Home Top News जेलेंस्की की बढ़ी चिंता : ड्रोन ऑपरेशन ठप, क्या रूस के खिलाफ कमजोर पड़ रही यूक्रेनी सेना?

जेलेंस्की की बढ़ी चिंता : ड्रोन ऑपरेशन ठप, क्या रूस के खिलाफ कमजोर पड़ रही यूक्रेनी सेना?

by Sanjay Kumar Srivastava 17 October 2026, 9:40 PM IST (Updated 17 October 2026, 9:50 PM IST)
17 October 2026, 9:40 PM IST (Updated 17 October 2026, 9:50 PM IST)
जेलेंस्की की बढ़ी चिंता : यूक्रेन के ड्रोन ऑपरेशन ठप, क्या रूस के खिलाफ कमजोर पड़ रही यूक्रेनी सेना?

Russia-Ukraine War: यूक्रेन अपनी सैन्य सैटेलाइट संचार सेवा पर लगी गति सीमा को हटाने के लिए प्रयासरत है. गति सीमा की वजह से यूक्रेन की ड्रोन मारक क्षमता प्रभावित हो रही है, जिससे उसे युद्ध में काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है. राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के रक्षा प्रौद्योगिकी सलाहकार सेरही बेस्क्रेस्तनोव ने बताया कि यूक्रेन अपनी सैन्य सैटेलाइट संचार सेवा पर लगी गति सीमा (स्पीड लिमिट) को हटाने के लिए स्पेसएक्स (SpaceX) और पेंटागन के साथ बातचीत कर रहा है. बिना किसी पूर्व सूचना के गुरुवार तड़के लगाई गई इस पाबंदी के कारण, जब भी कोई संचार टर्मिनल 160 किमी प्रति घंटा से अधिक की गति से चलता है, तो उसका इंटरनेट कनेक्शन कट जाता है.

यूक्रेन को युद्ध में उठाना पड़ रहा नुकसान

यह प्रतिबंध यूक्रेन के उन ड्रोन्स को सीधे प्रभावित कर रहा है जो ‘स्टारशील्ड’ (Starshield) तकनीक का उपयोग करते हैं, जो स्पेसएक्स की स्टारलिंक सैटेलाइट सेवा का सैन्य संस्करण है. इस तकनीकी बाधा के कारण यूक्रेनी ड्रोन्स को सामान्य से धीमी गति से उड़ना पड़ रहा है. परिणामस्वरूप, रूसी वायु रक्षा प्रणालियों और हथियारों के लिए इन ड्रोन्स को निशाना बनाना या इनसे बचना काफी आसान हो गया है, जिससे यूक्रेन को युद्ध क्षेत्र में नुकसान उठाना पड़ रहा है. यूक्रेनी अधिकारियों के पास इस बात का कोई स्पष्ट जवाब नहीं है कि यह पाबंदी अचानक क्यों लगाई गई है, विशेषकर ऐसे समय में जब कीव और वाशिंगटन के बीच राजनीतिक मतभेद बढ़ रहे हैं.

त्रिपक्षीय बातचीत जारी

बेस्क्रेस्तनोव ने कहा कि अब हमें समझ आ रहा है कि यह केवल कोई तकनीकी या व्यावसायिक मुद्दा नहीं है, बल्कि एक राजनीतिक मुद्दा भी है. आगे क्या होगा, यह फैसला कौन लेगा, और इन फैसलों को कौन प्रभावित करता है, हम केवल इसका अंदाजा ही लगा सकते हैं. फिलहाल इस पाबंदी को हटाने और ड्रोन्स की परिचालन क्षमता को पहले जैसा बहाल करने के लिए त्रिपक्षीय बातचीत जारी है.

यूक्रेन के ड्रोन हमलों से रूस के डिजिटल नेटवर्क पर संकट? Yandex का डेटा सेंटर हुआ ठप

‘स्टारशील्ड’ का नियंत्रण अमेरिकी सरकार के पास : मस्क

स्पेसएक्स के संस्थापक एलन मस्क ने कहा कि ‘स्टारशील्ड’ का स्वामित्व और नियंत्रण अमेरिकी सरकार के पास है. इसके इस्तेमाल से जुड़े फैसले अमेरिकी सेना लेती है और अंततः ये फैसले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अधिकार क्षेत्र में आते हैं. पेंटागन ने इस पाबंदी को लेकर कोई जवाब नहीं दिया है. ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने इस सिस्टम पर कोई पाबंदी लगाने का आदेश नहीं दिया था. उन्होंने इस बात पर भी संदेह जताया कि यह रुकावट मस्क की ओर से आई होगी. जॉर्जिया के लिए रवाना होने से पहले व्हाइट हाउस के बाहर ट्रंप ने कहा कि मुझे नहीं पता कि यह किसने किया, लेकिन मैंने तो नहीं किया और मुझे नहीं लगता कि एलन ने ऐसा किया होगा. जहां तक मैं समझता हूँ, स्थिति वैसी ही है जैसी हमेशा से रही है।.

