US-Venezuela Conflict : निकोलस मादुरो को अमेरिका द्वारा कैद करने को लेकर चीन से लेकर रूस और अन्य देश ने खुली निंदा की है. इसी बीच क्यूबा ने भी साफ कर दिया कि दुनिया की ताकतों को एकजुट हो जाना चाहिए.
US-Venezuela Conflict : वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो (Nicolás Maduro) को उनके बख्तरबंद ठिकाने से उठाने के बाद अमेरिका की पूरी दुनिया में आलोचना हो रही है. चीन से लेकर रूस और अन्य देश ने एक संप्रभु देश के राष्ट्राध्यक्ष को उठाने को लेकर निंदा की है. इसी बीच भारत में क्यूबा के राजदूत जुआन कार्लोस मार्सन अगुइलेरा ने सोमवार को वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को निंदा की. उन्होंने इस घटना को आपराधिक और आतंकी कृत्य बताया है. साथ ही यह संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन है. समाचार एजेंसी PTI को दिए एक इंटरव्यू में अगुइलेरा ने कहा कि कोई भी एक देश अमेरिका को एकतरफा कार्रवाई से नहीं रोक सकता है, लेकिन दुनिया की ताकतों को इकट्ठा होकर अमेरिका के पागलपन का मुकाबला करना चाहिए.
यह एक आतंकी और आपराधिक कृत्य
राजदूत अगुइलेरा ने कहा कि वेनेजुएला के प्रति यह अमेरिका सैन्य आक्रामकता मेरी राय में एक आपराधिक और आतंकी कृत्य है. उन्होंने यह भी कहा कि एक संप्रभु देश के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई है. टैरिफ युद्ध और ईरान को धमकियों के साथ सैन्य हमलों समेत अमेरिका ने व्यापक कार्रवाईयां की हैं. साथ ही उन्होंने इस ओर भी इशारा किया कि वैश्विक ताकतों को एकजुट हो जाना चाहिए. राजदूत ने कहा कि मुझे लगता है कि कोई अकेला देश अमेरिका का सीधा मुकाबला नहीं कर सकता है और न ही रोक सकता है. साथ ही यह ताकतों को एकजुट करने का समय है और हमारे पास आज संयुक्त राष्ट्र भी है. हम यह नहीं मान सकते हैं कि संयुक्त राष्ट्र अपनी भूमिका न निभाए और अब हमारे पास ब्रिक्स जैसा एक मजबूत संगठन भी है. साथ ही यह भी कतई स्वीकार नहीं कर सकते कि यह संगठन अमेरिकी की शर्तों के आगे झुक जाए.
दुनिया को एक खतरनाक संदेश दिया
उन्होंने कहा कि यह सभी आवाजों को एक प्लेटफॉर्म लाने का वक्त है और यही एकमात्र तरीका है कि हम इसका सीधा विरोध करें. क्यूबा के राजदूत ने चेतावनी दी कि यह कार्रवाई दुनिया को एक खतरनाक संकेत देती है, जिससे एक देश को अंतरराष्ट्रीय कानून तोड़कर अपनी मर्जी थोपने की इजाजत मिलती है. अगुइलेरा ने बदलती वैश्विक स्थिति में भारत की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि दुनिया को एक बड़ी शक्ति के रूप में इंडिया की जरूरत है ताकि जरूरी संतुलन बनाया जा सके और सभी देशों के फायदे के लिए एक स्थायी भविष्य सुनिश्चित किया जा सके. उन्होंने कहा कि मुझे पूरा भरोसा है कि ग्लोबल साउथ की आवाज के तौर पर भारत की भूमिका भविष्य में लगातार मजबूत होती रहेगी. दुनिया को जिस संतुलन की जरूरत है, उसे बनाने के लिए हमें एक बड़े देश के तौर पर भारत की जरूरत है.
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