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उत्तराखंड के बाद गुजरात विधानसभा में UCC बिल पास, 7.30 घंटे की बहस के बाद ऐतिहासिक फैसला

by Nikul Patel 25 March 2026, 9:46 AM IST (Updated 30 March 2026, 6:00 PM IST)
25 March 2026, 9:46 AM IST (Updated 30 March 2026, 6:00 PM IST)
Uttarakhand UCC Bill Passed Gujarat Assembly

Gujarat UCC Bill : गुजरात विधानसभा में मंगलवार को UCC बिल 2026 पास कर दिया. राज्यपाल की मुहर लगने के बाद राज्य में विवाह, तलाक, विरासत और गोद लेने जैसे मामलों में सभी धर्मों और समुदायों के लिए एक समान कानून लागू होगा.

  • गांधीनगर से निकुल पटेल की रिपोर्ट

Gujarat UCC Bill : गुजरात विधानसभा में समान नागरिक संहिता यानी UCC विधेयक बहुमत के साथ पास कर दिया गया है. करीब 7 घंटे 30 मिनट तक चली लंबी और जोरदार बहस के बाद यह ऐतिहासिक बिल सदन में पारित हुआ. विधानसभा की कार्यवाही के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली. कांग्रेस ने इस बिल का विरोध करते हुए इसे प्रवर समिति में भेजने की मांग की, लेकिन उनकी यह मांग स्वीकार नहीं की गई. मतदान के समय कांग्रेस ने सदन से वॉकआउट कर दिया. बहस के दौरान सदन का माहौल काफी गर्म रहा और ‘जय श्री राम’ के नारे भी लगे. इस विधेयक के पारित होने को BJP अपनी बड़ी राजनीतिक और वैचारिक जीत बताया है.

पार्टी का कहना है कि साल 1995 में जो वादा किया गया था, उसे अब 31 साल बाद पूरा कर दिया गया है. बिल पास होने के बाद अब इसे राज्यपाल के पास भेजा जाएगा और वहां से मंजूरी मिलने के बाद राष्ट्रपति की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा. राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद ही यह कानून गुजरात में लागू हो सकेगा. इसके साथ ही गुजरात देश का दूसरा राज्य बन गया है, जहां UCC लागू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है.

मुख्यमंत्री ने बताया ऐतिहासिक पल

मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल और नायब मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने खुशी जताते हुए दी बधाई. सीएम भूपेंद्र पटेल ने इस मौके पर खुशी जताते हुए ट्वीट कर राज्य के सभी जनप्रतिनिधियों और नागरिकों को बधाई दी है. उन्होंने इसे गुजरात और देश के लिए एक ऐतिहासिक क्षण बताया. वहीं, डिप्टी हर्ष संघवी ने भी ट्वीट कर कहा कि ‘न कोई कानून से ऊपर, न कोई नागरिक नीचे’ और ‘समान गुजरात, सशक्त गुजरात’ यही इस कानून का मूल उद्देश्य है.

सरकार के मुताबिक, UCC लागू होने के बाद राज्य में विवाह, तलाक, विरासत और गोद लेने जैसे मामलों में सभी धर्मों और समुदायों के लिए एक समान कानून लागू होगा. इससे खासतौर पर महिलाओं को समान अधिकार मिलने की बात कही जा रही है, जिससे उनके सम्मान और सुरक्षा को और मजबूती मिलेगी. सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस कानून को तैयार करते समय गुजरात की सामाजिक, सांस्कृतिक और भौगोलिक विविधता का पूरा ध्यान रखा गया है, ताकि किसी भी समुदाय के साथ अन्याय न हो. इस विधेयक का मसौदा रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में बनी उच्चस्तरीय समिति की रिपोर्ट के आधार पर तैयार किया गया है. समिति ने राज्य के विभिन्न जिलों का दौरा कर लोगों से सुझाव भी लिए थे.

बिल का कांग्रेस ने किया विरोध

हालांकि, इस बिल को लेकर विपक्ष और कुछ समुदायों की ओर से कड़ा विरोध भी सामने आया है. जमालपुर से कांग्रेस विधायक इमरान खेड़ावाला ने विधानसभा में बिल का विरोध करते हुए कहा कि मुस्लिम समाज के धर्मगुरुओं को समिति में शामिल नहीं किया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चुनाव को ध्यान में रखकर यह बिल लेकर आई है. खेड़ावाला ने यह भी कहा कि आदिवासी समाज में बहुपत्नी प्रथा होने के बावजूद उन्हें बिल से बाहर रखा गया है. उन्होंने ‘हलाला’ जैसे मुद्दों को गलत तरीके से पेश करने का आरोप भी लगाया और सरकार से पूछा कि गुजरात में ऐसे मामलों की वास्तविक संख्या क्या है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वह इस बिल का विरोध करते हैं और समाज के नेताओं के साथ मिलकर इसका विरोध जारी रहेगा.

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