UP Crime: नकली दवाओं और फर्जी बिलिंग के खिलाफ चल रही जांच में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने राजधानी की सबसे बड़ी दवा मंडी अमीनाबाद पर कड़ा प्रहार किया है. जांच के घेरे में आए प्रतिष्ठानों में से 14 के औषधि लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं, जबकि 29 के लाइसेंस निलंबित हैं. पांच फर्मों पर निर्णय अभी लंबित है. एफएसडीए की जांच में जिन प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निरस्त किए गए हैं, वे क्रॉस बिलिंग और नकली दवाओं के कारोबार में शामिल पाए गए. वहीं, जिन प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं, उन पर कार्रवाई एफएसडीए की जांच में मिली कमियों के कारण हुई है.
9 एफआईआर दर्ज की गई
अगस्त में एफएसडीए की जांच में सामने आया था कि अमीनाबाद से जुड़ी कुछ फर्में कागजों पर खरीद-बिक्री दिखाकर नकली और काउंटरफीट दवाएं बाजार में खपा रही थीं. मेसर्स हेल्थ प्लस, एम.के. फार्मा, राम फार्मा और सहारनपुर की पैशन्ट केयर सर्जिकल हाउस सहित अन्य फर्मों के खिलाफ 12 अगस्त को थाना अमीनाबाद में भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं के तहत कुल 9 एफआईआर दर्ज की गई थी.
सॉफ्टवेयर में हेरफेर के आरोप
इससे पहले जुलाई में लखनऊ में आलमबाग, बक्शी का तालाब और अमीनाबाद के एक अवैध गोदाम से नकली दवाएं जब्त हुई थी. अमीनाबाद की आठ फर्मों और एक सॉफ्टवेयर विक्रेता पर फर्जी बिलिंग व सॉफ्टवेयर में हेरफेर के आरोप में एफआईआर दर्ज हुई थी, जबकि केसरबाग में बिना भौतिक सप्लाई के क्रॉस-बिलिंग सिंडिकेट का खुलासा हुआ. विभाग के अनुसार, लखनऊ में अब तक करीब 41.58 लाख रुपये की अवैध दवाएं जब्त हो चुकी हैं और 32 लोगों के विरुद्ध 9 प्राथमिकी दर्ज हैं, जिनमें 2 गिरफ्तारियां हुई हैं.
14 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निरस्त
इसी कार्रवाई के क्रम में हेल्थ प्लस, एमके फार्मा और राम फार्मा के लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं. इनके अलावा श्री बांके बिहारी फार्मा, न्यू बाबा फार्मा, छोटा फार्मा, भारत फार्मा, विद्या फार्मा, श्री अशोक फार्मास्युटिक्स, एमडीएच फार्मा, राज राजेश्वर एंटरप्राइजेज और सुपरविजन ट्रेडर्स के लाइसेंस भी रद्द हुए हैं. मिश्रा एसोसिएट्स के मुख्य प्रतिष्ठान और उसके गोदाम पर भी यही कार्रवाई हुई है. जांच सूची के अनुसार, मिश्रा एसोसिएट्स का एक गोदाम बिना लाइसेंस के संचालित हो रहा था.
29 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित
जिन प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं, उनमें एस.एस. मेडिको, महालक्ष्मी ट्रेडर्स, ट्रेडमेड इंडिया प्रा. लि. (दो ठिकाने), मेडट्रास मल्टीवर्स, फार्मा सेल्स, सुखमनी फार्मा, बापू मेडिकल हॉल, अनंत एंटरप्राइजेज, संस्कृति फार्मा, ओम साई राम मेडिकोज (गोदाम), रुद्राक्ष फार्मा और दुर्गा डिस्ट्रीब्यूटर्स (मुख्य फर्म व गोदाम) शामिल हैं. साथ ही भगवती एंटरप्राइजेज, जय श्री महाकाल फार्मास्युटिकल्स, मैक फार्मा, श्री तिरुपति बालाजी एजेंसी, आर.जी. फार्मा, अनंतासिया फार्मा प्रा. लि., सोनल फार्मा, गायत्री फार्मा एंड सर्जिकल्स, एस.के.जी. मेडिकल्स, मां अम्बे फार्मा, श्री अष्टविनायक फार्मास्युटिकल्स, ए.एस. मेडिकल स्टोर, एस.पी. फार्मा, दूर्वा इंटरनेशनल और आरएन फार्मा के लाइसेंस भी निलंबित हैं. निलंबन अवधि में ये प्रतिष्ठान दवाओं का क्रय-विक्रय नहीं कर सकेंगे.
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पांच फर्मों पर फैसला बाकी
विनोद फार्मास्युटिकल्स डिस्ट्रीब्यूटर्स, श्री कृष्णा फार्मास्युटिकल्स डिस्ट्रीब्यूटर्स, राज एंड ब्रदर्स फार्मा, गुरुजी फार्मास्युटिकल्स और सन लाइट फार्मा को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन इनके मामलों में अंतिम निर्णय अभी लंबित है. इन पांचों फर्मों के ठिकाने भी अमीनाबाद में ही हैं.
अभियान जारी रहने के संकेत
अमीनाबाद की दवा मंडी में एक साथ इतने प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई से कारोबारियों में हड़कंप है। विभाग ने नकली दवाओं और फर्जी बिलिंग के नेटवर्क के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रखने की बात कही है.
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