Ankita Bhandari Murder Case: CBI ने बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच तेज कर दी है. इसी सिलसिले में रविवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की चार सदस्यीय टीम सहारनपुर में अभिनेत्री उर्मिला सनावर के आवास पर पहुंची. उत्तर प्रदेश के सहारनपुर की रहने वाली एक अभिनेत्री और राजनेता हाल ही में चर्चा में आ गई हैं. इसकी वजह उनके वायरल ऑडियो क्लिप और ‘VIP’ लोगों को लेकर दिए गए बयान हैं, जो हाई-प्रोफाइल अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े हैं. इससे पहले, शनिवार को CBI की टीम पूछताछ के लिए उत्तराखंड के पूर्व BJP विधायक सुरेश राठौर के आवास पर पहुंची थी.
पूर्व विधायक से भी हो चुकी है पूछताछ
राठौर ने बताया कि अंकिता भंडारी मामले में पूछताछ के दौरान उन्होंने CBI को पूरा सहयोग दिया और जांच एजेंसी के साथ सभी जरूरी जानकारियां साझा कीं. हरिद्वार में पत्रकारों से बात करते हुए राठौर ने कहा कि मैंने जांच में सहयोग किया है. मुझे इस पर और कुछ नहीं कहना है. CBI की पूछताछ के दौरान हमने पूरा सहयोग दिया. मैंने जांच से जुड़ी हर जरूरी जानकारी साझा कर दी है. राठौर ने कहा कि मैंने अपना पूरा सहयोग दिया है और आगे भी देता रहूंगा. यह घटनाक्रम अंकिता भंडारी के माता-पिता के, सांसद अनिल बलूनी के साथ दिल्ली में CBI निदेशक से मुलाकात करने के एक दिन बाद सामने आया है. शुक्रवार को अंकिता भंडारी के माता-पिता ने CBI मुख्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की थी और मामले के विभिन्न पहलुओं के बारे में जानकारी दी थी.
निष्पक्ष जांच का भरोसा
CBI अधिकारियों ने उन्हें भरोसा दिलाया कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी और मामले के हर पहलू की बारीकी से पड़ताल की जाएगी. यह सब अंकिता भंडारी हत्याकांड में एक ‘VIP’ के शामिल होने के आरोपों को लेकर चल रहे विवाद के बीच हुआ है. उत्तराखंड BJP के पूर्व प्रभारी दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के बाद यह विवाद और बढ़ गया है. उत्तराखंड के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (अपराध और कानून-व्यवस्था) वी. मुरुगेसन ने गुरुवार को कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और घटना के 24 घंटे के भीतर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.
सितंबर 2022 में हुई थी अंकिता की हत्या
अंकिता भंडारी के माता-पिता ने दिल्ली के इंडिया गेट पर धरना दिया. वे मांग कर रहे थे कि जब तक CBI की चल रही जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक दुष्यंत कुमार गौतम की नियुक्ति न की जाए. पुलिस ने उनके माता-पिता को हिरासत में ले लिया था, जिन्हें बाद में तिलक मार्ग पुलिस स्टेशन से रिहा कर दिया गया. यह विवाद सितंबर 2022 में हुई अंकिता भंडारी की हत्या से जुड़ा है. अंकिता उत्तराखंड में ऋषिकेश के पास एक रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट थी. उसके परिवार ने इस बात पर आपत्ति जताई है कि जांच के दौरान जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, उन्हें जांच एजेंसियों से क्लीन चिट मिले बिना किसी संवैधानिक पद पर नियुक्त नहीं किया जाना चाहिए.
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News Source: ANI
