HD Revanna Discharged: बेंगलूरू की स्पेशल कोर्ट ने JD(S) विधायक और पूर्व मंत्री एच डी रेवन्ना को 2024 में दर्ज यौन उत्पीड़न के एक मामले से बरी कर दिया है.
30 December, 2025
HD Revanna Discharged: JD(S) विधायक और पूर्व मंत्री हरदानहल्ली देवेगौड़ा रेवन्ना को 2024 में दर्ज यौन उत्पीड़न के एक मामले से बरी कर दिया गया है. बेंगलूरू की स्पेशल कोर्ट ने हसन जिले के होलेनारसीपुर टाउन पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले से एच डी रेवन्ना को बरी कर दिया. इससे पहले, कर्नाटक हाई कोर्ट ने रेवन्ना के खिलाफ मामले को रद्द करने की याचिका पर सुनवाई के बाद, इसे ट्रायल कोर्ट को यह विचार करने के लिए भेजा था कि क्या शिकायत दर्ज करने में चार साल की देरी को माफ किया जा सकता है.
इस आधार पर किया गया बरी
कोर्ट ने शिकायत और केस दर्ज कराने में देरी के कारण एचडी रेवन्ना पर लगे आरोपों का हटा दिया. कोर्ट ने कहा, “यह शिकायत दर्ज करने में देरी या IPC की धारा 354A (यौन उत्पीड़न) के तहत दंडनीय अपराध के संबंध में मुकदमा शुरू करने में देरी को माफ करने के लिए यह सही मामला नहीं है, जिसका आरोप आरोपी नंबर 1 पर Cr.PC की धारा 473 के तहत लगाया गया है. इसलिए, यह कोर्ट आरोपी नंबर 1 के खिलाफ IPC की धारा 354A के तहत दंडनीय उक्त अपराध का संज्ञान लेने से इनकार करता है.” इसमें आगे कहा गया, “इस तरह, आरोपी नंबर 1 को इस मामले में IPC की धारा 354A के तहत उस पर लगाए गए अपराध से बरी किया जाता है.”
क्या है पूरा मामला
एच डी रेवन्ना के खिलाफ यौन उत्पीड़न का आरोप तब सामने आया, जब उनके बेटे और पूर्व हसन सांसद प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ कई बलात्कार और यौन शोषण के मामले दर्ज किए गए. 26 अप्रैल, 2024 को लोकसभा चुनावों से पहले उनके आपत्तिजनक वीडियो वाले पेन-ड्राइव सर्कुलेट किए गए थे, जिसके बाद यह खुलासा हुआ. प्रज्वल रेवन्ना मामले में शिकायतकर्ताओं में से एक ने एच डी रेवन्ना भी पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था.
शिकायत दर्ज कराने वाली महिला ने आरोप लगाया कि वह 2019 से 2022 तक होलेनारसीपुरा में एक लड़कियों के हॉस्टल में किचन असिस्टेंट के तौर पर काम कर रही थी. उसने दावा किया कि इस दौरान उससे रेवन्ना के घर पर घरेलू काम भी करवाए जाते थे. महिला ने बताया कि 2020 में जब घर पर कोई नहीं था, तब एसडी रेवन्ना ने उसका शोषण किया. उसने उनके बेटे प्रज्वल पर भी यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया. प्रज्वल रेवन्ना को पहले ही उनके खिलाफ चार यौन शोषण और बलात्कार के मामलों में से एक में दोषी ठहराया जा चुका है.
यह भी पढ़ें- Arvalli मामले में अपने ही फैसले पर SC ने लगाई रोक, केंद्र-राज्यों को जारी किया नोटिस; पूछे सवाल
