधिकारियों ने कहा कि चुनावों में कानून लागू करने वाले लोगों की अब तक की सबसे बड़ी डिप्लॉयमेंट होगी और देश के चुनावी इतिहास में टेक्नोलॉजी का सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होगा. सनाउल्लाह ने कहा कि पोल बॉडी को उम्मीद है कि कानून लागू करने वाली एजेंसियां पोलिंग के दौरान और चुनाव के बाद वोटरों के लिए शांतिपूर्ण माहौल पक्का करेंगी. उन्होंने कहा कि EC मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति से काफी हद तक संतुष्ट है और “पहले के किसी भी समय की तुलना में, हम अब बेहतर स्थिति में है.”
2,131 पोलिंग सेंटर में से 1,614 रिस्की
उनकी यह बात पुलिस इंस्पेक्टर जनरल बहारुल आलम के यह कहने के कुछ घंटे बाद आई कि उन्हें देश भर के करीब 43,000 पोलिंग सेंटर में से 24,000 “ज़्यादा” या “मध्यम” रिस्क वाले चुनाव केंद्र मिले. पुलिस ने कहा कि उन्होंने EC को रिस्क वाले पोलिंग सेंटर की एक लिस्ट दी, जिससे पता चला कि ढाका के 2,131 पोलिंग सेंटर में से 1,614 रिस्क वाले थे. हालांकि, सेना ने पहले एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा था कि उन्होंने ढाका शहर में दो सेंटर को “रिस्की” बताया है.
12.77 करोड़ वोटर्स डालेंगे वोट
अधिकारियों ने कहा कि पुलिसवाले इन खास जगहों पर पहली बार बॉडी-वॉर्न कैमरे का इस्तेमाल करेंगे. EC के डेटा से पता चला कि पहली बार वोट देने वाले वोटर कुल 1,27,700,597 वोटरों में से करीब 3.58 परसेंट थे. ये चुनाव एक मुश्किल 84-पॉइंट रिफॉर्म पैकेज पर रेफरेंडम के साथ-साथ हो रहे हैं. मुकाबला मुख्य रूप से बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) और उसकी कभी सहयोगी रही जमात-ए-इस्लामी के बीच है.
BNP सबसे आगे
5 अगस्त, 2024 को जुलाई विद्रोह नाम के एक स्टूडेंट के नेतृत्व वाले हिंसक सड़क विरोध प्रदर्शन में हसीना की अवामी लीग सरकार को हटा दिया गया था. पिछले साल चीफ एडवाइजर मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार ने हटाई गई प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग को भंग कर दिया था और उसे चुनाव लड़ने से रोक दिया था. कंसल्टिंग फर्म, रिसर्च ऑर्गनाइजेशन और थिंक टैंक द्वारा पिछले दो महीनों में किए गए कई प्री-पोल सर्वे से पता चलता है कि BNP सबसे आगे थी और उसके नए चेयरमैन तारिक रहमान अगले प्रधानमंत्री बनने की दौड़ में सबसे आगे हैं.
News Source: PTI
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