Jantar Mantar: जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन की अनुमति न देने का मामला अब कोर्ट में पहुंच गया है. दिल्ली हाई कोर्ट ने जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन की अनुमति मांगने वाली जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई के लिए 16 अक्टूबर की तारीख तय की है. कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नितिन वासुदेव साम्ब्रे और न्यायमूर्ति संजय शर्मा की पीठ ने विरोधाभासी आदेशों से बचने के लिए याचिकाकर्ता से सुप्रीम कोर्ट में लंबित समान मामले की कॉपी रिकॉर्ड पर लाने को कहा है. अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने अदालत को बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने विरोध-प्रदर्शनों से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई 15 अक्टूबर तक टाल दी है. यह मामला 10 और 11 अक्टूबर को मध्य दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद सामने आया है, जब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में सैकड़ों लोग सड़कों पर उतरे थे.
CEC पर अनियमितताओं का आरोप
प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए मतदाता सूची के ‘विशेष गहन संशोधन’ (SIR) में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया था. याचिका में शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार को अभिव्यक्ति की आज़ादी का हिस्सा घोषित करने की भी मांग की गई है. कोर्ट ने नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ़ इंडिया (NSUI) के अध्यक्ष विनोद जाखड़ की एक PIL पर सुनवाई भी नवंबर तक के लिए टाल दी. इस याचिका में 10 अक्टूबर को आम प्रदर्शनकारियों पर दिन-दहाड़े हुए कई हमलों की निष्पक्ष, स्वतंत्र और समयबद्ध जांच की मांग की गई थी. जाखड़ के वकील ने कोर्ट से गुज़ारिश की कि इस दौरान संबंधित CCTV फुटेज को सुरक्षित रखने का निर्देश दिया जाए. याचिकाकर्ता अंशिखा त्रिपाठी के वकील ने कहा कि नज़रबंद किए गए लोगों की संख्या को लेकर गंभीर चिंता है.
विरोध प्रदर्शन करने की मांगी इजाजत
त्रिपाठी की याचिका में राज्य को यह निर्देश देने की मांग की गई थी कि वह शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर और उसके आस-पास विरोध प्रदर्शन करने की इजाज़त दे. इसमें शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर अत्याचारों की SIT जांच और नज़रबंदी की समीक्षा की भी मांग की गई थी. याचिका में निषेधाज्ञा जारी करने, मध्य दिल्ली में इंटरनेट बंद करने और मेट्रो स्टेशनों को बेवजह और ज़रूरत से ज़्यादा समय तक बंद रखने और रेलवे पर पाबंदियों को भी चुनौती दी गई. जाखड़ की जनहित याचिका में दावा किया गया है कि ऐसे वीडियो हैं जिनमें सादे कपड़ों में असामाजिक तत्व शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के साथ बदसलूकी और मारपीट करते दिख रहे हैं.
CCTV फुटेज सुरक्षित रखने की मांग
इसमें अधिकारियों को निर्देश देने की मांग की गई कि वे 10 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे तक का CCTV फुटेज सुरक्षित रखें और जांच टीम को सौंप दें. यह फुटेज कनॉट प्लेस के इनर और आउटर सर्कल, इंदिरा चौक, खादी ग्रामोद्योग भवन के बाहर की सड़क, संसद मार्ग, जनपथ और जंतर-मंतर रोड, और राजीव चौक, जनपथ, पटेल चौक और बाराखंभा रोड मेट्रो स्टेशनों के सभी कैमरों से लिया जाना था. याचिकाएं दाखिल होने के बाद से जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन के लिए तय जगह के तौर पर हटा दिया गया है, और दिल्ली पुलिस ने ऐसे प्रदर्शनों के लिए तीन नई जगहों के नाम बताए हैं. दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार ने 11 अक्टूबर को एक आदेश जारी किया, जिसमें रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और CBD ग्राउंड को विरोध-प्रदर्शन के लिए नई तय जगहों के तौर पर बताया गया.
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