Trump Extended Deadline: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट्स पर हमला करने की अपनी डेडलाइन 6 अप्रैल तक बढ़ा दी है. ट्रंप ने यह बयान ट्रुथ पोस्ट पर दिया. हालांकि इस पर ईरान की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.
27 March, 2026
अमेरिका ईरान युद्ध को एक महीने होने वाले हैं. अब तक के 28 दिनों में सबसे ज्यादा चर्चा में रहा है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज. ईरान ने जब से इस रास्ते को बंद किया है, दुनियाभर में तेल संकट पैदा हो गया, जिससे अमेरिका भी प्रभावित हुआ है. अब डोनाल्ड ट्रंप लगातार ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने न खोलने पर हमला करने की धमकी दे रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट्स पर हमला करने की अपनी डेडलाइन 6 अप्रैल तक बढ़ा दी है. ट्रंप ने यह बयान ट्रुथ पोस्ट पर दिया. इससे पहले उन्होंने इस डेडलाइन को 5 दिन के लिए आगे बढ़ाया था.
6 अप्रैल तक बढाई डेडलाइन
डोनाल्ड ट्रंप ने लिखा, ‘ईरानी सरकार के अनुरोध पर, मैं एनर्जी प्लांट को नष्ट करने का समय 10 दिन के लिए सोमवार, 6 अप्रैल, 2026 को रात 8 बजे, ईस्टर्न टाइम तक रोक रहा हूं. बातचीत चल रही है और फेक न्यूज़ मीडिया और दूसरों के गलत बयानों के बावजूद, यह बहुत अच्छी चल रही है.’ इससे पहले 23 मार्च को भी ट्रंप ने इसी तरह का पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने ईरान के पावर प्लांट्स पर 5 दिन तक हमला न करने की डेडलाइन थी. हालांकि यह उनके अकेले का दावा था. ईरान ने ट्रंप के इस डेडलाइन का कारण डर को बताया. ईरान ने साफ कहा था कि अमेरिका उनके हमलों से डर गया है, इसलिए उसने घुटने टेक दिए हैं.
ईरान ने अमेरिका के दावे को किया खारिज
पिछली डेडलाइन में ट्रंप ने कहा था कि मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव को सुलझाने के लिए दोनों देशों के बीच गंभीर बातचीत चल रही है. उन्होंने कहा कि बातचीत पॉजिटिव है, और हमलों को कुछ समय के लिए टालने का फैसला इसी को देखते हुए लिया गया है. डेडलाइन देने से एक दिन पहले ही ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी दी थी कि अगर 48 घंटे के अंदर होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह से फिर से नहीं खोला गया, तो उसके एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया जा सकता है. ईरानी मीडिया ने साफ तौर पर कहा था ईरान और अमेरिका के बीच कोई बातचीत नहीं चल रही है और अगर अमेरिका ईरान के पावर प्लांट्स पर हमला करता है तो तेहरान उनके सारे पावर ग्रिड को तबाह कर देगा. अब ट्रंप की नई डेडलाइन के बाद ईरान की प्रतिक्रिया का इंतजार है.
युद्ध जारी
यह अपडेट तब आया है, दोनों देशों के बीच सीजफायर बातचीत को लेकर गतिरोध की स्थिति दिख रही थी. हजारों और US सैनिक इस इलाके के पास पहुंच गए, इजराइल ने ईरान के सपोर्ट वाले मिलिटेंट ग्रुप हिज़्बुल्लाह से लड़ने के लिए दक्षिणी लेबनान में और सैनिक भेजे हैं और तेहरान ने जरूरी होर्मुज स्ट्रेट पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है. इजराइल के ऊपर सायरन बजने से ईरानी मिसाइलों के आने की चेतावनी मिल रही है. वहीं खाड़ी देशों ईरान की फायरिंग को रोकने में लगे हैं. ईरान की राजधानी और दूसरे शहरों में भारी हमलों की खबर है.
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