PM Modi Appeals: ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को और कई दिनों तक प्रभावित कर सकता है. इससे भारत सहित दुनिया के लिए एनर्जी सप्लाई अधिक बाधित होगा.
PM Modi Appeals: पश्चिम एशिया में जारी तनाव अभी कम होता हुआ नहीं दिख रहा है. अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के शांति प्रस्ताव को भी खारिज कर दिया है और उन्होंने इसे “पूरी तरह अस्वीकार्य” बताया है. ईरान और अमेरिकी के बीच बढ़ते इस तनाव ने भारत के साथ-साथ विश्व के कई देशों को एनर्जी सप्लाई के लिए महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह से खोलने पर और अधिक समय लगने के संकेत दे दिए हैं. इससे तेल, गैस की सप्लाई काफी प्रभावित होने वाली है क्योंकि इस समुद्री मार्ग को ईरान ने बाधित कर दिया है. कई देशों में पेट्रोल-डीजल और गैस के दामों में बढ़त होनी की संभावना है. इस बीच भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नागरिकों से खास अपील की है. इसमें वर्क फ्रॉम होम करने, सोना न खरीदने से लेकर पेट्रोल-डीजल का कम इस्तेमाल करना शामिल है.
‘वर्क फ्रॉम होम’ को प्राथमिकता देने की अपील
इस मुश्किल ग्लोबल दौर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के लोगों से 7 खास अपील की है. उन्होंने राष्ट्र को सबसे पहले बताया है और इसे कर्तव्य सुख-सुविधाओं से ऊपर बताया है. राष्ट्र प्रथम की नीति का पालन करते हुए पीएम मोदी ने देश के नागरिकों से खास अपील की है. उनकी पहली अपील है कि जहां तक संभव हो, ऑफिस में जाकर काम करने वाले लोग ‘वर्क फ्रॉम होम’ को प्राथमिकता दें.
पीएम मोदी की ये 7 खास अपील
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभी 7 अपीलों को आइए जानते हैं. उन्होंने इस मुश्किल वैश्विक दौर में भारत को मजबूत बनाने के लिए 7 अहम अपीलें की है. इनमें शामिल हैं – जहां भी मुमकिन हो, ‘वर्क फ्रॉम होम’ को प्राथमिकता दें; ईंधन (पेट्रोल-डीजल) की खपत कम करें और पब्लिक ट्रांसपोर्ट (मेट्रो, बस आदि) का प्रयोग करें; एक साल तक विदेश यात्रा से बचें; स्वदेशी उत्पाद अपनाएं; खाना पकाने के तेल का इस्तेमाल कम करें; प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ें; और एक साल तक सोने की खरीदारी कम करें. भारत सरकार ने कहा है कि जिम्मेदारी की सामूहिक भावना भारत को और भी ज्यादा मजबूत और आत्मनिर्भर बना सकती है.

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज भारत के लिए कितना खास?
भारत के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बहुत ही खास है क्योंकि यहां से वह 30 से 50 फीसदी तक कच्चे तेल और गैस का आयात करता है. भारत इसी समुद्री मार्ग से ईरान, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात समेत अन्य देशों से तेल का आयात करता है. अब यह समुद्री मार्ग प्रभावित हो गया है तो भारत ने अपने खास मित्र रूस, अमेरिका के अलावा अन्य देशों से कच्चे तेल की सप्लाई को और अधिक बढ़ा दी है.
हालांकि, ईरान एक मित्र राष्ट्र के नाते भारतीय जहाजों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जाने देने की बात कहता रहता है. वहीं, इस दौरान वह अपने दुश्मन देशों के जहाजों को बिल्कुल भी गुजरने नहीं दे रहा है. अब अमेरिका के द्वारा ईरान के शांति प्रस्ताव को खारिज करने से इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते में और अधिक दिक्कत आने की आशंका है.
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