Home Latest News & Updates असम के रास्ते अवैध रूप से घुसा था देश में, किसान के अवैध प्रवासी मामले ने पकड़ा तूल, TMC-BJP आमने-सामने

असम के रास्ते अवैध रूप से घुसा था देश में, किसान के अवैध प्रवासी मामले ने पकड़ा तूल, TMC-BJP आमने-सामने

by Sanjay Kumar Srivastava
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The case of illegal migration involving farmers has sparked major controversy

उत्तम कुमार ने कहा कि मैं अपने जीवन में कभी कूचबिहार से बाहर नहीं गया. मेरा जन्म और पालन-पोषण यहीं हुआ. मैं अवैध प्रवासी कैसे हो सकता हूं ?

Cooch Behar (WB): पश्चिम बंगाल में एक किसान को अवैध प्रवासी घोषित करने के मामले ने तूल पकड़ लिया है. इस मामले को लेकर तृणमूल कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने आ गए हैं. पश्चिम बंगाल के दिनहाटा निवासी 50 वर्षीय किसान को असम में विदेशी न्यायाधिकरण द्वारा अवैध प्रवासी घोषित करने का नोटिस भेजे जाने पर तृणमूल कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने आ गए हैं. कूचबिहार जिले के दिनहाटा उपखंड के सदयालर कुठी के निवासी उत्तम कुमार ने कहा कि वह तब हैरान रह गए जब उन्हें साल की शुरुआत में 1966 से 1971 के बीच असम के रास्ते अवैध रूप से देश में प्रवेश करने के लिए नोटिस भेजा गया.

जीवन में कभी कूचबिहार से बाहर नहीं गयाः उत्तम कुमार

कहा कि मैं अपने जीवन में कभी कूचबिहार से बाहर नहीं गया. मेरा जन्म और पालन-पोषण यहीं हुआ. मैं अवैध प्रवासी कैसे हो सकता हूं? उत्तम एक छोटे से जोत वाले किसान हैं जो अपना और अपने परिवार का पेट पालने के लिए संघर्ष करते हैं. उन्होंने कहा कि मुझे जनवरी में नोटिस दिया गया था. मैं चीजों को अच्छी तरह से नहीं पढ़ पाता, इसलिए मैंने इसे अपने पड़ोसियों को दिखाया. तब मुझे पता चला कि असम सरकार ने मुझ पर अवैध घुसपैठिया होने का आरोप लगाया है. रिपोर्ट के अनुसार, नोटिस में उत्तम पर पुलिस सत्यापन के दौरान आवश्यक दस्तावेज जमा नहीं करने का आरोप लगाया गया है. इसलिए उन्हें संदिग्ध अवैध अप्रवासी घोषित किया गया है.

TMC ने BJP को बताया बंगाल विरोधी

विदेशी न्यायाधिकरण, जो वर्तमान में असम के लिए विशिष्ट है, को यह निर्धारित करने का काम सौंपा गया है कि क्या विदेशी होने का संदेह वाले व्यक्ति वास्तव में भारतीय नागरिक हैं. इस पर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यह भाजपा के बंगाली विरोधी रवैये का एक और सबूत है. 1971 से पहले पलायन करने वाले ब्रह्मपुत्र बेसिन के सभी निवासी असम समझौते के अनुसार भारतीय नागरिक हैं. भले ही हम यह मान लें कि कोई 1971 से पहले प्रवेश कर गया था, वे वैध भारतीय हैं. उत्तर बंगाल विकास मंत्री उदयन गुहा ने कहा कि उत्तम एक राजबंशी है, इस धरती का बेटा है. यह नोटिस अपमानजनक है. भाजपा बंगालियों को बर्दाश्त नहीं कर सकती. वे यहां असम के एनआरसी अराजकता को दोहराने की कोशिश कर रहे हैं.

किसान को परेशान करने का आरोप

तृणमूल कांग्रेस ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बयान जारी कर भाजपा पर हमला किया. कूच बिहार के दिनहाटा के निवासी को असम के विदेशी न्यायाधिकरण द्वारा अपराधी की तरह खोजा जा रहा है. हर वैध पहचान प्रमाण प्रस्तुत करने के बावजूद उन्हें परेशान किया जा रहा है. उसे 1966 और 2008 के बीच हर चुनाव की मतदाता सूची देने के लिए कहा जा रहा है. टीएमसी ने कहा कि हम स्पष्ट रूप से कह सकते हैं कि एनआरसी की आड़ में लोगों को निशाना बनाने की बंगाल में कोई जगह नहीं है. हम भाजपा को अपनी जमीन को एक और डिटेंशन कैंप में बदलने की अनुमति नहीं देंगे. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा गया कि उन्होंने असम में ऐसा किया. वे यहां भी ऐसा करना चाहते हैं.

ये भी पढ़ेंः ‘भारत में गरीबी और असमानता चिंताजनक’, विश्व बैंक की रिपोर्ट पर कांग्रेस ने साधा BJP पर निशाना

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