Home राज्यAssam धर्म के खिलाफ नहीं है नया UCC कानून, बहुविवाह और गैर पंजीकृत लिव इन रिलेशनशिप पर जेल का प्रावधान

धर्म के खिलाफ नहीं है नया UCC कानून, बहुविवाह और गैर पंजीकृत लिव इन रिलेशनशिप पर जेल का प्रावधान

by Sanjay Kumar Srivastava 27 May 2026, 12:35 PM IST (Updated 27 May 2026, 1:28 PM IST)
27 May 2026, 12:35 PM IST (Updated 27 May 2026, 1:28 PM IST)
धार्मिक प्रथाओं के खिलाफ नहीं है नया UCC कानून, बहुविवाह और गैर पंजीकृत लिव इन रिलेशनशिप पर जेल का कड़ा प्रावधान

UCC Bill: UCC विधेयक किसी भी धर्म के खिलाफ नहीं है, बल्कि यह महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ा है. असम विधानसभा में सत्तारूढ़ एनडीए विधायकों ने बुधवार को कहा कि दो दिन पहले सदन में पेश किया गया समान नागरिक संहिता(UCC) विधेयक महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए है. यह किसी भी धर्म या धार्मिक प्रथा के खिलाफ नहीं है. उन्होंने प्रस्तावित कानून को एक ऐतिहासिक कदम करार दिया और इस बात पर जोर दिया कि राज्य के आदिवासी समुदायों को विधेयक के दायरे से बाहर रखा गया है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि पारंपरिक कानून बरकरार रहे. एनडीए विधायक यूसीसी विधेयक पर चर्चा के दौरान बोल रहे थे, जिसे नई विधानसभा के पहले सत्र के आखिरी दिन पारित करने के लिए सदन में रखा गया है.

विधानसभा में यूसीसी विधेयक पेश

भाजपा विधायक और पूर्व राज्य मंत्री पीयूष हजारिका ने विधेयक के लिए सभी वर्गों से समर्थन का आग्रह किया और दावा किया कि यह किसी भी धर्म या धार्मिक प्रथा के खिलाफ नहीं है.असम सरकार ने सोमवार को यूसीसी विधेयक पेश किया था, जिसमें बहुविवाह पर प्रतिबंध लगाने और लिव इन रिलेशनशिप के पंजीकरण को अनिवार्य बनाने की मांग की गई थी. हालांकि, विधेयक में कहा गया है कि यह असम में रहने वाले अनुसूचित जनजाति के किसी भी व्यक्ति पर लागू नहीं होगा. इसमें कई दंडात्मक उपायों का प्रस्ताव दिया गया है, जिसमें द्विविवाह या बहुविवाह के लिए सात साल की कैद और लिव इन रिलेशनशिप को पंजीकृत नहीं करने पर तीन महीने की जेल शामिल है.

कांग्रेस पर साधा निशाना

उन्होंने सवाल उठाया कि अगर एक वर्ग के पुरुषों को पिछली पत्नियों की सहमति के बिना चार बार शादी करने की इजाजत है तो मौजूदा व्यवस्था को न्याय तंत्र कैसे कहा जाता है. भाजपा विधायक ने बिना किसी धर्म का नाम लिए कहा कि अगर हम सभी धर्मों की समानता की बात करते हैं, तो इस वर्ग के लोगों को जेल जाना चाहिए. विधेयक का विरोध करने के लिए कांग्रेस पर निशाना साधते हुए हजारिका ने कहा कि विपक्षी दल ऐसा करके महिलाओं को समान अधिकार और सम्मान देने से इनकार कर रहा है.

उन्होंने यह भी बताया कि प्रस्तावित कानून लिव इन रिलेशनशिप पर प्रतिबंध नहीं लगाता है, बल्कि केवल उनके पंजीकरण की मांग करता है. देश के लाल रंग से ढंके संविधान की प्रति, जिसे अक्सर कांग्रेस नेता प्रदर्शित करते हैं, दिखाते हुए हजारिका ने कहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी चिल्लाते रहे कि भाजपा और प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने संविधान को नष्ट कर दिया. लेकिन उन्हें यह भी नहीं पता कि इसके अंदर क्या है. उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस गोहत्या पर प्रतिबंध लगाने के किसी भी कदम का विरोध करती है, भले ही संविधान इसके खिलाफ है. उन्होंने कहा कि यूसीसी विधेयक एक ऐतिहासिक है और मैं सभी से इसका समर्थन करने का आग्रह करता हूं.

कई शादियों से जनसंख्या विस्फोट

भाजपा विधायक डिप्लु रंजन शर्मा ने कहा कि विधेयक लाना NDA के आश्वासनों को पूरा करने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है. असम गण परिषद (एजीपी) विधायक पृथ्वीराज रावा ने कहा कि यूसीसी अधिनियम राज्य में बदलते जनसांख्यिकीय पैटर्न को समझने में मदद करेगा. उन्होंने कहा कि एक से अधिक बार शादी करना मुख्य समस्या नहीं है. मुद्दा कई शादियों से कई बच्चों का है, जिससे जनसंख्या विस्फोट हो रहा है और जनसांख्यिकीय पैटर्न में बदलाव आ रहा है.

बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट ने किया समर्थन

रावा ने कहा कि सरकार यूसीसी को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है क्योंकि इससे हमारी महिलाओं को लाभ और सुरक्षा मिलेगी. बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) के विधायक रबीराम नारज़ारी ने विधेयक का समर्थन करते हुए कहा कि आदिवासियों के सदियों पुराने पारंपरिक कानूनों को इसके दायरे से बाहर रखा गया है. उन्होंने कहा कि हमारे देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने के लिए ऐसा कानून एक आवश्यक कदम है. नारज़ारी ने गैर आदिवासियों से शादी करने वाली तलाकशुदा आदिवासी महिलाओं की स्थिति पर स्पष्टता की मांग की, और यह भी आग्रह किया कि एससी और एसटी के खिलाफ मौजूदा कानून के तहत प्रासंगिक प्रावधान यूसीसी लागू होने के बाद भी बरकरार रहे.

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News Source: PTI

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