कीव और वाशिंगटन के बीच बढ़ी कड़वाहट

इस घटनाक्रम ने कीव और वाशिंगटन के बीच बिगड़ते संबंधों को और भी खराब कर दिया है, जो पहले से ही ट्रंप के रूसी डीजल आयात समझौते (जिसे यूक्रेन ने विश्वासघात माना) और ज़ेलेंस्की द्वारा पश्चिमी खुफिया जानकारी साझा करने में आई रुकावट के कारण तनावपूर्ण थे. गति सीमा ने अग्रिम मोर्चे पर अभियानों को बाधित किया और यूक्रेन को रूस के जेट-चालित शाहेद ड्रोन के सामने अधिक असुरक्षित बना दिया, जो 400 किमी प्रति घंटे से अधिक की गति से उड़ते हैं. कीव ने हाल ही में हफ्तों तक चले लगातार हमलों के बाद ड्रोन का मुकाबला करने का एक तरीका खोज निकाला, जिनमें दर्जनों नागरिक मारे गए थे.

स्टारशील्ड पर निर्भर है यूक्रेन

यूक्रेन स्टारशील्ड पर निर्भर है, जिस पर पहले कोई गति सीमा नहीं थी, ताकि उन इंटरसेप्टर ड्रोन को नियंत्रित किया जा सके जो निर्धारित गति सीमा से कहीं अधिक गति से उड़ने वाले जेट-चालित ड्रोन का पीछा करते हैं. बेस्क्रेस्टनोव ने कहा कि हमारे सशस्त्र बलों के जवान दिखा रहे हैं कि यह समाधान प्रभावी ढंग से काम करता है. बेस्क्रेस्टनोव ने कहा कि यह सीमा प्रोपेलर-चालित शाहेद ड्रोन का शिकार करने वाले यूक्रेनी हेलीकॉप्टरों को भी प्रभावित करती है.

यूक्रेन के ड्रोन ऑपरेशंस की रीढ़ है स्टारशील्ड

स्टारशील्ड यूक्रेन के ड्रोन ऑपरेशंस की रीढ़ है. बेस्क्रेस्टनोव ने बताया कि यह पेंटागन और अमेरिकी सरकार द्वारा प्रबंधित एक पैकेज है, जिसे सैन्य उपयोग के लिए सहयोगी देशों को उपलब्ध कराया गया है. नागरिक सैटेलाइट सेवा की तुलना में इसके शुल्क और शर्तें अलग हैं और इसमें अधिक स्थिर तथा उच्च प्राथमिकता वाला कनेक्शन मिलता है. बेस्क्रेस्टनोव ने जोर देकर कहा कि इसका इस्तेमाल रूसी क्षेत्र में नहीं किया जाता है और वहां तेल रिफाइनरियों पर हमला करने वाले यूक्रेनी ड्रोनों को स्टारशील्ड कोई सेवा नहीं देता है. बेस्क्रेस्टनोव के अनुसार, प्रतिबंध लागू होने के तुरंत बाद ही यूक्रेन ने इस बारे में बात करना शुरू कर दिया, क्योंकि इतनी सारी इकाइयां इस सेवा पर निर्भर थीं कि इसे छिपाया नहीं जा सकता था. वे पहले यूक्रेनी अधिकारी थे जिन्होंने सार्वजनिक रूप से इस प्रतिबंध की पुष्टि की.

पेंटागन, स्पेसएक्स और अमेरिकी सरकार के साथ बातचीत जारी

बेस्क्रेस्टनोव ने बताया कि जल्द ही समस्याएं और बढ़ गईं. स्पीड लिमिट के साथ-साथ कम्युनिकेशन में रुकावटें भी आने लगीं, जो संभवतः इन्हीं नई सीमाओं के कारण थीं. यूक्रेन द्वारा मुद्दा उठाए जाने के बाद स्पेसएक्स ने कम्युनिकेशन की रुकावटों को तो ठीक कर दिया, लेकिन स्पीड लिमिट (कैप) बनी रही. बेस्क्रेस्टनोव ने कहा कि यूक्रेन यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि क्या वे विमानों के लिए डिज़ाइन किए गए एक अलग स्टारशील्ड पैकेज पर स्विच कर सकते हैं, जिसमें कोई स्पीड लिमिट नहीं है, या फिर मौजूदा सेवा से इस प्रतिबंध को हटवाया जा सकता है. उन्होंने बताया कि एविएशन पैकेज की लागत बहुत अधिक है, जो यूक्रेन के लिए एक मुश्किल बात होगी. उन्होंने कहा कि हम अभी पेंटागन, स्पेसएक्स और अमेरिकी सरकार के साथ बातचीत कर रहे हैं.

स्टारलिंक का विकल्प तलाश रहा है यूक्रेन

बेस्क्रेस्तनोव ने बताया कि यूक्रेन स्टारलिंक का विकल्प तलाश रहा है. ऐसा न केवल इसलिए है कि कहीं स्टारलिंक का एक्सेस छिन जाने पर कोई सुरक्षा उपाय रहे, बल्कि इसलिए भी है क्योंकि रूस पहले से ही स्टारलिंक को बेअसर करने के तरीके खोज रहा है. उन्होंने कहा कि रूसी सेना नेटवर्क को बाधित करने के लिए फ्रंट लाइन पर कई जगहों पर इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम तैनात कर रही है.

