SIR Row: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ 2 अक्टूबर से शुरू हुए प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. हर दिन कोई न कोई समूह सड़कों पर उतरकर SIR को वापस लेने की मांग कर रहा है. साथ ही, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी लगातार उठ रही है. इसी कड़ी में दिल्ली में युवाओं के एक समूह ने ‘रीक्लेम जंतर-मंतर’ के नाम से मार्च निकाला. इस दौरान जंतर-मंतर को फिर से विरोध-प्रदर्शन के प्रमुख स्थलों में शामिल करने की मांग उठाई गई.
महिलाओं के साथ किया गया बुरा बर्ताव
इस बीच, एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि हम यह बताना चाहते हैं कि 2 अक्टूबर से ज्ञानेश कुमार के खिलाफ शुरू हुए धरने के बाद से सरकार लगातार उन लोगों को हिरासत में ले रही है जो सड़कों पर अपना अधिकार मांग रहे हैं. साथ ही पुलिस उन लोगों पर भी कार्रवाई कर रही है जो लोग जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की कोशिश कर रहे हैं. इस दौरान महिलाओं पर पुलिस द्वारा बहुत बुरा बर्ताव किया जा रहा है. हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे. युवक ने आगे कहा कि लोकतंत्र में अपनी आवाज उठाने की आजादी है और अगर सच में लोकतंत्र हैं, तो सरकार को कतई भी डरना नहीं चाहिए. जंतर-मंतर को वापस लोगों को सौंप दिया जाना चाहिए, ताकि वहां से अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाई जा सकें.
Delhi के कनॉट प्लेस में तिरंगा रैली पर बवाल, पुलिस ने दर्ज की कई FIR, 150 प्रदर्शनकारी हिरासत में
इन ग्राउंड पर कर सकते हैं प्रदर्शन
वहीं, सेंट्रल दिल्ली पुलिस के डीसीपी रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि जैसा कि आप जानते हैं कि रामलीला मैदान, सीबीडी ग्राउंड और बुराड़ी ग्राउंड को प्रदर्शन स्थलों के रूप में तय किया गया है. इसी सिलसिले में कांग्रेस पार्टी ने जगह की उपलब्धता जानने के लिए MCD से संपर्क किया. MCD ने बताया कि यह जगह 25 अक्टूबर से 3 नवंबर तक उपलब्ध रहेगी. जगह की उपलब्धता का सर्टिफिकेट मिलने के बाद कांग्रेस पार्टी हमारे पास आई. उनसे बातचीत करने और सुरक्षा इंतजामों को समझने के बाद हमने उन्हें ‘नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट’ (NOC) देने का फैसला किया. हमने आज ही यह सर्टिफिकेट जारी कर दिया है. अब वे इसे लेकर MCD के पास जाएंगे, जो इस जमीन की मालिक एजेंसी है. फिर अपनी तैयारियां शुरू करेंगे. यह मैदान 25 अक्टूबर से 3 नवंबर तक बुक रहेगा. अगर कोई और पक्ष इस मैदान को बुक करना चाहता है तो वह भी इसी प्रक्रिया का पालन कर सकता है.
छात्र यूनियनों ने की DCP से मुलाकात
इसके अलावा सीपीआई नेता एनी राजा ने कहा कि महिला संगठनों और छात्र यूनियनों समेत 13 संगठनों के प्रतिनिधियों ने अतिरिक्त डीसीपी से मुलाकात की और एक ज्ञापन सौंपा. साथ ही, बीते कुछ दिनों में यहां पर जो कुछ भी हुआ उसके बाद भी हम SIR के खिलाफ अपना आंदोलन जारी रखेंगे इस संघर्ष में शामिल रहेंगे. दूसरी बात, जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, तब तक महिलाएं भी इस आंदोलन में शामिल रहेंगी. तीसरा बात, महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ हो रहे दमन को लेकर हमने अपना विरोध दर्ज कराया है.
