Haryana News: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय निवेश को बढ़ावा देने और वैश्विक औद्योगिक साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में प्रयास कर रही है. इसी कड़ी में हरियाणा के कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने स्वीडन के स्टॉकहोम में अंतरराष्ट्रीय विकास सहयोग एवं विदेश व्यापार मंत्री बेंजामिन डौसा के साथ द्विपक्षीय बैठक में हिस्सा लिया. बैठक में भारत-स्वीडन संबंधों को और मजबूत बनाने के साथ-साथ हरियाणा में निवेश, व्यापार, शिक्षा, कौशल विकास और ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई.
वैश्विक साझेदारी को बढ़ावा देने पर जोर
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार प्रदेश की औद्योगिक क्षमता को अंतरराष्ट्रीय अवसरों से जोड़ने और विदेशी निवेश आकर्षित करने पर जोर दे रही है. स्वीडन के मंत्री बेंजामिन डौसा के साथ हुई बैठक को इसी दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है. बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को व्यापक बनाने और उद्योगों के लिए सहयोग के नए रास्ते तलाशने पर विचार-विमर्श किया गया.
कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि भारत और स्वीडन के बीच व्यापारिक एवं औद्योगिक सहयोग की व्यापक संभावनाएं हैं. दोनों देशों के बीच मजबूत साझेदारी से निवेश को प्रोत्साहन मिलने के साथ-साथ तकनीकी सहयोग, कौशल विकास और रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो सकते हैं. उन्होंने हरियाणा की औद्योगिक क्षमता, बेहतर कनेक्टिविटी और निवेश की संभावनाओं को इस साझेदारी के लिए महत्वपूर्ण बताया.
18 ड्राई पोर्ट के माध्यम से व्यापार बढ़ाने पर चर्चा
बैठक में हरियाणा के 18 ड्राई पोर्ट के माध्यम से व्यापारिक और लॉजिस्टिक्स सहयोग को बढ़ावा देने के विषय पर भी चर्चा हुई. इसके तहत निर्यात, माल परिवहन और औद्योगिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने की संभावनाओं पर विचार किया गया. बेहतर व्यापारिक संपर्क और लॉजिस्टिक्स सहयोग से हरियाणा के उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद मिल सकती है.
इसके अलावा, दोनों देशों के शहरों के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए ‘सिस्टर सिटी’ की अवधारणा को आगे बढ़ाने पर भी चर्चा हुई. इस पहल के माध्यम से शहरों के बीच अनुभवों का आदान-प्रदान, विकास संबंधी सहयोग और विभिन्न क्षेत्रों में संस्थागत साझेदारी को प्रोत्साहित किया जा सकता है.
शिक्षा, कौशल विकास और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग की संभावनाएं
द्विपक्षीय बैठक में व्यापार और निवेश के साथ-साथ शिक्षा, कौशल विकास तथा ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी विचार किया गया. इन क्षेत्रों में साझेदारी से तकनीकी ज्ञान के आदान-प्रदान, प्रशिक्षण और औद्योगिक विकास को गति देने की संभावनाएं हैं. हरियाणा में उपलब्ध औद्योगिक आधार और कुशल मानव संसाधन को अंतरराष्ट्रीय सहयोग से जोड़ना भी इस चर्चा का अहम पहलू रहा.
‘हैपनिंग हरियाणा’ में शामिल होने का दिया न्योता
बैठक के दौरान कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने स्वीडन के मंत्री बेंजामिन डौसा को आगामी ‘हैपनिंग हरियाणा’ में सहभागिता के लिए आमंत्रित किया. उन्होंने कहा कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय मंच हरियाणा की औद्योगिक क्षमता, निवेश के अवसरों और विकास की संभावनाओं को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं. इस तरह के मंचों से विदेशी उद्योगों, निवेशकों और संस्थानों के साथ संवाद बढ़ाने तथा दीर्घकालिक साझेदारी की संभावनाएं तलाशने में मदद मिल सकती है. हरियाणा सरकार का उद्देश्य प्रदेश को निवेश के लिए एक आकर्षक गंतव्य के रूप में स्थापित करना और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से आर्थिक विकास को नई गति देना है.
भविष्य में निवेश के खुलेंगे नए रास्ते
विपुल गोयल ने कहा कि भारत और स्वीडन के बीच सहयोग को मजबूत करना तथा हरियाणा में अंतरराष्ट्रीय निवेश के नए अवसरों को प्रोत्साहित करना ऐसी बैठकों का महत्वपूर्ण उद्देश्य है. व्यापार, उद्योग, शिक्षा, कौशल विकास और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाकर दोनों देशों के आर्थिक एवं संस्थागत संबंधों को और व्यापक बनाया जा सकता है. स्टॉकहोम में हुई यह बैठक हरियाणा के औद्योगिक विकास को अंतरराष्ट्रीय साझेदारी से जोड़ने, व्यापारिक सहयोग की संभावनाओं को तलाशने और भविष्य में निवेश के नए रास्ते खोलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आई है.
