Home Latest News & Updates बीजेपी का यू-टर्न! अब सीएम पर्ची से नहीं, परफॉर्मेंस से चुना जाएगा; चुनावी नतीजों ने दिया था सबक

बीजेपी का यू-टर्न! अब सीएम पर्ची से नहीं, परफॉर्मेंस से चुना जाएगा; चुनावी नतीजों ने दिया था सबक

by Kamlesh Kumar Singh
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BJP has stopped selecting Chief Ministers via chits

Political News : भारतीय जनता पार्टी ने अब पर्ची आधारित मुख्यमंत्री को चुनने वाली कवायद को खत्म कर दिया है. अब वह स्ट्राइक रेट को ध्यान में रखकर दांव लगा रही है और इसका सबसे पहला प्रयोग महाराष्ट्र में किया था.

Political News : बीजेपी की राजनीति में बड़ा टर्न दिख रहा है. क्या वो दौर अब खत्म हो रहा है जब मुख्यमंत्री का नाम आखिरी पल में लॉटरी के रिजल्ट की तरह सामने आता था? क्या 2024 के झटके के बाद बीजेपी ने अपना सरप्राइज पैकेज बंद कर दिया है? अब दांव सिर्फ उन्हीं चेहरों पर लगाया जा रहा है जिनका स्ट्राइक रेट साबित हुआ है. एक वक्त था जब बीजेपी में मुख्यमंत्री का नाम सुनकर खुद विधायक भी चौंक जाते थे.

पर्ची से परफॉर्मेंस तक

बिहार में सम्राट चौधरी पर मुहर लगी. बंगाल में सुवेंदु अधिकारी को कमान मिली और असम में हिमंत बिस्वा सरमा की वापसी हुई. इसका मतलब यह है कि बीजेपी में अब सरप्राइज कम, स्ट्राइक रेट ज्यादा है. पार्टी अब ऐसे चेहरों को आगे ला रही है जो सिर्फ शपथ नहीं लें. बल्कि सीटें भी दिलाने का काम करें. 2024 का लोकसभा चुनाव में बीजेपी के लिए एक बड़ा अलार्म था. इस चुनाव में भाजपा को 63 सीटों का नुकसान हुआ और 2014 के बाद भाजपा अपने दम पर बहुमत से दूर हुई.

जमीन पर पकड़ मजबूत वाले नेता चाहिए

दिल्ली की चमक से हर राज्य नहीं जीता जा सकता. यही वजह थी कि पार्टी ने साफ कहा कि अगर लोकसभा का चुनाव जीतना है तो राज्यों में ऐसे चेहरे चाहिए जिनकी पकड़ पोस्टर पर नहीं, जमीन पर भी हो. राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे प्रयोगों ने भी पार्टी को ये समझा दिया कि हर सरप्राइज, सुपरहिट नहीं होता. अब बीजेपी ‘रिस्की एक्सपेरिमेंट’ से निकलकर ‘टेस्टेड प्लेयर्स’ पर लौटती दिख रही है.

2029 के लिए कर रही बीजेपी प्लेयर तैयार

बीजेपी का रिकॉर्ड बताता है कि जहां फॉर्म कमजोर दिखा, वहां टीम में बदलाव तय है. अब पार्टी सिर्फ मुख्यमंत्री नहीं चुन रही बल्कि 2029 के लिए अपना प्लेइंग इलेवन तैयार कर रही है. साथ ही 2024 ने सिखा दिया कि हर मैच सिर्फ स्टार बल्लेबाज़ के भरोसे नहीं जीता जा सकता है. इसके लिए मजबूत मिडिल ऑर्डर भी चाहिए. यही वजह है कि बीजेपी में अब पर्ची नहीं खुल रही बल्कि स्कोरकार्ड देखा जा रहा है.

महाराष्ट्र से मजबूत नेता चुनने की कवायद शुरू की

मजबूत नेता को चुनने की कवायद बीजेपी ने बिहार से शुरू की है. बताया जाता है कि 2014 के बाद BJP ने सिर्फ उत्तर प्रदेश में मजबूत नेतृत्व दिया. वहीं, मध्यप्रदेश, छतीसगढ़ और राजस्थान में पर्ची का प्रयोग किया. नतीजा हम सबके सामने है. लेकिन मौजूदा ट्रेंड में BJP ने बदलाव किया है. बीजेपी ने सबसे पहले महाराष्ट्र में भाजपा नेतृत्व को देवेन्द्र फडणवीस जैसे मजबूत नेता को कमान देनी पड़ी. फिर बिहार में भी यह दोहराया गया और सम्राट चौधरी को राज्य का मुख्यमंत्री बनाया. साथ ही असम में BJP ने मजबूत संगठनात्मक पकड़ रखने वाले हिमंत बिस्वा सरमा को लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री बनाया है, जिन्होंने 2026 में 82 सीटों के साथ प्रचंड जीत दर्ज की. वहीं, पश्चिम बंगाल में BJP ने सुवेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री के रूप में चुना है, जो TMC से भाजपा में आए थे और अब राज्य में भाजपा की कमान संभाल रहे हैं.

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News Source: PTI

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