Home राज्य Patanjali Misleading Ads Case: सुप्रीम कोर्ट से रामदेव को राहत नहीं, दूसरे माफीनामे को कर दिया खारिज

Patanjali Misleading Ads Case: सुप्रीम कोर्ट से रामदेव को राहत नहीं, दूसरे माफीनामे को कर दिया खारिज

by Rashmi Rani 10 April 2024, 3:33 PM IST (Updated 22 September 2025, 11:58 AM IST)
10 April 2024, 3:33 PM IST (Updated 22 September 2025, 11:58 AM IST)
Patanjali Misleading Ads Case

Patanjali Misleading Ads Case: पतंजलि के भ्रामक विज्ञापन मामले में सुप्रीम कोर्ट ने योग गुरु बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण को फटकार लगाई है.

10 April, 2024

Patanjali Misleading Ads Case: पतंजलि के भ्रामक विज्ञापन मामले में सुप्रीम कोर्ट ने योग गुरु रामदेव और आचार्य बालकृष्ण को फटकार लगाई है. कोर्ट ने उनके दूसरे माफीनामे को खारिज कर दिया है. जस्टिस हिमा कोहली और जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्ला की बेंच ने सुनवाई में कहा कि जानबूझकर कोर्ट के आदेश का उल्लंघन किया गया है तो अब कार्रवाई के लिए तैयार रहें. वहीं, कोर्ट ने यह भी कहा कि आपका माफीनाम स्वीकार नहीं किया जाएगा. इतना ही नहीं पतंजलि आयुर्वेद के खिलाफ कोई कदम ना उठाने पर अदालत ने उत्तराखंड स्टेट लाइसेंसिंग अथॉरिटी को लताड़ भी लगाई है.

हलफनामे में कर रहे हैं धोखाधड़ी

जस्टिस हिमा कोहली और जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्ला ने कहा कि आप हलफनामे में धोखाधड़ी कर रहे हैं. हमें तो हैरानी हो रही है कि इसे तैयार किसने किया है. हम इसे कोर्ट के आदेश का उल्लंघन मान रहे हैं और आपके हलफनामे को ठुकराया जाता है. हम अंधे नहीं हैं, हमें सब कुछ दिखाई देता है. अगर गलती की है तो सजा भी भुगतना पड़ेगा. सुप्रीम कोर्ट ने ड्रग्स लाइसेंसिंग अधिकारियों को भी सस्पेंड करने का आदेश जारी कर दिया है. कोर्ट ने ड्रग्स विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर मिथिलेश कुमार को फटकार लगाई है.

हलफनामों के जरिए बिना शर्त मांगी थी माफी

आपको बता दें कि पतंजलि आयुर्वेद के प्रॉडक्ट के फायदों के बारे में विज्ञापन में बड़े बड़े दावे किये गए थे, जिस पर रामदेव और बालकृष्ण ने बिना शर्त माफी मांगी थी. बीते साल 21 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट के फैसले में दर्ज बयानों के उल्लंघन के मामले में रामदेव और बालकृष्ण ने दो अलग अलग हलफनामों के जरिए बिना शर्त माफी मांगी है. 21 नवंबर 2023 के आदेश में अदालत ने कहा था कि पतंजलि आयुर्वेद की नुमाइंदगी कर रहे वकील ने भरोसा दिया था कि आइंदा वो किसी कानून का उल्लंघन नहीं करेंगे. खासकर अपने प्रॉडक्ट के बारे में और दूसरे किसी भी मेडिसिन सिस्टम के बारे में मीडिया को किसी भी रुप में कोई कैजुअल बयान नहीं देंगे.

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