Home Top News ‘पांडुरंगा-पांडुरंगा’ जब हेलीकॉप्टर में बादलों को देख डर गए थे अजित पवार, जपने लगे भगवान का नाम

‘पांडुरंगा-पांडुरंगा’ जब हेलीकॉप्टर में बादलों को देख डर गए थे अजित पवार, जपने लगे भगवान का नाम

by Neha Singh
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Ajit Pawar Terrible Experience

Ajit Pawar Terrible Experience: अजित पवार की मौत के बाद उनका एक पुराना वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वे अपने डरावने हेलीकॉप्टर अनुभव के बारे में बता रहे हैं.

29 January, 2026

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की बुधवार को प्लेन क्रैश में मौत हो गई. 66 वर्षीय अजित पवार का प्लेन बारामति में क्रैश हो गया था. इस हादसे में डीप्टी सीएम समेत प्लेन में सवार 5 लोगों की मौत हो गई. आज बारामती में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा. अब सोशल मीडिया पर अजित पवार का एक पुराना वीडियो वायरल हो रहा है. इस वीडियो में अजित पवार एक कार्यक्रम में अपनी हेलीकॉप्टर यात्रा का किस्सा बता रहे हैं. पवार ने जुलाई 2024 में खराब मौसम के बीच तत्कालीन उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उद्योग मंत्री उदय सामंत के साथ गडचिरोली जाते समय हेलीकॉप्टर में बिताए डरे हुए पलों के बारे में बताया.

मजाकिया अंदाज में सुनाया

हालांकि यह किस्सा हवा में हुए डर के बारे में था, पवार ने इसे अपने खास मजाकिया अंदाज में सुनाया था. पवार की मौत के बाद अब उनके भाषण का एक वीडियो सोशल मीडिया पर फिर से सामने आया है. उन्होंने बताया कि हेलीकॉप्टर यात्रा के दौरान वह बहुत घबराए हुए थे क्योंकि घने बादलों की वजह से बाहर कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था, लेकिन फडणवीस बिल्कुल शांत थे. फडणवीस ने कहा कि वह पहले भी छह बार हवा में ऐसे डरावने अनुभव हो चुके हैं, इसलिए डरने की जरूरत नहीं. कुछ नहीं होगा.

बादलों को देख घबरा गए अजित

यह घटना 17 जुलाई, 2024 को हुई थी जब तीनों नेता एक स्टील कंपनी, सुरजागढ़ इस्पात प्राइवेट लिमिटेड के शिलान्यास समारोह के लिए नागपुर से गडचिरोली जा रहे थे. वहां पहुंचने के बाद कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करते हुए पवार ने कहा, “जब हम नागपुर से हेलीकॉप्टर में निकले, तो शुरुआत में सब ठीक था. लेकिन बाद में, जब हेलीकॉप्टर बादलों में घुसा, तो मैंने इधर-उधर देखा, हर जगह बादल ही बादल थे और हमारे देवेंद्र फडणवीस बस आराम से बैठे बातें कर रहे थे.”

भगवान का नाम जप रहे थे अजित

“मैंने फडणवीस से कहा – ‘बाहर देखिए, हमें कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा है, न पेड़, न ज़मीन, कुछ भी नहीं. हम बादलों के बीच अंधेरे में उड़ रहे हैं. हम जा कहां रहे हैं?’ लेकिन उन्होंने शांति से जवाब दिया ‘बिल्कुल चिंता मत करो. मुझे अब तक ऐसे छह अनुभव हो चुके हैं. जब भी मैं हेलीकॉप्टर या प्लेन में होता हूं और कोई दुर्घटना होती है, तो मुझे कुछ नहीं होता. इसलिए, तुम्हें भी कुछ नहीं होगा.” उन्होंने खुद से कहा, “हे भगवान, यह क्या कह रहे हैं? मेरे पेट में पहले से ही घबराहट हो रही थी! आज आषाढ़ी एकादशी है, इसलिए मैं लगातार मन में ‘पांडुरंगा, पांडुरंगा’ (भगवान का नाम) जप रहा था और यहां यह ‘महाराज’ मुझे सलाह दे रहे थे.”

जमीन देखकर शांत हुए

पवार ने यह भी कहा कि जब फडणवीस ने उनसे चिंता न करने को कहा, तो वह पूरी तरह से रिलैक्स हो गए और सच में कुछ भी बुरा नहीं हुआ. उन्होंने कहा “यह फडणवीस के बड़ों के अच्छे कर्मों का नतीजा है कि हम यहां सुरक्षित पहुंच गए… उन अच्छे कर्मों ने हमारी मदद की. लेकिन दोस्तों, सच कहूं तो हम सब काफी घबरा गए थे. उदय सामंत मेरे दाहिनी ओर बैठे थे और उन्होंने कहा, ‘दादा, दादा, देखो! जमीन आखिरकार दिख रही है.’ मैंने कहा – ‘भगवान का शुक्र है, अब हम जमीन देख सकते हैं!’ मजाक से हटकर, सभी को अपना ख्याल रखना चाहिए.”

यह भी पढ़ें- अलविदा दादा! अजित पवार का अंतिम संस्कार आज, बारामती पहुंचे सभी बड़े नेता

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