UP BJP: समाजवादी पार्टी (SP) के तीन बागी विधायक राकेश प्रताप सिंह, अभय सिंह और विनोद चतुर्वेदी बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए. इन नेताओं ने अपने इस फ़ैसले के पीछे नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ की सरकारों के दौर में हुए विकास को मुख्य वजह बताया है. अमेठी में गौरीगंज से SP के बागी विधायक राकेश प्रताप सिंह ने कहा कि उनके चुनाव क्षेत्र के लोगों ने उन्हें BJP में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया और अपना समर्थन देने का भरोसा दिलाया. उन्होंने कहा कि मैं अपने चुनाव क्षेत्र के उन लोगों को दिल से बधाई देता हूं जिन्होंने मुझे सही रास्ता दिखाया. उन्होंने मुझसे भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने का आग्रह किया और अपना समर्थन देने का भरोसा दिलाया.
सूबे में एक बड़े राजनीतिक बदलाव की शुरुआत : जयवीर सिंह
उन्होंने दावा किया कि ज़मीनी स्तर के कई कार्यकर्ता भी पाला बदलेंगे. सिंह ने कहा कि बूथ स्तर पर जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले 98 प्रतिशत लोग आज समाजवादी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए. इस दौरान केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, पंकज चौधरी, अमरपाल मौर्य, भोला सिंह, संजीव बालियान, दारा सिंह चौहान, मयंकेश्वर सिंह, कृष्णा पासवान, दिनेश प्रताप सिंह, प्रतिभा शुक्ला, दया शंकर सिंह, पूजा पाल और लगभग एक दर्जन अन्य विधायक मंच पर मौजूद थे. उत्तर प्रदेश के मंत्री जयवीर सिंह ने इस घटनाक्रम को एक बड़े राजनीतिक बदलाव की शुरुआत बताया. कहा कि और भी नेता BJP में शामिल हो सकते हैं. लखनऊ में ANI से बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह तो बस शुरुआत है, यह प्रक्रिया जारी रहेगी.
तीसरी बार भी बनेगी योगी सरकार : विनोद
कालपी से SP के बागी विधायक विनोद चतुर्वेदी ने कहा कि विकास और BJP नेतृत्व में भरोसे ने उन्हें सत्ताधारी पार्टी में शामिल होने का फ़ैसला लेने के लिए प्रेरित किया. मोदी और योगी ने बुंदेलखंड के लिए बहुत कुछ किया है. उन्होंने कहा कि जो भी योजनाएं हैं, वे सभी के लिए समान हैं. इसमें कोई भेदभाव नहीं है. सभी को इसका लाभ मिलेगा और मिल भी रहा है. इसीलिए, उनसे प्रभावित होकर हम उनके साथ जुड़ रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने दशकों तक बुंदेलखंड की उपेक्षा की, जबकि मोदी और आदित्यनाथ की सरकारों ने पिछले नौ वर्षों में इस क्षेत्र में विकास कार्य किए हैं. जब उनसे पूछा गया कि क्या BJP लगातार तीसरी बार सरकार बनाएगी, तो उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से .राकेश प्रताप सिंह ने 2012, 2017 और 2022 में गौरीगंज सीट जीती और पिछली बार BJP उम्मीदवार को 6,963 वोटों से हराया.
राज्यसभा चुनाव के बाद बढ़ गए थे अखिलेश से मतभेद
2024 के राज्यसभा चुनावों में BJP उम्मीदवार के पक्ष में वोट करने के बाद SP के साथ उनके मतभेद बढ़ गए. SP ने जून 2025 में उन्हें पार्टी से निकाल दिया, जिसके बाद वे एक स्वतंत्र सदस्य बने रहे. अभय सिंह, जो पहली बार 2012 में और फिर 2022 में चुने गए थे, ने 2022 में इंद्र प्रताप उर्फ़ खब्बू तिवारी की पत्नी आरती तिवारी को 13,079 वोटों से हराया. विनोद चतुर्वेदी ने 2007 और 2022 में कालपी सीट जीती और निषाद पार्टी के छोटे सिंह को 2,816 वोटों से हराया. जून 2025 में, SP ने अभय सिंह, राकेश प्रताप सिंह और मनोज कुमार पांडे को एंटी-PDA विचारधारा का समर्थन करने के आरोप में पार्टी से निकाल दिया.
News Source: ANI
