Azam Khan FIR: सपा नेता और पूर्व लोकसभा सांसद आजम खान की मुश्किलें बढ़ गई हैं. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आजम खान के खिलाफ FIR दर्ज की है. ईडी ने यह कार्रवाई जौहर ट्रस्ट और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं के मामले में की है. एक दिन पहले ईडी ने आजम खान से आठ घंटे की लंबी पूछताछ की थी. मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय के लखनऊ जोनल ऑफिस की एक टीम रामपुर जिला जेल पहुंची और समाजवादी पार्टी के नेता से कई पहलुओं पर पूछताछ की. अब तक की जांच में इकट्ठा किए गए सबूतों और बयान के आधार पर ईडी ने रामपुर के अजीमनगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई है.
फंडिंग की हेरा-फेरी की जांच
राज्य के पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान, कुछ परिवार के सदस्यों और सहयोगियों के साथ जौहर ट्रस्ट में मुख्य ट्रस्टी हैं. मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट रामपुर जिले में मुहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी और एक पब्लिक स्कूल चलाता है. ED द्वारा प्राइवेट कॉन्ट्रैक्टर के जरिए सरकारी कॉन्ट्रैक्ट के फंड को कथित तौर पर दूसरी जगह डायवर्ट करने और उसके बाद उसके इस्तेमाल की जांच की जा रही है. जांच एजेंसी के मुताबिक, दूसरी जगह भेजे गए फंड का इस्तेमाल कथित तौर पर यूनिवर्सिटी और ट्रस्ट प्रॉपर्टी बनाने समेत कई कामों के लिए किया गया.
तलाशी और पूछताछ के बाद हुई FIR
यह कदम उत्तर प्रदेश और दिल्ली में आजम खान से जुड़ी दस जगहों पर तलाशी लेने के लगभग ढाई महीने बाद उठाया गया है. तलाशी अभियान 19 अगस्त को शुरू किया गया था, जिसमें उत्तर प्रदेश के रामपुर और सहारनपुर के साथ-साथ दिल्ली की जगहें भी शामिल थीं. जिन जगहों पर तलाशी ली गई, उनमें मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी भी शामिल थे.
ED ने कहा कि उसकी जांच में अब तक यह पता चला है कि “कुछ ठेकेदारों और ट्रस्ट के बीच वित्तीय लेन-देन हुआ है और सरकारी कॉन्ट्रैक्ट से फायदा उठाने वाले ठेकेदारों ने फंड को मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की तरफ मोड़ दिया, जिसमें भारी डोनेशन और निर्माण कार्य शामिल हैं.” ED इस मामले की जांच कर रही है ताकि सरकारी फंड के कथित तौर पर दूसरी जगह लगाने और इस्तेमाल से जुड़े अपराध से हुई कमाई, वित्तीय रिकॉर्ड, दस्तावेज और डिजिटल सबूतों का पता लगाया जा सके.
जेल में हैं आजम खान
रामपुर सदर से 10 बार विधायक रहे और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान, समाजवादी पार्टी के सबसे प्रमुख मुस्लिम चेहरों और लंबे समय से प्रभावशाली नेताओं में से हैं. धोखाधड़ी के एक मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद से वह पिछले साल नवंबर से रामपुर जिला जेल में बंद हैं. मई 2026 में ही आजम खान को 2019 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान सरकारी अधिकारियों (जिनमें तत्कालीन कलेक्टर-सह-जिला मजिस्ट्रेट भी शामिल थे) के खिलाफ “जूते साफ करने” वाली आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में दो साल की जेल की सजा सुनाई गई है.
दिल्ली से लेकर रामपुर तक, जौहर यूनिवर्सिटी समेत आजम खान के 10 ठिकानों पर ED की रेड
News Source: ANI
