UP Panchayat Elections: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने बुधवार को ग्राम पंचायत चुनाव मामले में एक अहम फ़ैसला सुनाते हुए राज्य सरकार को तीन महीने के भीतर चुनाव कराने का निर्देश दिया. कोर्ट के आदेश के अनुसार, सभी निवर्तमान ग्राम प्रधान नए चुनाव होने तक प्रशासक के तौर पर अपने पदों पर कार्य करते रहेंगे. इलाहाबाद हाई कोर्ट ने बुधवार को आदेश दिया कि मौजूदा प्रतिनिधियों का कार्यकाल खत्म होने के तीन महीने के अंदर राज्य में ग्राम पंचायत चुनाव कराए जाएं. कोर्ट ने फैसला सुनाया कि चुनाव होने तक बीच के समय में निवर्तमान ग्राम प्रधान प्रशासक के तौर पर काम करेंगे. जस्टिस अजीत कुमार और जस्टिस गरिमा प्रसाद की डिवीजन बेंच ने यह फैसला सुनाया.
प्रशासक के तौर पर काम करते रहेंगे मौजूदा प्रधान
यह याचिका प्रयागराज के इम्तियाज हुसैन और अन्य द्वारा समय पर चुनाव कराने की मांग को लेकर दायर की गई थी. इससे पहले ग्राम पंचायत का कार्यकाल खत्म होने के बाद प्रशासकों की नियुक्ति पर लगभग तीन घंटे तक चली सुनवाई के बाद बेंच ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. बेंच उन याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी जिनमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार के 25 मई के उस फैसले को चुनौती दी गई थी, जिसके तहत ग्राम प्रधानों को प्रशासक नियुक्त किया गया था. इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार, पंचायती राज निदेशक, जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और जिला पंचायती राज अधिकारी को प्रतिवादी बनाया गया था. कोर्ट ने फैसला सुनाया कि चुनाव होने तक बीच के समय में निवर्तमान ग्राम प्रधान प्रशासक के तौर पर काम करेंगे.
उत्तर प्रदेश में लाखों फर्जी वोट : अखिलेश यादव
इससे पहले, समाजवादी पार्टी (SP) के प्रमुख अखिलेश यादव ने 12 अक्टूबर को सत्ताधारी BJP पर तीखा हमला करते हुए पूरे उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर चुनावी धांधली का आरोप लगाया था. स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया में भारी अनियमितताओं का हवाला देते हुए यादव ने दावा किया कि वोटर लिस्ट की विश्वसनीयता बुरी तरह प्रभावित हुई है. उत्तर प्रदेश में लाखों फ़र्ज़ी वोट हैं. एक ही व्यक्ति के नाम पर दस-दस वोट दर्ज हैं. हमने कई विधानसभा क्षेत्रों में ऐसे फ़र्ज़ी वोटों की पहचान की है.
कहा- SIR में गड़बड़ियां
कहा कि हम इसकी सूची जारी करेंगे. इसका मतलब है कि SIR में गड़बड़ियां हैं. SIR पर करोड़ों रुपये खर्च हुए और समय भी बर्बाद हुआ. हम BJP को सभी 403 सीटों पर इस धोखाधड़ी से बचकर नहीं निकलने देंगे. समाजवादी पार्टी (SP) के प्रमुख अखिलेश यादव ने लखनऊ में समाजवादी नेता राम मनोहर लोहिया की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए ये बातें कहीं. पार्टी नेताओं से घिरे हुए उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने समाजवादी विचारधारा के प्रति अपनी पार्टी की प्रतिबद्धता दोहराई और उन सिद्धांतों को ज़मीनी हकीकत में बदलने पर नए सिरे से ध्यान केंद्रित करने की घोषणा की.
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News Source: ANI
