Donald Trump: अमेरिका और इजरायल के बीच ईरान को लेकर बीते 28 फरवरी को युद्ध शुरू हुआ था. हालांकि, 8 अप्रैल से इसे रोक दिया गया था, जब दोनों पक्षों ने युद्धविराम (सीजफायर) पर सहमति जताई थी.
Donald Trump: ईरान और अमेरिका में जारी तनाव कम होता हुआ नहीं दिख रहा है. ताजा जानकारी के अनुसार, अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के शांति प्रस्ताव को रिजेक्ट कर दिया है. उन्होंने इसे “पूरी तरह अस्वीकार्य” बताया है. अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या अब अमेरिका एक बार फिर से ईरान पर हमला करेगा? न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने महीनों से चल रहे युद्ध को समाप्त करने के ईरान के प्रस्ताव को “पूरी तरह अस्वीकार्य” बताते हुए खारिज कर दिया है. हालांकि, उन्होंने इसके बारे में कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है. वहीं, एक प्रमुख रिपब्लिकन नेता ने उनसे “सैन्य विकल्प” पर विचार करने का आग्रह किया है.
मुझे यह बिल्कुल पसंद नहीं आई- ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने बेबाक अंदाज के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने इसी बेबाकी के साथ ईरान के शांति प्रस्ताव को एक सिरे से खारिज कर दिया है. उन्होंने इसकी जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर दी है. अमेरिकी प्रेसिडेंट ट्रंप ने लिखा, “मैंने अभी-अभी ईरान के तथाकथित ‘प्रतिनिधियों’ की प्रतिक्रिया पढ़ी है. मुझे यह बिल्कुल पसंद नहीं आई – यह पूरी तरह अस्वीकार्य है!” वहीं, इससे पहले, डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर करीब 50 वर्षों से अमेरिका के साथ खेल खेलने का आरोप लगाया था. उन्होंने आगे कहा, “अब वे हंस नहीं पाएंगे.”

ट्रंप ने एक अमेरिकी मीडिया आउटलेट को बताया, “मुझे उनका पत्र पसंद नहीं आया. यह अनुचित है. मुझे उनकी प्रतिक्रिया भी पसंद नहीं आई.” हालांकि, उन्होंने ईरानी प्रतिक्रिया के बारे में और अधिक जानकारी देने से इनकार कर दिया. ट्रंप ने कहा, “वे 47 वर्षों से कई देशों के साथ संपर्क साधते आ रहे हैं.”
सैन्य कार्रवाई करने पर विचार करना चाहिए
इस बीच रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने अमेरिकी प्रेसिडेंट ट्रंप को ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करने पर विचार करने की बात कही है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “मैं ईरानी आतंकवादी शासन के व्यवहार को बदलने के लिए राजनयिक समाधान खोजने के राष्ट्रपति ट्रंप के गंभीर प्रयासों की सराहना करता हूं.” उन्होंने कहा, “प्रोजेक्ट फ्रीडम प्लस इस समय काफी अच्छा लग रहा है.” ग्राहम ने यह भी कहा, “हालांकि, अंतरराष्ट्रीय जहाजरानी पर उनके लगातार हमलों, हमारे मध्य पूर्वी सहयोगियों पर लगातार हमलों और अब अमेरिका के राजनयिक प्रस्ताव पर पूरी तरह से अस्वीकार्य प्रतिक्रिया को देखते हुए, मेरे विचार में, अब रुख बदलने पर विचार करने का समय आ गया है.”
अब तक शांति संभव नहीं हो पाई
बता दें कि अमेरिका और इजरायल के बीच ईरान को लेकर बीते 28 फरवरी को युद्ध शुरू हुआ था. हालांकि, 8 अप्रैल से इसे रोक दिया गया था, जब दोनों पक्षों ने युद्धविराम (सीजफायर) पर सहमति जताई थी. जानकारी के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को पूरी तरह से समाप्त करने के लिए एक समझौते पर बातचीत चल रही है, लेकिन अब तक शांति संभव नहीं हो पाई है. अमेरिका इस बात पर जोर देता रहा है कि ईरान प्रतिबंधों को हटाने और अरबों डॉलर की फ्रीज की गई ईरानी धनराशि को जारी करने के बदले में अपने यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम को समाप्त करने की स्पष्ट प्रतिबद्धता दे. इन वार्ताओं में ईरान और अमेरिका दोनों द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी हटाने की बात भी शामिल है, जो वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति के पांचवें हिस्से के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है.
…तो बमबारी शुरू हो जाएगी – ट्रंप
बीते दिनों अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर कहा था, “यह मानते हुए कि ईरान सहमत शर्तों को मानने के लिए राजी हो जाता है, जो शायद एक बड़ी धारणा है, तो पहले से ही चर्चित ‘एपिक फ्यूरी’ का अंत हो जाएगा और अत्यधिक प्रभावी नाकाबंदी के कारण स्ट्रेट ऑफ होमुर्ज ईरान सहित सभी के लिए खुला रहेगा.” हालांकि, उन्होंने आगे यह भी कहा था, “अगर वे सहमत नहीं होते हैं तो बमबारी शुरू हो जाएगी और दुख की बात है कि यह पहले की तुलना में कहीं अधिक हाई लेवल पर और तेज होगी.”
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News Source: PTI
