Family Deceased: ग्रेटर नोएडा के रबुपुरा इलाके में शनिवार को एक घर में पांच लोगों का शव मिलने से सनसनी फैल गई. घटना की जानकारी मिलते ही घर के पास सैकड़ों लोगों की भीड़ जुट गई. सूचना मिलते ही घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू कर दी. पुलिस ने बताया कि ग्रेटर नोएडा के रबुपुरा इलाके के एक गांव में शनिवार को एक दंपति और उनके तीन बच्चे मृत पाए गए. मामला फूड प्वॉयजनिंग का होने का संदेह है.
परिवार ने रात में खाया था नूडल्स
पुलिस के अनुसार, शनिवार सुबह नगला श्री पदम गांव में महेश (37), उनकी पत्नी ललिता (35), बेटी मिष्टी (7) और बेटे लड्डू (11) व साक्षात (3) मृत पाए गए. पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच में यह फूड प्वॉयजनिंग का मामला लग रहा है. स्थानीय लोगों और महेश की मां के मुताबिक, परिवार ने पिछली रात खाने में नूडल्स खाए थे. घटना के बाद फोरेंसिक अधिकारी और खाद्य सुरक्षा विभाग की एक टीम सबूत और सैंपल इकट्ठा करने के लिए मौके पर पहुंची. अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है.
जेवर विधायक ने जताया दुख
पुलिस के अनुसार, मौत के सही कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के नतीजों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. बीजेपी के जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह ने घटनास्थल का दौरा किया. उन्होंने बताया कि उन्होंने इस दुखद घटना के बारे में मुख्यमंत्री कार्यालय को सूचित कर दिया है. उन्होंने कहा कि इस बात पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है कि परिवार द्वारा खाए गए भोजन में कोई जहरीला पदार्थ था या मौत किसी अन्य कारण से हुई. कहा कि मौत का सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा. जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह ने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में एक ही परिवार के पांच सदस्यों (जिनमें तीन बच्चे भी शामिल हैं) की असामयिक मौत बेहद दुखद और दिल दहला देने वाली है.
जांच में जुटी पुलिस, प्रशासन और खाद्य विभाग की टीमें
पुलिस, प्रशासन और खाद्य विभाग की टीमें जांच में जुटी हुई हैं. उन्होंने कहा कि मुझे उम्मीद है कि इस घटना के हर पहलू की निष्पक्ष जांच होगी. जल्द से जल्द यह साफ होना चाहिए कि आखिर किस वजह से पूरा परिवार इस तरह दुखद रूप से खत्म हो गया. महेश अपने परिवार के साथ गांव में रहता था और मज़दूरी करके अपने घर का खर्च चलाता था. शुक्रवार की रात को परिवार ने लगभग 10 बजे खाना खाया, जिसके बाद सब सो गए. शनिवार सुबह, जब घर का दरवाज़ा काफी देर तक बंद रहा और परिवार का कोई भी सदस्य बाहर नहीं निकला, तो पड़ोसियों को चिंता हुई कि कहीं कुछ अनहोनी तो नहीं हो गई. वे परिवार वालों को जगाने गए, लेकिन दरवाज़ा अंदर से बंद था. खिड़की से झांकने पर पड़ोसियों ने देखा कि परिवार के सभी पांचों सदस्य अपने-अपने बिस्तर पर लेटे हुए थे. आवाज़ देने पर भी कोई जवाब नहीं मिला. इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई.
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News Source: ANI
