I-PAC Controversy : I-PAC कंपनी पर छापेमारी के बाद से टीएमसी लगातार केंद्र सरकार का विरोध कर रही है. इसी कड़ी में CM ममता ने एक रोड शो किया और जनता को बताया कि केंद्र जांच एजेंसी का गलत उपयोग कर रही है.
I-PAC Controversy : प्रवर्तन निदेशालय (ED) की तरफ से I-PAC कंपनी पर छापेमारी के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने आंदोलन करना शुरू कर दिया. TMC के करीब 8 सांसदों ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के बाहर प्रदर्शन किया. इसी कड़ी में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (CM Mamata Banerjee) ने शुक्रवार को दक्षिण कोलकाता में ED की कार्रवाई के खिलाफ एक मार्च निकाला. साथ ही पार्टी की प्रमुख ने राज्य की सड़कों पर विधानसभा चुनाव 2026 से पहले भी ताकत दिखाने की कोशिश की. वहीं, जब ममता बनर्जी बस स्टैंड इलाके से हजरा मोड़ी की तरफ चल रही थी उस दौरान उनके साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता, मंत्री, सांसद, विधायक और पार्टी के पदाधिकारी भी मौजूद थे.
राजनीतिक विरोध बना उत्सव
सड़क मार्च के दौरान TMC के नेताओं ने बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर राजनीतिक बदले के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया. यह रैली सत्तारूढ़ पार्टी ने I-PAC कंपनी पर की गई जांच एजेंसी की रेड के बाद शुरू की गई है. हालांकि, यह मार्च पूरी तरह से बंगाली संस्कृति के रंग में रंगा हुआ था. पार्टी कार्यकर्ताओं ने जोश के साथ मुखोपाध्याय का मशहूर गाना ‘आमी बांग्लाय गान गाई’ गाया. वहीं, महिलाओं ने शंख बजाए और इस दौरान पार्टी का विरोध एक तरह से सड़क उत्सव में तब्दील हो गया. ममता बनर्जी ने इस दौरान अपनी पहचान वाली सफेद सूती साड़ी, शॉल और चप्पल पहने जुलूस के आगे-आगे मजबूती से चल रही थीं.
VIDEO | Kolkata: West Bengal CM Mamata Banerjee leads protest rally against ED raids on I-PAC.
— Press Trust of India (@PTI_News) January 9, 2026
The ED on Thursday conducted searches at the office of the political consultancy firm I-PAC and the residence of its director Pratik Jain in Kolkata, an action that ignited high… pic.twitter.com/ayjzvQxnUB
कई सितारे भी मैदान पर उतरें
रैली को मजबूत करने के लिए ममता बनर्जी के अलावा स्टार पावर, एक्टर-नेता देव और सोहम चक्रवर्ती और बंगाली फिल्म इंडस्ट्री के जाने पहचाने चेहरे भी मौजूद थे. उनकी मौजूदगी से लोगों ने तालियां और सीटियां भी बजाई. वहीं, TMC नेताओं ने कहा कि यह मार्च पार्टी द्वारा प्लान किए गए राज्यव्यापी आंदोलनों की श्रृंखला में पहला था जो इस बात का संकेत देता है कि ममता बनर्जी राजनीतिक लड़ाई को कॉन्फ्रेंस रूम और कोर्टरूम से निकालकर सड़कों पर वापस लाना चाहती है. उन्होंने आगे कहा कि यह वही जगह है जिसको वह अच्छी तरह से जानती हैं और उनकी राजनीति के सबसे बड़े प्रतीकों में से एक है. साथ ही वह अपना सबसे शक्तिशाली रूप भी दिखाती हैं.
यह भी पढ़ें- ईरान के हालात और खराबः पूरे देश में इंटरनेट ठप, बसों, कारों और दमकल गाड़ियों में लगाई आग
