Home Latest News & Updates नोएडा एयरपोर्ट की जमीन पर अवैध निर्माण! 28 ग्रामीणों पर केस दर्ज; अधिग्रहण करने का लगाया आरोप

नोएडा एयरपोर्ट की जमीन पर अवैध निर्माण! 28 ग्रामीणों पर केस दर्ज; अधिग्रहण करने का लगाया आरोप

by Sachin Kumar 13 December 2025, 3:15 PM IST (Updated 18 August 2026, 1:36 PM IST)
13 December 2025, 3:15 PM IST (Updated 18 August 2026, 1:36 PM IST)

Noida Airport : जमीन अधिग्रहण को लेकर अधिकारियों ने बताया कि रबूपुरा पुलिस स्टेशन क्षेत्र के तहत नगला हुकुम सिंह गांव में अवैध निर्माण के संबंध में जिला प्रशासन की ओर से लेखपाल की तरफ से शिकायत दर्ज करने के बाद FIR दर्ज की.

Noida Airport : नोएडा के जेवर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए विस्तार के लिए तय कि गए नोटिफाइड एरिया में अवैध निर्माण करने के मामले में जिला प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई की है. नगला हुकम सिंह गांव में 28 ग्रामीणों पर रबूपुरा थाना क्षेत्र में मुकदमा दर्ज किया गया है. FIR शुक्रवार को रबूपुरा पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 (सरकारी कर्मचारी के कानूनी आदेश की अवज्ञा) और 329(3) (आपराधिक अतिक्रमण और घर में घुसपैठ) और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान से बचाने वाले अधिनियम, 1984 की धारा 2 और 3 के तहत दर्ज की गई है.

जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया अभी भी जारी

अधिग्रहण को लेकर अधिकारियों ने बताया कि रबूपुरा पुलिस स्टेशन क्षेत्र के तहत नगला हुकुम सिंह गांव में अवैध निर्माण के संबंध में जिला प्रशासन की ओर से लेखपाल (राजस्व अधिकारी) प्रत्युष राही पाठक की तरफ से दर्ज कराई गई शिकायत के बाद यह कार्रवाई हुई है. शिकायत के अनुसार, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रोजेक्ट के दूसरे चरण के लिए बीरमपुर, दयानंतपुर, रन्हेरा, मुधराह, कुरैब और करौली बंगर गांवों में करीब 1,182 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया अभी चल रही है. बताया जा रहा है कि गौतम बुद्ध नगर के जिला कलेक्टर की इजाजत के बिना नोटिफाइड जमीन पर बिक्री, खरीद या कोई भी नया निर्माण नहीं किया जा सकता है.

राज्य के खजाने को भी वित्तीय नुकसान पहुंचाते

वहीं, पुलिस ने इस मामले में बताया कि प्रशासन द्वारा निर्माण रोकने के लिए बार-बार नोटिस और निर्देश जारी करने के बाद ग्रामीणों ने भूमि अधिग्रहण और पुनर्वास नीति के तहत फायदा उठाने की कोशिश में अवैध निर्माण जारी रखा. उन्होंने बताया कि गुरुवार को इसी मामले में उसी पुलिस स्टेशन में एक ग्रामीण समयवीर के खिलाफ FIR दर्ज की गई. इस मामले को लेकर जिला प्रशासन ने कहा है कि ऐसे अवैध निर्माण न केवल अधिग्रहण के नियमों का उल्लंघन करते हैं, बल्कि राज्य के खजाने को भी वित्तीय नुकसान पहुंचाते हैं और सरकारी प्रक्रियाओं को कमजोर करते हैं.

यह भी पढ़ें- Parliament attack 2001: 13 दिसंबर का वो ज़ख्म, जो आज भी भारत के दिल में ताज़ा है

You may also like

Live Times logo

Feature Posts

Newsletter

@2026 Live Time. All Rights Reserved.

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?