US-Nigerian Mission: 1982 में नाइजीरिया के बोर्नो प्रांत में अल-मैनुकी का जन्म हुआ था. उसने 2018 में इस क्षेत्र में समूह के पिछले नेता मम्मन नूर की हत्या के बाद पश्चिम अफ्रीका में आईएस शाखा की बागडोर संभाला था.
US-Nigerian mission: पश्चिम एशिया में जारी तनाव ने दुनिया की नजरें अपनी ओर खींच रखी है. ईरान और अमेरिका के बीच इस तनातनी को खत्म करने की हर कोशिश की जा रही है. इसके लिए पाकिस्तान की मध्यस्थता में ईरान और अमेरिका के प्रतिनिधिमंडल के बीच पहले वार्ता भी हुई है. इस बीच अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़े ऑपरेशन की जानकारी दी है, जिसमें उन्होंने आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट समूह (ISIS) के एक बड़े नेता को मार गिराने का ऐलान किया है. जी हां, प्रेसिडेंट ट्रंप ने बताया कि अमेरिका और नाइजीरियाई सेनाओं ने शुक्रवार को नाइजीरिया में चलाए गए एक ऑपरेशन में इस्लामिक स्टेट समूह के एक नेता को मार गिराया. इसका नाम अबू बक्र अल-मैनुकी है.
उसे लगा कि वह अफ्रीका में छिप सकता है- ट्रंप
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार देर रात सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया. उन्होंने इसमें लिखा कि अबू बक्र अल-मैनुकी ग्लोबल स्तर पर इस्लामिक स्टेट समूह का दूसरा सबसे बड़ा नेता था और “उसे लगा कि वह अफ्रीका में छिप सकता है, लेकिन उसे यह नहीं पता था कि हमारे पास ऐसे सूत्र थे जो हमें उसकी गतिविधियों की जानकारी देते रहते थे.”
न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, नाम न छापने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया कि अमेरिका अल-मैनुकी को आईएस के संगठन और वित्तपोषण में प्रमुख व्यक्ति मानता था. उसका मानना था कि वह अमेरिका और उसके हितों के खिलाफ हमले की साजिश रच रहा था.
कौन था अबू बक्र अल-मैनुकी?
अमेरिका के प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि अबू बक्र अल-मैनुकी ISIS का दूसरा सबसे बड़ा लीडर था. उग्रवादी समूहों पर अपनी पैनी नजर रखने वाली संस्था काउंटर एक्सट्रीमिज़्म प्रोजेक्ट के अनुसार, 1982 में नाइजीरिया के बोर्नो प्रांत में अल-मैनुकी का जन्म हुआ था. उसने 2018 में इस क्षेत्र में समूह के पिछले नेता मम्मन नूर की हत्या के बाद पश्चिम अफ्रीका में आईएस शाखा की बागडोर संभाला था. निगरानी संस्था ने बताया कि अल-मैनुकी साहेल क्षेत्र में रहता था और माना जाता है कि उसने एक दशक से भी पहले उस समय लीबिया में लड़ाई लड़ी थी जब आईएस उत्तरी अफ्रीकी देश में सक्रिय था. अबू बक्र अल-मैनुकी पर अमेरिका ने 2023 में प्रतिबंध लगाए थे.
दिसंबर में शुरू हुआ था ऑपरेशन
जानकारी के मुताबिक, प्रेसिडेंट ट्रंप ने अमेरिकी सेना को दिसंबर में नाइजीरिया में इस्लामिक स्टेट समूह (ISIS) के खिलाफ हमले व ऑपरेशन शुरू करने का निर्देश दिया था. हालांकि, उन्होंने उस समय इसके प्रभाव के बारे में बहुत कम जानकारी दी थी. बता दें कि नाइजीरिया कई सशस्त्र समूहों से लड़ रहा है, जिनमें से कम से कम दो आईएस से संबद्ध हैं. शुक्रवार रात का ऑपरेशन विदेशों में गुप्त अमेरिका के अभियानों की उस सीरीज का लेटेस्ट उदाहरण था जिसकी घोषणा ट्रंप ने इस वर्ष की है.
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News Source: PTI