रूसी हमलों से दहल उठे यूक्रेन के 9 शहर : कई इमारतें क्षतिग्रस्त, लाखों घरों की बिजली गुल, 15 घायल

बेस्क्रेस्तनोव के अनुसार, यूक्रेन अन्य विकल्पों पर भी विचार कर रहा है, जिनमें अमेज़न द्वारा बनाया जा रहा सैटेलाइट नेटवर्क और यूरोप की यूटेलसैट (Eutelsat) का ‘वनवेब’ (OneWeb) शामिल हैं. बेस्क्रेस्तनोव ने कहा कि यूक्रेन के लिए सैटेलाइट इंटरनेट सिर्फ युद्ध के मोर्चे तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह आम नागरिकों और सैनिकों का मनोबल बनाए रखने में भी मदद करता है.उन्होंने कहा कि कई मोर्चों पर अपने परिवारों से बात करने का एकमात्र ज़रिया स्टारलिंक ही है. बहुत कम लोग इस बारे में सोचते हैं, लेकिन सेना को सपोर्ट करने के लिए यह बहुत महत्वपूर्ण है.

रूस का ‘रास्वेत’ (Rassvet) सैटेलाइट बड़ी चुनौती

बेस्क्रेस्टनॉव ने रूस के ‘रास्वेत’ (Rassvet) सैटेलाइट नेटवर्क की ओर इशारा करते हुए कहा कि जहां एक तरफ यूक्रेन ‘स्टारशील्ड’ (Starshield) से जुड़ी पाबंदियों को सुलझाने की कोशिश कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ तकनीकी दौड़ का अगला चरण भी सामने आ खड़ा हुआ है. उन्होंने कहा कि मेरे हिसाब से रूस की तरफ से हमें मिल रही तकनीकी चुनौतियों में यह सबसे बड़ा खतरा है. यह खतरा सिर्फ यूक्रेन के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे यूरोप के लिए है.

उनका मानना ​​है कि रूस पहले ही ऐसी क्षमता हासिल कर रहा है, जिससे वह सैटेलाइट के जरिए ‘शहेद’ (Shahed) ड्रोन, निगरानी करने वाले ड्रोन और यहां तक कि ‘बैंडरोल’ (Banderol) और ‘डैन-एम’ (Dan-M) जैसी सस्ती मिसाइलों को रियल-टाइम में कंट्रोल कर सके. उन्होंने कहा कि यह सच में सभी के लिए एक बहुत बड़ी तबाही साबित हो सकती है. आसान शब्दों में कहें तो सैटेलाइट कनेक्शन की मदद से रूसी ऑपरेटर सीधे तौर पर ड्रोन और मिसाइलों को नियंत्रित कर सकेंगे. इससे यूक्रेन का वह ‘इलेक्ट्रॉनिक-वॉरफेयर’ नेटवर्क बेकार हो जाएगा, जिसे उसने पूरे देश में इन ड्रोन और मिसाइलों को जाम करने के लिए तैयार किया है.

बेस्क्रेस्टनॉव ने कहा- पूरे देश में रूस कहीं भी कर सकता है हमला

उन्होंने बताया कि रूस के पास पहले से ही यूक्रेन के ऊपर कुछ समय के लिए कवरेज मौजूद है. जब उनके सैटेलाइट यूक्रेन के ऊपर से गुजरते हैं, तो वे 30 से 40 मिनट के लिए अस्थायी कवरेज देते हैं. उनका मानना ​​है कि लगभग छह महीने के भीतर रूस के पास पूरा कवरेज आ सकता है. बेस्क्रेस्टनॉव ने बताया कि यूक्रेन इससे निपटने के उपाय कर रहा है, जिसमें पाबंदियां लगाना भी शामिल है. लेकिन यह काम बहुत मुश्किल है.

रूसी इंजीनियरों के पास अपने ‘जैमिंग’ सिस्टम को टेस्ट करने के लिए एक काम करने वाला ‘स्टारलिंक’ (Starlink) मौजूद था, जबकि यूक्रेन को एक ऐसे सिस्टम के खिलाफ बचाव तैयार करना है जो अभी पूरी तरह से चालू भी नहीं हुआ है. उन्होंने कहा कि हमें जल्द कदम उठाने होंगे. इससे पहले कि रूस हमारे बुनियादी ढांचे और हम पर हमला करने के लिए इसका इस्तेमाल शुरू करे, हमें बचाव के साधन विकसित कर लेने चाहिए, उन्हें बड़ी संख्या में तैयार कर लेना चाहिए और सुरक्षा के लिए तैनात भी कर देना चाहिए.

यमन में मासूमों पर कहर! हवाई हमले में तीन बच्चों की मौत, जानें मिडिल ईस्ट का पूरा अपडेट

You may also like

Live Times logo

Feature Posts

Newsletter

@2026 Live Time. All Rights Reserved.

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?