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दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार पर अमेरिका की नजर : ग्रीनलैंड मिशन से चीन और मॉस्को पर लगाम

by Sanjay Kumar Srivastava 14 October 2026, 3:42 PM IST
14 October 2026, 3:42 PM IST
दुनिया के सबसे बड़े तेल और खनिज भंडारों पर अमेरिका की नजर : त्रिकोणीय रक्षा समझौते से चीन और मॉस्को पर लगाम

Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को ग्रीनलैंड में बड़े पैमाने पर तेल, गैस और खनिजों की खोज शुरू करने की घोषणा कर वैश्विक भू-राजनीति में एक बड़े रणनीतिक बदलाव का संकेत दिया है. विशेषज्ञों का कहना है कि यहां आसानी से उपलब्ध तेल की मात्रा दुनिया में लगभग किसी भी अन्य जगह की तुलना में कहीं अधिक है. इसके अलावा सुरक्षा के नजरिए से भी यह महत्वपूर्ण है. डेनमार्क और ग्रीनलैंड के साथ हाल ही में हुए रक्षा समझौते के ठीक बाद आई इस घोषणा से साफ है कि वाशिंगटन इस द्वीप पर रूस और चीन के बढ़ते प्रभाव को पूरी तरह रोकना चाहता है.

वाशिंगटन का आर्कटिक क्षेत्र में बड़ा रणनीतिक कदम

हालांकि यह समझौता डेनमार्क की संप्रभुता और ग्रीनलैंड के लोगों के आत्मनिर्णय के अधिकार पर है, लेकिन ट्रंप द्वारा इसे हमारा नया और खूबसूरत ग्रीनलैंड कहना यह दर्शाता है कि अमेरिका इस क्षेत्र को अपने प्रभाव क्षेत्र के रूप में स्थापित कर चुका है. पिछले महीने ट्रंप ने डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसेन और ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री जेन्स-फ्रेडरिक निल्सन के साथ मिलकर रक्षा और आर्कटिक सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे. यह समझौता ग्रीनलैंड की रणनीतिक भूमिका को लेकर तनाव को दूर करने की दिशा में एक कदम था. उन्होंने कहा कि हमारे बीच एक शानदार और सुरक्षित संबंध बनने जा रहा है और हम इसके लिए उत्सुक हैं. इस पर काफी समय से काम चल रहा था. यह हस्ताक्षर डेनमार्क और ग्रीनलैंड के साथ इनफिनिट लाइफ (अनंत जीवन) समझौते की घोषणा के बाद हुए हैं.

ट्रंप का डेनमार्क और ग्रीनलैंड के साथ समझौता

ट्रंप का दावा है कि इस व्यवस्था से वाशिंगटन की सुरक्षा संबंधी चिंताएं दूर होंगी और अमेरिका को द्वीप पर सुरक्षा से जुड़े मामलों पर स्थायी नियंत्रण मिलेगा. सितंबर में ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट में, ट्रंप ने कहा कि इस समझौते ने ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका की चिंताओं को पूरी तरह से दूर कर दिया है और इससे वॉशिंगटन पर कोई खर्च नहीं आएगा. ट्रंप ने कहा कि मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने डेनमार्क साम्राज्य और ग्रीनलैंड के साथ एक समझौता किया है. इससे अमेरिका को ग्रीनलैंड में सुरक्षा और अन्य सभी ज़रूरतों पर स्थायी नियंत्रण मिल जाएगा.

द्वीप पर मौजूद रहेगी अमेरिकी सेना

उन्होंने कहा कि हमने डेनमार्क और ग्रीनलैंड के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर यह पक्का किया कि अमेरिका के पास हमेशा ग्रीनलैंड की सुरक्षा सुनिश्चित करने की पूरी आजादी होगी. ट्रंप ने आगे कहा कि इसके अलावा, अब से अमेरिका का कोई भी दुश्मन हमारी स्पष्ट लिखित मंज़ूरी के बिना ग्रीनलैंड में कभी भी कोई बेस नहीं बना पाएगा, वहां अपनी सेना नहीं रख पाएगा और न ही वहां कोई संवेदनशील निवेश कर पाएगा. अमेरिकी राष्ट्रपति ने बताया कि इस समझौते की कोई समय-सीमा नहीं है और उन्होंने द्वीप पर अमेरिकी सैन्य मौजूदगी को बड़े पैमाने पर बढ़ाने की योजना की भी घोषणा की. हालांकि, डेनमार्क ने इस संभावित समझौते के बारे में बताते हुए आर्कटिक और उत्तरी अटलांटिक में बेहतर सुरक्षा सहयोग पर ज़ोर दिया है, साथ ही डेनमार्क साम्राज्य के भीतर ग्रीनलैंड की स्थिति को भी स्पष्ट रूप से स्वीकार किया है.

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News Source: ANI

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