Indaur dooshit jal: वरिष्ठ भाजपा नेता उमा भारती ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी से हुई मौत को लेकर अपनी ही पार्टी पर तीखा हमला बोला है.
Indaur dooshit jal: वरिष्ठ भाजपा नेता उमा भारती ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी से हुई मौत को लेकर अपनी ही पार्टी पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने मोहन यादव सरकार से इस पाप के लिए दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की है. उन्होंने सभी दोषियों को चाहे वे निचले स्तर के हों या उच्च स्तर के, अधिकतम दंड देने की भी बात कही. उन्होंने इस घटना को मुख्यमंत्री मोहन यादव के लिए परीक्षा का समय बताते हुए कहा कि इससे राज्य की छवि खराब हुई है. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित लोगों से माफी मांगी जानी चाहिए. पिछले हफ्ते इंदौर के भागीरथपुरा इलाके के निवासियों को नगर निगम द्वारा आपूर्ति किए गए पानी का सेवन करने के बाद उल्टी और दस्त के लक्षण दिखने लगे. बाद में पता चला कि पानी दूषित था.
मौत ने पूरी व्यवस्था को किया शर्मसार
स्थानीय लोगों का दावा है कि अब तक छह महीने के बच्चे सहित 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि चार लोगों की मौत हुई है. इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि उन्हें 10 मौत की जानकारी मिली है. X पर एक पोस्ट में उमा भारती ने कहा कि दूषित पानी पीने से 2025 के अंत में इंदौर में हुई मौत ने हमारे राज्य, हमारी सरकार और हमारी पूरी व्यवस्था को शर्मसार और कलंकित कर दिया है. उन्होंने कहा कि जिस शहर को राज्य के सबसे स्वच्छ शहर का पुरस्कार मिला है, वहां इतनी बदसूरती, गंदगी और दूषित पानी है कि अनगिनत लोगों की जान जा चुकी है और मरने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है. भारती ने कहा कि जीवन की कीमत दो लाख रुपये नहीं है, क्योंकि उनके परिवार जीवन भर शोक में डूबे रहते हैं.
जनता से माफी मांगे सरकार
कहा कि इस पाप का कड़ा प्रायश्चित होना चाहिए, प्रभावित लोगों से माफी मांगी जानी चाहिए और सभी दोषियों को, चाहे वे निचले स्तर के हों या उच्च स्तर के, अधिकतम सजा मिलनी चाहिए. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के लिए यह एक कठिन समय है. इससे पहले दिन में मुख्यमंत्री यादव ने जल प्रदूषण मामले को लेकर इंदौर नगर निगम के शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का आदेश दिया, जिसमें शहर से एक अतिरिक्त आयुक्त का तत्काल तबादला भी शामिल है. अधिकारियों ने बताया कि पिछले नौ दिनों में भागीरथपुरा में 1,400 से अधिक लोग उल्टी और दस्त से प्रभावित हुए हैं. उन्होंने बताया कि भागीरथपुरा में एक पुलिस चौकी के पास, जिस स्थान पर शौचालय बना हुआ है, वहां मुख्य पेयजल आपूर्ति पाइपलाइन में रिसाव पाया गया, जिससे जल आपूर्ति दूषित हो गई.
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